यूपी में बाढ़ से 17 जिले प्रभावित, 1.70 लाख लोग संकट में; योगी सरकार ने तेज किए राहत-बचाव अभियान
UP News: उत्तर प्रदेश में लगातार बने बाढ़ के हालात के बीच योगी सरकार ने राहत और बचाव व्यवस्था को और तेज कर दिया है। प्रदेश के 17 जिले इस समय बाढ़ की चपेट में हैं और करीब 1.70 लाख लोग प्रभावित बताए जा रहे हैं। प्रशासन की ओर से प्रभावित लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने के साथ भोजन, स्वास्थ्य सुविधा और आश्रय उपलब्ध कराने का काम जारी है।
राहत आयुक्त कार्यालय के अनुसार, 30 अगस्त तक बाढ़ से प्रभावित 17 जिलों में अब तक किसी व्यक्ति की जनहानि या पशुहानि की सूचना नहीं है। सरकार का दावा है कि संवेदनशील इलाकों में प्रशासनिक टीमें लगातार निगरानी कर रही हैं और जरूरत के मुताबिक राहत सामग्री पहुंचाई जा रही है।
1600 से ज्यादा बाढ़ चौकियां सक्रिय
बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में स्थानीय स्तर पर निगरानी और त्वरित राहत के लिए अब तक 1,633 बाढ़ चौकियां स्थापित की गई हैं। इन चौकियों के जरिए प्रभावित इलाकों की स्थिति पर नजर रखने के साथ जरूरतमंद लोगों तक मदद पहुंचाने का काम किया जा रहा है।
राहत अभियान में 525 नाव और मोटरबोट लगाए गए हैं। वहीं, लोगों को सुरक्षित रखने के लिए 254 बाढ़ शरणालय बनाए गए हैं, जहां फिलहाल करीब 1,151 लोग रह रहे हैं।
लाखों लंच पैकेट और खाद्यान्न का वितरण
बाढ़ के दौरान प्रभावित परिवारों के सामने भोजन की समस्या न आए, इसके लिए बड़े स्तर पर खाद्य सामग्री वितरित की जा रही है। रविवार को 2,024 खाद्यान्न पैकेट और 10,784 लंच पैकेट बांटे गए।
अब तक प्रदेशभर में 55,572 खाद्यान्न पैकेट और करीब 3.02 लाख लंच पैकेट प्रभावित लोगों तक पहुंचाए जा चुके हैं। प्रशासन की ओर से बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में आवश्यकता के अनुसार राहत सामग्री उपलब्ध कराने का सिलसिला जारी है।
200 मेडिकल टीमें संभाल रहीं मोर्चा
बाढ़ के साथ संक्रमण और बीमारियों का खतरा भी बढ़ जाता है। इसे देखते हुए प्रभावित क्षेत्रों में 200 मेडिकल टीमें तैनात की गई हैं। स्वास्थ्य और स्वच्छता व्यवस्था को मजबूत करने के लिए अब तक 5,432 क्लोरीन टैबलेट और 5,441 ओआरएस पैकेट वितरित किए गए हैं।
सरकार का फोकस केवल लोगों तक चिकित्सा सुविधा पहुंचाने तक सीमित नहीं है, बल्कि साफ पानी और स्वच्छता के जरिए बाढ़ के बाद फैलने वाली बीमारियों को रोकने पर भी है।
पशुओं के लिए भी चारे की व्यवस्था
बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में पशुधन की सुरक्षा को लेकर भी प्रशासन की ओर से इंतजाम किए गए हैं। उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक 20,556 प्रभावित पशुओं के लिए 425.89 क्विंटल भूसा वितरित किया गया है।
वहीं, बाढ़ के कारण 12 मकान क्षतिग्रस्त हुए हैं। इनमें से 11 प्रभावित लोगों को आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जा चुकी है।
ये 17 जिले बाढ़ की चपेट में
राहत आयुक्त कार्यालय के मुताबिक प्रदेश के अयोध्या, आजमगढ़, बलिया, बाराबंकी, बदायूं, चित्रकूट, फर्रुखाबाद, हमीरपुर, हरदोई, कासगंज, कन्नौज, कानपुर नगर, लखीमपुर खीरी, मुरादाबाद, संत कबीर नगर, शाहजहांपुर और वाराणसी में बाढ़ का असर है।
इन जिलों में प्रशासन और राहत टीमों को अलर्ट पर रखा गया है। सरकार की प्राथमिकता प्रभावित आबादी को सुरक्षित रखना और जरूरत के समय तत्काल राहत उपलब्ध कराना है। फिलहाल राहत-बचाव अभियान लगातार जारी है और बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों की स्थिति पर प्रशासन की नजर बनी हुई है।







