अखिलेश के PDA रथ पर ‘20 करोड़’ का पोस्टरवार, बोले- 15 लाख कम करके वैनिटी वैन हमें दे दो; 2027 को लेकर भी बड़ा ऐलान
UP News: उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 की तैयारियों के बीच समाजवादी पार्टी ने अपने PDA रथ के जरिए चुनावी अभियान की शुरुआत कर दी है। रायबरेली से शुरू हुई इस यात्रा के साथ ही राजनीतिक पोस्टरवार भी देखने को मिला। अखिलेश यादव के समर्थन में लगाए गए पोस्टरों के जवाब में भाजपा की ओर से कथित तौर पर उनकी वैनिटी वैन की कीमत और सड़क को लेकर सवाल उठाए गए।
रायबरेली में मीडिया से बातचीत के दौरान अखिलेश यादव ने वैनिटी वैन की कीमत को लेकर किए जा रहे सवालों पर तंज कसा। उन्होंने कहा कि जो लोग रथ की कीमत 20 करोड़ रुपये बता रहे हैं, वे 15 लाख रुपये कम करके इसे उन्हें दे दें, वह रथ उनके घर पर खड़ा कर देंगे। उन्होंने कहा कि अगर 2-4 करोड़ रुपये कम भी दें, तब भी वह लेने को तैयार हैं।
सड़क और वैनिटी वैन को लेकर छिड़ा पोस्टरवार
PDA रथ यात्रा के दौरान लगाए गए एक पोस्टर में अखिलेश यादव की वैनिटी वैन को लेकर सवाल उठाया गया। पोस्टर में पूछा गया कि जिस सड़क पर उनकी कथित 20 करोड़ रुपये की वैनिटी वैन चल रही है, वह सड़क किसने बनवाई है।
इस पर अखिलेश यादव ने पलटवार करते हुए वैनिटी वैन की कीमत को लेकर ही तंज कस दिया। रायबरेली में उनके रथ के पहुंचने से पहले ही पोस्टर के जरिए शुरू हुआ यह विवाद यात्रा के दौरान चर्चा का विषय बना रहा।
कुरुक्षेत्र और गीता से जोड़ा PDA रथ
अखिलेश यादव ने PDA रथ के राजनीतिक अर्थ के साथ इसे भारतीय संस्कृति के संदर्भ से भी जोड़ा। उन्होंने कहा कि भारतीय परंपरा में रथ का संबंध कुरुक्षेत्र से रहा है और भगवद्गीता से भी इससे जुड़ी सीख मिलती है।
सपा अध्यक्ष ने कहा कि इसी विचार के साथ पार्टी ने 24 सितंबर को रायबरेली से PDA रथ यात्रा शुरू की है। सपा की यह यात्रा 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले पिछड़े, दलित और अल्पसंख्यक वर्गों को केंद्र में रखकर पार्टी की राजनीतिक पहुंच बढ़ाने की रणनीति का हिस्सा है।
चुनाव आयोग पर फिर बरसे अखिलेश
रायबरेली में अखिलेश यादव ने चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि आयोग ने PDA वर्ग के वोटों की ‘चोरी’ में मदद की और दावा किया कि अगर 2022 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में ऐसा नहीं हुआ होता तो सपा की सरकार बन गई होती।
उन्होंने चुनाव आयोग को लेकर कहा कि अब उस पर भरोसा नहीं रह गया है और उस पर गंभीर सवाल खड़े हो चुके हैं। ये अखिलेश यादव के राजनीतिक आरोप हैं। हाल में चुनाव आयोग के भीतर दो चुनाव आयुक्तों द्वारा कुछ फैसलों पर आपत्ति दर्ज किए जाने की रिपोर्ट के बाद विपक्षी नेताओं ने आयोग की कार्यप्रणाली को लेकर सवाल उठाए हैं।
2027 में सहयोगियों के साथ चुनाव लड़ेगी सपा
अखिलेश यादव ने 2027 के विधानसभा चुनाव को लेकर गठबंधन की स्थिति भी स्पष्ट की। उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी अपने सहयोगी दलों के साथ मिलकर चुनाव लड़ेगी और सीटों का बंटवारा जीतने की क्षमता को आधार बनाकर किया जाएगा।
उनके मुताबिक गठबंधन में सीटों की संख्या से ज्यादा महत्व इस बात का होगा कि कौन-सी सीट किस सहयोगी के लिए जीतने योग्य है। सपा और कांग्रेस के बीच आगामी चुनाव को लेकर सीट बंटवारे की संभावित बातचीत की चर्चा भी राजनीतिक स्तर पर चल रही है।
महंगाई और ‘चुनावी तंत्र’ को लेकर भाजपा पर निशाना
सपा प्रमुख ने भाजपा पर भी हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि महंगाई जैसे मुद्दों पर जनता का समर्थन नहीं मिलने की आशंका के चलते भाजपा चुनावी तंत्र का इस्तेमाल कर रही है। उन्होंने ‘बुलडोजर की राजनीति’ का जिक्र करते हुए कहा कि PDA आंदोलन से इसे जवाब मिलेगा और जनता के वोट को ‘वोट का बुलडोजर’ बताया।
उन्होंने काशी और सहारनपुर में धार्मिक ढांचों के कथित विध्वंस को लेकर भी भाजपा पर सांप्रदायिक राजनीति करने का आरोप लगाया। ये आरोप अखिलेश यादव के राजनीतिक बयान हैं।
UCC पर बोले- पहले बराबरी सुनिश्चित हो
समान नागरिक संहिता यानी UCC के मुद्दे पर भी अखिलेश यादव ने अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि कोई कानून बनाने से पहले नागरिकों के बीच समानता सुनिश्चित की जानी चाहिए। उनका कहना था कि पहले सभी नागरिकों को बराबर अवसर और सम्मान मिले, इसके बाद ऐसे कानून बनाए जाएं जो लोगों के अधिकार और सम्मान को आगे बढ़ाएं।
रायबरेली से PDA रथ की शुरुआत के साथ सपा ने 2027 के विधानसभा चुनाव से करीब कुछ महीने पहले अपने सामाजिक गठबंधन और चुनावी मुद्दों को जमीन पर ले जाने की कवायद तेज कर दी है। आने वाले दिनों में इस रथ यात्रा का विस्तार किस तरह होता है, यह पार्टी की आगे की रणनीति पर निर्भर करेगा।







