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लखीमपुर हिंसा कांड: आशीष मिश्रा की जमानत सुप्रीम कोर्ट ने की रद्द
 

लखीमपुर खीरी केस में सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला आया है. मंत्री अजय मिश्रा टेनी के बेटे आशीष मिश्रा की जमानत रद्द हो गई है. सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि आशीष मिश्रा की जमानत अर्जी पर हाईकोर्ट नए सिरे से विचार करे. पीड़ित पक्षकारों के वकील दुष्यंत दवे ने आग्रह किया कि हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस से सुप्रीम कोर्ट कहे कि इस बार किसी अन्य पीठ के सामने ये मैटर जाए. सीजेआई ने कहा कि ऐसा आदेश पारित करना उचित नहीं होगा. हमें यकीन है कि वही जज दोबारा इस मामले को सुनना भी नहीं चाहेंगे. लखीमपुर केस: सुप्रीम कोर्ट की UP सरकार को फिर फटकार, अब रिटायर्ड जज की  निगरानी में होगी जांच - lakhimpur kheri case supreme court up government  retired judge ashish mishra NTC - AajTakसुप्रीम कोर्ट ने इलाहाबाद हाईकोर्ट का फैसला रद्द कर दिया है. सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि पीड़ितों को हर कार्यवाही में सुनवाई का अधिकार है. मौजूदा मामले में पीड़िता को सुनवाई के अधिकार से वंचित किया गया है. हाईकोर्ट ने कई अप्रासंगिक विचारों और अनदेखी मिसालों को ध्यान में रखा है. कोर्ट ने कहा कि एक हफ्ते में आशीष मिश्रा सरेंडर करें. सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि आशीष मिश्रा की जमानत अर्जी पर हाईकोर्ट नए सिरे से विचार करे.

गौरतलब है कि 16 मार्च को सुप्रीम कोर्ट ने यूपी सरकार और आशीष मिश्रा को नोटिस जारी कर उनसे जवाब मांगा था कि आशीष मिश्रा की जमानत रद्द क्यों न की जाए. सुप्रीम कोर्ट ने गवाह पर हुए  हमले के मुद्दे पर भी चिंता जताई थी. सुप्रीम कोर्ट ने यूपी सरकार को नोटिस जारी कर गवाहों की सुरक्षा के लिए उठाए जा रहे कदमों पर विस्तृत जवाब मांगा था. सुप्रीम कोर्ट ने यूपी सरकार को सभी गवाहों की सुरक्षा करने का निर्देश दिया था. याचिकाकर्ता के वकील प्रशांत भूषण ने सुप्रीम कोर्ट को बताया था कि आशीष मिश्रा को जमानत मिलने के बाद एक प्रमुख संरक्षित गवाह पर बेरहमी से हमला किया गया था और हमलावरों ने धमकी दी थी कि जब बीजेपी यूपी चुनाव जीत गई है तो वे उसका " ध्यान" रखेंगे. 

Lakhimpur Kheri Case No Evidence Was Found Against Three Accused  Chargesheet Filed Against Other Four ANN | Lakhimpur Kheri Case: लखीमपुर  खीरी केस में तीन आरोपियों के खिलाफ नहीं मिले कोई सबूत,बता दें उच्च न्यायालय की एकल पीठ ने 10 फरवरी को मिश्रा को मामले में जमानत दे दी थी. इससे पहले, वह चार महीने तक हिरासत में रहा था. इस हिंसा में चार किसानों सहित आठ लोग मारे गए थे. गौरतलब है कि किसानों का एक समूह भारतीय जनता पार्टी नेता केशव प्रसाद मौर्य के दौरे के खिलाफ पिछले साल तीन अक्टूबर को प्रदर्शन कर रहे  थे और तभी लखीमपुर खीरी में एक एसयूवी कार ने चार किसानों को कथित तौर पर कुचल दिया था.  वहीं गुस्साए प्रदर्शनकारियों ने भाजपा के दो कार्यकर्ताओं और एक चालक को कथित तौर पर पीट-पीट कर मार डाला और इस हिंसा में एक स्थानीय पत्रकार की भी मौत हो गई थी.