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कोलकाता में Online Betting का बड़ा जाल! YouTube-WhatsApp से ठगी, लाखों गंवा रहे लोग

Kolkata:  महानगर और आसपास के इलाकों में ऑनलाइन सट्टेबाजी के नाम पर ठगी का मामला सामने आया है. आरोप है कि साइबर जालसाज YouTube और WhatsApp के जरिए लोगों को फर्जी ऐप के लिंक भेजकर सट्टेबाजी में रकम लगाने के लिए फंसाते हैं. शुरुआत में मुनाफा दिखाकर भरोसा जीतने के बाद बड़ी रकम निवेश कराई जाती है.
 
KOLKATA

Kolkata: महानगर और आसपास के इलाकों में कथित तौर पर ऑनलाइन सट्टेबाजी का अवैध कारोबार तेजी से फैल रहा है। सोशल मीडिया के जरिए लोगों को फर्जी ऑनलाइन गेमिंग और सट्टेबाजी ऐप्स से जोड़कर रकम लगाने के लिए उकसाए जाने की शिकायतें सामने आई हैं। पुलिस सूत्रों के अनुसार, इस तरह के जाल में फंसकर कई लोगों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा है।

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YouTube और WhatsApp के जरिए भेजे जा रहे लिंक

पुलिस और खुफिया सूत्रों के अनुसार, साइबर ठगी से जुड़े लोग YouTube और WhatsApp जैसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल कर रहे हैं। लोगों को आकर्षक संदेशों के साथ कथित सट्टेबाजी या गेमिंग ऐप के लिंक भेजे जाते हैं।

लिंक पर क्लिक करने के बाद उपयोगकर्ताओं को ऐप डाउनलोड करने और उसमें रकम जमा करने के लिए प्रेरित किया जाता है। इसके बाद उन्हें अलग-अलग नंबरों या कॉम्बिनेशन पर पैसे लगाने का विकल्प दिया जाता है।

शुरुआत में मुनाफा दिखाकर बढ़ाया जाता है भरोसा

जांच से जुड़े सूत्रों के मुताबिक, इस तरह के नेटवर्क में शुरुआत में उपयोगकर्ता को छोटे स्तर पर मुनाफा दिखाया जाता है। इससे उसके भीतर ऐप और पूरे सिस्टम को लेकर भरोसा पैदा होता है।

इसके बाद जब उपयोगकर्ता बड़ी रकम लगाने लगता है, तो नुकसान बढ़ने का खतरा रहता है। आरोप है कि कई मामलों में लोगों ने अपनी जमा पूंजी तक गंवा दी। कुछ परिवारों के सामने आर्थिक परेशानियां खड़ी होने की बात भी सामने आई है।

लालबाजार साइबर थाने में मामला दर्ज

मामले की गंभीरता को देखते हुए कोलकाता पुलिस के लालबाजार मुख्यालय ने कार्रवाई शुरू कर दी है। लालबाजार स्थित साइबर थाने में इस संबंध में मामला दर्ज किया गया है।

पुलिस ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ कथित धोखाधड़ी, जालसाजी, आईटी कानून और ऑनलाइन गेमिंग से जुड़े प्रावधानों के तहत जांच शुरू की है।

फर्जी ऐप के पीछे कौन? नेटवर्क की तलाश

जांच एजेंसियां अब यह पता लगाने में जुटी हैं कि इन कथित फर्जी ऐप्स को कौन संचालित कर रहा है और इनके पीछे मौजूद नेटवर्क कहां तक फैला हुआ है। पुलिस सोशल मीडिया पर प्रसारित किए जा रहे लिंक, ऐप्स और पैसों के लेन-देन से जुड़े डिजिटल सुरागों की जांच कर रही है।

जांच का एक अहम हिस्सा यह भी है कि इन प्लेटफॉर्म के जरिए जमा की गई रकम किन खातों में पहुंच रही थी और पूरे नेटवर्क का संचालन किस स्तर से किया जा रहा था।

लोगों से सावधानी बरतने की अपील

साइबर ठगी के ऐसे मामलों को देखते हुए लोगों को अनजान लिंक से ऐप डाउनलोड नहीं करने और सोशल मीडिया पर मिलने वाले संदिग्ध निवेश या सट्टेबाजी ऑफर से सावधान रहने की जरूरत है। किसी भी संदिग्ध लेन-देन या साइबर धोखाधड़ी की स्थिति में तत्काल पुलिस या संबंधित साइबर हेल्पलाइन से संपर्क करना चाहिए।

नोट: ऑनलाइन सट्टेबाजी या गेमिंग के नाम पर पैसे जमा करने से पहले प्लेटफॉर्म की वैधता और विश्वसनीयता की जांच करना जरूरी है।