उत्तर प्रदेश में आस्था का अनोखा नज़ारा: 48 घंटे से हनुमान मंदिर की परिक्रमा कर रहा कुत्ता, उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़
National News: उत्तर प्रदेश के एक ग्रामीण इलाके में आस्था से जुड़ा एक हैरान करने वाला दृश्य इन दिनों चर्चा का विषय बना हुआ है। यहाँ स्थित एक प्राचीन हनुमान मंदिर में पिछले दो दिनों से एक कुत्ता लगातार भगवान हनुमान की मूर्ति की परिक्रमा करता नजर आ रहा है। इस अनोखी घटना को देखने के लिए आसपास के गांवों से बड़ी संख्या में लोग मंदिर परिसर पहुंच रहे हैं।
स्थानीय लोगों के अनुसार, सोमवार की सुबह यह कुत्ता पहली बार मंदिर परिसर में आया और बिना किसी रुकावट के हनुमान जी की मूर्ति के चारों ओर चक्कर लगाने लगा। हैरानी की बात यह है कि करीब 48 घंटे बीत जाने के बाद भी कुत्ते ने न तो थकान दिखाई और न ही उसने खाने-पीने में कोई खास रुचि ली। वह कभी कुछ देर रुकता है और फिर दोबारा परिक्रमा शुरू कर देता है।
न भौंकना, न आक्रामकता, सिर्फ परिक्रमा
ग्रामीणों का कहना है कि कुत्ते का व्यवहार पूरी तरह शांत है। वह न तो किसी पर भौंक रहा है और न ही किसी तरह की आक्रामकता दिखा रहा है। श्रद्धालुओं का मानना है कि यह सामान्य घटना नहीं, बल्कि बजरंगबली की कृपा का संकेत है। कई लोग इसे साक्षात हनुमान जी की महिमा से जोड़कर देख रहे हैं।
ग्रामीणों के दावे और मान्यताएँ
ग्राम नंदपुर खुर्द के विजय पाल सिंह, चंद्रभान सिंह सहित अन्य ग्रामीणों ने बताया कि सोमवार तड़के करीब चार बजे से दोपहर दो बजे तक कुत्ता लगातार परिक्रमा करता रहा। भोजन देने की कोशिश की गई, लेकिन उसने कुछ भी नहीं खाया।
वहीं एक अन्य ग्रामीण राजेंद्र का दावा है कि सोमवार को कुत्ते के सिर पर कुछ देर के लिए एक जंगली कबूतर बैठा था, जो बाद में मर गया। इसके बाद से ही कुत्ता मंदिर में परिक्रमा करने लगा। इस घटना को लेकर गांव में तरह-तरह की चर्चाएं हो रही हैं।
मंदिर में भजन-कीर्तन, कल होगा विशाल भंडारा
कुत्ते की इस अनोखी भक्ति को शुभ संकेत मानते हुए मंदिर समिति और ग्रामीणों ने भजन-कीर्तन शुरू कर दिया है। श्रद्धालुओं की संख्या लगातार बढ़ रही है। इसी क्रम में गुरुवार को मंदिर परिसर में एक विशाल भंडारे का आयोजन किया जाएगा, जिसमें दूर-दराज से लोग शामिल होने पहुंच रहे हैं।
सोशल मीडिया पर वायरल
इस पूरी घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। लोग इस ‘भक्त कुत्ते’ के दर्शन के लिए मंदिर पहुंच रहे हैं और उसके सामने माथा टेक रहे हैं। क्षेत्र में यह घटना आस्था, विश्वास और चर्चा का केंद्र बनी हुई है।







