AAP का बड़ा दांव: BJP जॉइन करने वाले 7 राज्यसभा सांसदों की सदस्यता खत्म करने की मांग
AAP के राज्यसभा फ्लोर लीडर संजय सिंह ने रविवार को कहा कि राघव चड्ढा, संदीप पाठक समेत सात सांसदों का पार्टी छोड़ना संविधान की दसवीं अनुसूची और एंटी-डिफेक्शन कानून का सीधा उल्लंघन है। उन्होंने कहा कि ये सभी सांसद AAP के टिकट पर चुने गए थे, लेकिन अब पार्टी छोड़कर दूसरी पार्टी में शामिल हो गए, जो “जनादेश के साथ धोखा” है।
संजय सिंह ने बताया कि संवैधानिक विशेषज्ञों और कपिल सिब्बल से राय लेने के बाद ही यह याचिका दाखिल की गई है। उन्होंने उम्मीद जताई कि सभापति इस मामले में जल्द फैसला लेंगे।
AAP का आरोप है कि यह कदम खासकर पंजाब के मतदाताओं के विश्वास के खिलाफ है और संविधान की भावना को ठेस पहुंचाता है। पार्टी का कहना है कि दसवीं अनुसूची के अनुसार, दलबदल तभी वैध माना जा सकता है जब पूरी “मूल पार्टी” का विलय हो, जबकि AAP का बीजेपी में कोई विलय नहीं हुआ है।
वहीं, दूसरी ओर संबंधित सांसदों का तर्क है कि राज्यसभा में उनकी पार्लियामेंट्री पार्टी के दो-तिहाई सदस्य बीजेपी में शामिल हो चुके हैं, इसलिए इसे दलबदल नहीं माना जाना चाहिए। अब सबकी नजर इस पर टिकी है कि सभापति इस हाई-प्रोफाइल राजनीतिक विवाद में क्या फैसला लेते हैं, क्योंकि इसका असर राष्ट्रीय राजनीति पर भी पड़ सकता है।







