सोनम वांगचुक को हिरासत में लेने के बाद अभिजीत दीपके ने शुरू की भूख हड़ताल, बोले- आंदोलन नहीं रुकेगा
New Delhi: जंतर-मंतर पर चल रहे आंदोलन ने नया मोड़ ले लिया है। सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक को अनशन के 21वें दिन पुलिस द्वारा हिरासत में लिए जाने के बाद कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दीपके ने भूख हड़ताल शुरू कर दी है। पुलिस कार्रवाई के विरोध में उठाया गया यह कदम आंदोलन को और तेज करने की रणनीति के तौर पर देखा जा रहा है।
दिलचस्प बात यह है कि अभिजीत दीपके पहले कई बार सार्वजनिक रूप से कह चुके थे कि स्वास्थ्य संबंधी कारणों से उनके लिए लंबे समय तक भूखे रहना संभव नहीं है। उन्होंने बताया था कि उन्हें माइग्रेन की समस्या है और समय पर भोजन नहीं मिलने पर तेज सिरदर्द शुरू हो जाता है। इसके बावजूद उन्होंने अब अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल का रास्ता चुना है।
पहले अनशन से किया था इनकार
नीट पेपर लीक मामले में केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर 20 जून से जंतर-मंतर पर आंदोलन चल रहा है। इस दौरान सोशल मीडिया और कई मंचों पर अभिजीत दीपके से सवाल पूछा गया था कि जब सोनम वांगचुक अनशन पर हैं तो वे स्वयं ऐसा क्यों नहीं कर रहे। तब उन्होंने कहा था कि आंदोलन के संचालन, समन्वय और प्रबंधन की जिम्मेदारी उनके कंधों पर है, इसलिए उनका सक्रिय रहना जरूरी है।
स्वास्थ्य बना बड़ी चुनौती
एक इंटरव्यू में दीपके ने स्वीकार किया था कि माइग्रेन की वजह से लंबे समय तक भूखे रहना उनके लिए बेहद मुश्किल है। उन्होंने बताया था कि समय पर भोजन नहीं मिलने पर उनकी तबीयत बिगड़ जाती है। ऐसे में अब उनका अनशन शुरू करना स्वास्थ्य के लिहाज से भी चुनौतीपूर्ण माना जा रहा है।
आंदोलन की कमान संभाल रहे दीपके
आंदोलन की रणनीति, प्रदर्शनकारियों के समन्वय और पूरे अभियान के संचालन की जिम्मेदारी अभिजीत दीपके पर ही है। ऐसे में यदि अनशन के दौरान उनकी तबीयत प्रभावित होती है तो आंदोलन के संचालन पर भी असर पड़ सकता है। समर्थकों का कहना है कि पुलिस कार्रवाई के बाद उन्होंने विरोध दर्ज कराने के लिए यह फैसला लिया है।
फिलहाल सभी की नजर इस बात पर टिकी है कि अभिजीत दीपके का अनशन कितना लंबा चलता है और प्रशासन इस आंदोलन को लेकर आगे क्या कदम उठाता है।







