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अभिषेक बनर्जी को 6 अक्टूबर तक गिरफ्तारी से राहत, लेकिन विदेश में इलाज की अनुमति नहीं

Kolkata: जस्टिस भट्टाचार्य ने अभिषेक बनर्जी को दी गयी अंतरिम राहत 6 अक्टूबर तक या अगले आदेश तक, जो भी पहले हो, बढ़ा दी. उन्होंने कहा कि अंतरिम राहत की शर्तों में बदलाव के लिए तृणमूल कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव की याचिका पर अगस्त में सुनवाई होगी, लेकिन उन्होंने कोई विशेष तारीख तय नहीं की.
 
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Kolkata: कलकत्ता हाई कोर्ट ने तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) सांसद अभिषेक बनर्जी को बड़ी राहत देते हुए उनकी गिरफ्तारी पर अंतरिम रोक 6 अक्टूबर 2026 तक बढ़ा दी है. हालांकि, अदालत ने फिलहाल उन्हें आंखों के इलाज के लिए विदेश जाने की अनुमति देने से इनकार कर दिया.

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सुनवाई के दौरान अदालत ने कहा कि पहले कोलकाता के एसएसकेएम अस्पताल (SSKM Hospital) के विशेषज्ञ डॉक्टरों का मेडिकल बोर्ड अभिषेक बनर्जी की स्वास्थ्य स्थिति का परीक्षण करेगा. मेडिकल बोर्ड की रिपोर्ट के आधार पर ही यह तय किया जाएगा कि विदेश में इलाज आवश्यक है या नहीं.

जस्टिस भट्टाचार्य ने अभिषेक बनर्जी को दी गयी अंतरिम राहत 6 अक्टूबर तक या अगले आदेश तक, जो भी पहले हो, बढ़ा दी. उन्होंने कहा कि अंतरिम राहत की शर्तों में बदलाव के लिए तृणमूल कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव की याचिका पर अगस्त में सुनवाई होगी, लेकिन उन्होंने कोई विशेष तारीख तय नहीं की.

डायमंड हार्बर के लोकसभा सदस्य और बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के भतीजे अभिषेक बनर्जी ने आंखों के इलाज के लिए विदेश यात्रा की अनुमति के लिए याचिका दायर की थी. कोर्ट ने कहा कि जांच के दौरान याचिकाकर्ता को विदेश यात्रा की अनुमति देना उचित नहीं होगा. न्यायमूर्ति भट्टाचार्य ने कहा कि कोलकाता में आंखों के कई नामी अस्पताल हैं.

अभिषेक के वकील ने जब कहा कि उनके मुवक्किल ने हाईकोर्ट के आदेश का पालन करते हुए जांच में सहयोग किया है, तो न्यायमूर्ति भट्टाचार्य ने मौखिक रूप से कहा कि वह तब तक टीएमसी नेता को विदेश जाने की अनुमति नहीं देंगे, जब तक यह पता न चल जाये कि कोलकाता में उसका इलाज संभव नहीं है.

जब उनके वकील ने तर्क दिया कि याचिकाकर्ता को अपना डॉक्टर चुनने का अधिकार है, तो जस्टिस भट्टाचार्य ने कहा कि अदालत को भी अपनी अंतरात्मा को संतुष्ट करना होगा. कोर्ट ने कहा कि जब तक जांच जारी है, बनर्जी को सहयोग जारी रखना चाहिए. अदालत ने 21 मई को डराने-धमकाने वाले भाषण मामले में अभिषेक को 31 जुलाई तक सख्त कार्रवाई से राहत दी थी. तब उन्हें जांच में सहयोग करने और अदालत की इजाजत के बिना विदेश यात्रा न करने का निर्देश दिया था.