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वोटर लिस्ट में नाम जोड़ना और सुधार कराना अब होगा आसान, हर जिले में मिलेगी सहायता

National: इन सेवाओं के बारे में पूछे जाने पर चुनाव आयोग के सूत्रों ने बताया कि हेल्पडेस्क विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) की समय-सीमा, योग्यता के नियमों और नाम दर्ज करने, सुधार करने या नाम हटाने के लिए जरूरी दस्तावेजों के बारे में जानकारी देंगे. इसके साथ ही, यह वोटरों को उनके पिछले रिकॉर्ड खोजने और उन्हें लिंक करने में मदद करेंगे, और ऑनलाइन व ऑफलाइन दोनों तरीकों से गणना फॉर्म भरने और जमा करने में सहायता करेंगे.
 
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National: SIR के तीसरे चरण को लेकर चुनाव आयोग ने बड़ी तैयारी शुरू कर दी है. इस चरण में मतदाताओं को वोटर लिस्ट में नाम जुड़वाने, हटाने या किसी भी प्रकार की त्रुटि सुधारने में आसानी हो सके, इसके लिए जिला स्तर पर विशेष हेल्पडेस्क बनाए जाएंगे. आयोग का कहना है कि इस व्यवस्था का उद्देश्य मतदाताओं को तेज और पारदर्शी सेवा उपलब्ध कराना है.

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जानकारी के अनुसार, हेल्पडेस्क पर लोगों को आवेदन प्रक्रिया, जरूरी दस्तावेज और ऑनलाइन-ऑफलाइन फॉर्म भरने में सहायता दी जाएगी. जिन मतदाताओं के नाम वोटर लिस्ट में गलत दर्ज हैं या छूट गए हैं, वे सीधे जिला स्तर पर जाकर अपनी समस्या का समाधान करा सकेंगे. इसके अलावा बूथ लेवल अधिकारियों (BLO) को भी इस अभियान में सक्रिय भूमिका निभाने का निर्देश दिया गया है.

इन सेवाओं के बारे में पूछे जाने पर चुनाव आयोग के सूत्रों ने बताया कि हेल्पडेस्क विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) की समय-सीमा, योग्यता के नियमों और नाम दर्ज करने, सुधार करने या नाम हटाने के लिए जरूरी दस्तावेजों के बारे में जानकारी देंगे. इसके साथ ही, यह वोटरों को उनके पिछले रिकॉर्ड खोजने और उन्हें लिंक करने में मदद करेंगे, और ऑनलाइन व ऑफलाइन दोनों तरीकों से गणना फॉर्म भरने और जमा करने में सहायता करेंगे.

यह हेल्पडेस्क प्रवासी मतदाताओं को उनके वर्तमान और पिछले विधानसभा क्षेत्रों की पहचान करने में भी मदद करेंगे, ताकि सही जगह पर उनका रजिस्ट्रेशन सुनिश्चित किया जा सके. इसके अलावा, जागरूकता बढ़ाने के लिए स्थानीय भाषाओं में सूचना, शिक्षा और संचार सामग्री प्रदर्शित की जाएगी. हेल्पडेस्क पर प्रशिक्षित कर्मचारी तैनात रहेंगे ताकि मतदाता आसानी से अपनी जानकारी तक पहुंच सकें और उसे पिछले गहन पुनरीक्षण के रिकॉर्ड से जोड़ सकें.

इसके अलावा, यह हेल्पडेस्क चुनाव आयोग के हेल्पलाइन नंबर 1950 और उसके व्यापक मोबाइल एप्लिकेशन 'ईसीआई-नेट' (ECINet) की विशेषताओं के बारे में भी जानकारी देगा. उन्होंने बताया कि इस ऐप में विशेष रूप से 'बुक ए कॉल विद बीएलओ' का विकल्प मौजूद है, जो किसी भी सहायता, स्पष्टीकरण या जानकारी के लिए नागरिकों को सीधे उनके बीएलओ से जोड़ता है.

चुनाव आयोग के सूत्रों ने आगे बताया कि सभी मुख्य निर्वाचन अधिकारियों (CEOs) को अपने-अपने राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में हेल्पडेस्क की स्थापना के संबंध में एक अनुपालन रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया गया है.

दो चरणों में हो चुका एसआईआर

यहां यह बताना जरूरी है कि 13 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के पहले दो चरणों के दौरान, जिसमें आदेश की तारीख तक लगभग 59 करोड़ मतदाता शामिल थे, 6.3 लाख से अधिक बीएलओ (BLOs) और राजनीतिक दलों द्वारा नियुक्त 9.2 लाख बीएलए (BLAs) ने इस प्रक्रिया के विभिन्न चरणों में भाग लिया था.

इससे पहले, मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने सभी मतदाताओं से एसआईआर (SIR) के तीसरे चरण में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेने की अपील की है. उन्होंने एक बार फिर दोहराया कि मतदाता सूची में केवल योग्य मतदाताओं को ही शामिल किया जाएगा.

चुनाव आयोग ने कहा है कि SIR के तीसरे चरण में खास तौर पर नए मतदाताओं, महिलाओं, बुजुर्गों और दूरदराज क्षेत्रों के लोगों को सुविधा देने पर जोर रहेगा. आयोग का दावा है कि हेल्पडेस्क बनने से शिकायतों के निपटारे में तेजी आएगी और मतदाता सूची को अधिक सटीक बनाया जा सकेगा.

वहीं राजनीतिक दल भी इस प्रक्रिया पर नजर बनाए हुए हैं. विपक्षी दल लगातार मतदाता सूची में गड़बड़ी की आशंका जताते रहे हैं, जबकि चुनाव आयोग पारदर्शिता और निष्पक्षता बनाए रखने का दावा कर रहा है. ऐसे में SIR का तीसरा चरण राजनीतिक और प्रशासनिक दोनों स्तरों पर काफी अहम माना जा रहा है.