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महोबा में किसान की मौत मामले में प्रशासन की जांच, कर्ज और फसल नुकसान का तथ्य नहीं मिला

 
महोबा में किसान की मौत मामले में प्रशासन की जांच, कर्ज और फसल नुकसान का तथ्य नहीं मिला

Mahobaउत्तर प्रदेश के महोबा जिले के चरखारी तहसील क्षेत्र में किसान हरगोविंद की मौत के मामले में प्रशासनिक जांच में फिलहाल कर्ज या फसल नुकसान से जुड़े तथ्य सामने नहीं आए हैं। अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) महोबा के अनुसार, मामले की जांच उप जिलाधिकारी चरखारी से कराई गई है।

एसडीएम की जांच रिपोर्ट के मुताबिक, खरेला कस्बा निवासी हरगोविंद पुत्र बिंदा (लगभग 52 वर्ष) के परिवार में जमीन बेचने को लेकर पहले से विवाद और पारिवारिक कलह की बात सामने आई है। रिपोर्ट में बताया गया है कि जमीन बेचने के कारण घर में आए दिन झगड़े होते थे।

खतौनी में दर्ज नहीं मिला कोई कर्ज

प्रशासन के अनुसार, मृतक के नाम 0.423 हेक्टेयर भूमि दर्ज थी। जांच के दौरान उसकी खतौनी में किसी तरह का कर्ज दर्ज नहीं पाया गया।

हालांकि, ग्रामीणों ने अपने बयानों में कर्ज होने की बात कही है, लेकिन कर्ज किस व्यक्ति या संस्था से लिया गया था, इसकी जानकारी ग्रामीणों या मृतक के परिजनों की ओर से जांच टीम को नहीं दी गई।

फसल खराब होने से मौत की बात भी सामने नहीं आई

प्रशासनिक जांच में फसल क्षति के कारण हरगोविंद द्वारा आत्महत्या किए जाने की पुष्टि करने वाला कोई तथ्य भी सामने नहीं आया है। रिपोर्ट के अनुसार, मृतक के परिवार में उसकी पत्नी और तीन बालिग बच्चे हैं।

पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद आगे की कार्रवाई

प्रशासन ने बताया कि मामले की विस्तृत जांच अभी जारी है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद उसके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

फिलहाल प्रशासन की जांच में पारिवारिक विवाद की बात सामने आई है, जबकि कर्ज या फसल नुकसान को मौत का कारण बताए जाने संबंधी तथ्य की पुष्टि नहीं हुई है।