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अखिलेश ने चुनाव आयोग पर उठाए सवाल, CEC के इस्तीफे की मांग; MLC चुनाव में BJP प्रत्याशी के प्रचार की शिकायत

 
अखिलेश ने चुनाव आयोग पर उठाए सवाल, CEC के इस्तीफे की मांग; MLC चुनाव में BJP प्रत्याशी के प्रचार की शिकायत

UP News: उत्तर प्रदेश में आगामी विधान परिषद चुनाव से पहले चुनाव आयोग की निष्पक्षता को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ तीखी टिप्पणी करते हुए उनके इस्तीफे की मांग की है। वहीं, सपा ने बरेली-मुरादाबाद शिक्षक खंड निर्वाचन क्षेत्र में आदर्श आचार संहिता के कथित उल्लंघन को लेकर मुख्य निर्वाचन अधिकारी से शिकायत की है।

अखिलेश यादव ने गुरुवार को सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए चुनाव आयोग की कार्यशैली पर सवाल उठाए। उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त पर निशाना साधते हुए उनके इस्तीफे की मांग की। यह टिप्पणी ऐसे समय आई है, जब चुनाव आयोग के भीतर फैसलों को लेकर कथित मतभेदों की रिपोर्ट सामने आने के बाद विपक्षी दल आयोग की भूमिका पर लगातार सवाल उठा रहे हैं।

‘चुनाव मुचुआ’ वाले बयान से साधा निशाना

अखिलेश यादव ने अपनी पोस्ट में लिखा, “मुंह नुचुआ तो सुना था, अब चुनाव मुचुआ आ गये हैं।” इसके साथ ही उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त से इस्तीफा देने की मांग की। सपा प्रमुख इससे एक दिन पहले भी चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली और उसके फैसलों को लेकर सवाल उठा चुके थे।

बता दें कि चुनाव आयोग में दो चुनाव आयुक्तों की ओर से पिछले 10 महीनों में कथित तौर पर कई फैसलों पर आपत्ति दर्ज किए जाने की रिपोर्ट सामने आई है। विपक्षी दलों ने इसी रिपोर्ट को आधार बनाकर आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं। 

MLC चुनाव में आचार संहिता उल्लंघन का आरोप

इसी बीच समाजवादी पार्टी ने बरेली-मुरादाबाद शिक्षक खंड निर्वाचन क्षेत्र के विधान परिषद चुनाव को लेकर एक अलग शिकायत दर्ज कराई है। पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष श्याम लाल पाल ने गुरुवार को मुख्य निर्वाचन अधिकारी को ज्ञापन सौंपकर कार्रवाई की मांग की।

सपा का आरोप है कि मुरादाबाद स्थित जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय से जुड़े कर्मचारी जीत सिंह कथित तौर पर भाजपा प्रत्याशी डॉ. हरि सिंह ढिल्लों के पक्ष में प्रचार कर रहे हैं। पार्टी का दावा है कि कर्मचारी एक विद्यालय के निजी वाहन से प्रचार में शामिल हैं और उनके साथ प्रधानाचार्य, शिक्षक तथा अन्य स्टाफ भी मौजूद रहता है।

WhatsApp ग्रुप में प्रचार का भी दावा

सपा ने आरोप लगाया है कि मुरादाबाद में शिक्षकों के WhatsApp ग्रुप के जरिए भी भाजपा प्रत्याशी के पक्ष में प्रचार किया जा रहा है। पार्टी के मुताबिक, इन ग्रुपों में प्रत्याशी को चुनाव में विजयी बनाने की अपील के साथ उन्हें पहले से बधाई देने वाली पोस्ट भी साझा की गईं।

सपा नेताओं ने इन पोस्ट के स्क्रीनशॉट समेत अन्य सामग्री शिकायत के साथ साझा किए जाने का दावा किया है। पार्टी का कहना है कि इस मामले की शिकायत पहले जिला निर्वाचन अधिकारी, मुरादाबाद से भी की गई थी, लेकिन अब तक कार्रवाई नहीं हुई।

हालांकि, कर्मचारी जीत सिंह या भाजपा प्रत्याशी की ओर से इन आरोपों पर कोई जवाब इस इनपुट में उपलब्ध नहीं है। इसलिए सपा की शिकायत को फिलहाल आरोप के तौर पर ही देखा जा रहा है।

निलंबन और मुकदमे की मांग

समाजवादी पार्टी ने शिकायत में संबंधित कर्मचारी के निलंबन के साथ मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई की मांग की है। पार्टी का कहना है कि यदि चुनावी प्रक्रिया के दौरान किसी सरकारी कर्मचारी की ओर से किसी प्रत्याशी के पक्ष में प्रचार किया जाता है तो इससे चुनाव की निष्पक्षता प्रभावित होने का सवाल उठता है।

निर्वाचन आयोग के मॉडल कोड ऑफ कंडक्ट में राजनीतिक दलों और उम्मीदवारों के आचरण तथा चुनावी प्रक्रिया के दौरान निष्पक्ष माहौल बनाए रखने से जुड़े दिशा-निर्देश हैं। 

23 अक्टूबर को होगी वोटिंग

उत्तर प्रदेश विधान परिषद की शिक्षक और स्नातक निर्वाचन क्षेत्रों की 11 सीटों के लिए चुनाव कार्यक्रम घोषित हो चुका है। इनमें पांच स्नातक और छह शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र शामिल हैं। मतदान 23 अक्टूबर को सुबह 8 बजे से शाम 4 बजे तक होगा, जबकि मतगणना 27 अक्टूबर को की जाएगी। चुनाव कार्यक्रम की घोषणा के साथ संबंधित क्षेत्रों में आदर्श आचार संहिता लागू हो गई है। 

बरेली-मुरादाबाद शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र भी इन्हीं छह शिक्षक सीटों में शामिल है। ऐसे में सपा की शिकायत और अखिलेश यादव के चुनाव आयोग पर ताजा हमले ने यूपी के आगामी MLC चुनाव से पहले राजनीतिक बहस को और तेज कर दिया है।