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रक्षाबंधन पर सैफई पहुंचे अखिलेश यादव, भाजपा पर बरसे; महंगाई, किसान और शिक्षा को लेकर साधा निशाना

 
रक्षाबंधन पर सैफई पहुंचे अखिलेश यादव, भाजपा पर बरसे; महंगाई, किसान और शिक्षा को लेकर साधा निशाना

UP News: समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव शुक्रवार को रक्षाबंधन मनाने अपने परिवार के साथ सैफई पहुंचे। इस दौरान बड़ी संख्या में महिलाओं और पार्टी कार्यकर्ताओं ने उन्हें राखी बांधी। अखिलेश यादव ने महिलाओं को रक्षा का संकल्प देते हुए प्रदेशवासियों को रक्षाबंधन की शुभकामनाएं दीं। कार्यक्रम के दौरान उन्होंने भाजपा सरकार पर महंगाई, किसानों की समस्याओं, शिक्षा और महिलाओं से जुड़े मुद्दों को लेकर जमकर निशाना साधा।

अखिलेश यादव ने कहा कि रक्षाबंधन सिर्फ भाई-बहन के रिश्ते का त्योहार नहीं, बल्कि महिलाओं के स्वास्थ्य, शिक्षा, सुरक्षा और सम्मान की जिम्मेदारी लेने का भी अवसर है। उन्होंने कहा कि पीडीए में महिलाओं की बड़ी भागीदारी है और समाजवादी पार्टी की सरकार बनने पर महिलाओं से जुड़े इन सभी क्षेत्रों को प्राथमिकता दी जाएगी।

‘देश के सामने सबसे बड़ा संकट भाजपा’

भाजपा और आरएसएस पर हमला बोलते हुए अखिलेश यादव ने कहा कि ये लोग ‘अंडरग्राउंड’, ‘अनरजिस्टर्ड’ और ‘सुरंगवादी’ हैं। उन्होंने दावा किया कि देश के सामने सबसे बड़ी चुनौती भाजपा है और इसके सत्ता से हटने के बाद कई समस्याएं खत्म हो जाएंगी।

सपा प्रमुख ने पार्टी कार्यकर्ताओं से एकजुट होकर संगठन को मजबूत करने की अपील की। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में समाजवादी पार्टी को मजबूत करना जरूरी है।

महंगी चीनी को लेकर सरकार पर हमला

महंगाई के मुद्दे पर अखिलेश यादव ने खास तौर पर चीनी की बढ़ती कीमतों को लेकर सरकार को घेरा। उन्होंने कहा कि त्योहारों के समय चीनी महंगी होने से आम लोगों की परेशानी बढ़ी है। उन्होंने पेट्रोल और चीनी से होने वाले मुनाफे को लेकर भी सरकार से सवाल किया।

उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार उद्योगपतियों को मुनाफा कमाने की खुली छूट दे रही है। इसी क्रम में उन्होंने सवाल उठाया कि महंगी चीनी और पेट्रोल से होने वाला फायदा आखिर किसके पास जा रहा है।

किसानों की खाद समस्या पर भी निशाना

किसानों की स्थिति का जिक्र करते हुए सपा अध्यक्ष ने खाद की उपलब्धता को लेकर सरकार पर कटाक्ष किया। उन्होंने कहा कि पहले खाद की बोरी से चोरी की शिकायतें आती थीं, लेकिन अब स्थिति ऐसी है कि पूरी बोरी ही गायब हो जाती है।

अखिलेश ने किसानों को समय पर खाद और दूसरी जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराने को लेकर सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े किए।

शिक्षा व्यवस्था को लेकर सरकार को घेरा

पूर्व मुख्यमंत्री ने प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था पर भी गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने प्राथमिक विद्यालयों की स्थिति का जिक्र करते हुए कहा कि अगर कोई पत्रकार सरकारी स्कूलों की बदहाली सामने लाता है तो उसके खिलाफ कार्रवाई की आशंका रहती है।

उन्होंने कहा कि सैफई और लखनऊ में नए प्राथमिक एवं उच्चतर माध्यमिक विद्यालय बनाए जाने के फैसले हुए थे, लेकिन कई जगह शुरू किए गए कामों की स्थिति भी खराब कर दी गई। अखिलेश ने आरोप लगाया कि सरकार शिक्षा को बढ़ावा नहीं देना चाहती, क्योंकि गरीब का बच्चा पढ़-लिखकर सवाल पूछने लगता है।

उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में सवाल पूछना जरूरी है और जो लोग सवालों से डरते हैं, वे लोकतांत्रिक व्यवस्था को कैसे मजबूत करेंगे।

नेपाल की आपदा पर जताया दुख

अखिलेश यादव ने नेपाल में हुई प्राकृतिक आपदा पर भी दुख जताया। उन्होंने कहा कि ऐसी घटनाओं के कारणों की वैज्ञानिक जांच होनी चाहिए। आधुनिक तकनीक और उपग्रहों की मदद से यदि संभावित आपदाओं की जानकारी पहले मिल सके तो समय रहते लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाकर जनहानि को कम किया जा सकता है।

उन्होंने मृतकों के प्रति श्रद्धांजलि व्यक्त करते हुए भारत सरकार से नेपाल को हरसंभव सहायता उपलब्ध कराने की अपील की।