अखिलेश यादव का योगी सरकार पर हमला, बोले- ईमानदार अफसर परेशान, ट्रांसफर-पोस्टिंग बना कारोबार
UP News: समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने आईएएस अधिकारी दिव्या मित्तल के इस्तीफे को लेकर उत्तर प्रदेश सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने दावा किया कि मौजूदा सरकार में ईमानदार अधिकारियों पर दबाव बढ़ रहा है और भ्रष्टाचार की वजह से अधिकारी काम करने की स्थिति में नहीं हैं। अखिलेश ने कहा कि जब व्यवस्था में अनैतिक और गैरकानूनी काम का दबाव बढ़ता है तो अधिकारी पद छोड़ने तक का फैसला लेने को मजबूर हो जाते हैं।
सपा प्रमुख ने पार्टी कार्यालय में पत्रकारों से बातचीत के दौरान सरकार पर ट्रांसफर-पोस्टिंग को कारोबार में बदलने और विपक्षी नेताओं पर मुकदमे दर्ज कराने जैसे आरोप लगाए। हालांकि, ये आरोप अखिलेश यादव की ओर से लगाए गए हैं।
दिव्या मित्तल के इस्तीफे को लेकर सरकार पर सवाल
अखिलेश यादव ने कहा कि किसी भी सरकार की प्रशासनिक व्यवस्था ईमानदार अधिकारियों के बिना प्रभावी तरीके से नहीं चल सकती। उन्होंने आरोप लगाया कि अधिकारियों पर अलग-अलग तरह का दबाव बनाया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि भ्रष्टाचार, कथित वसूली और राजनीतिक दबाव जैसे कारणों से अधिकारी परेशान हैं। सपा अध्यक्ष ने दावा किया कि व्यवस्था में पारदर्शिता की कमी का असर सीधे प्रशासन और आम जनता पर पड़ रहा है।
योजनाओं और सड़कों की गुणवत्ता पर भी उठाए सवाल
अखिलेश यादव ने सरकार की विकास योजनाओं पर भी सवाल खड़े किए। उन्होंने जल जीवन मिशन, एक्सप्रेस-वे और सड़कों का जिक्र करते हुए निर्माण कार्यों की गुणवत्ता पर सवाल उठाया।
उन्होंने दावा किया कि कई जगह पानी की टंकियों और सड़कों के क्षतिग्रस्त होने की शिकायतें सामने आ रही हैं। कानपुर-लखनऊ एक्सप्रेस-वे और बुंदेलखंड एक्सप्रेस-वे का उदाहरण देते हुए उन्होंने सरकार की कार्यप्रणाली पर निशाना साधा।
सपा प्रमुख ने जेपीएनआईसी को लेकर भी सरकार पर हमला बोला और आरोप लगाया कि सरकार के फैसलों का उद्देश्य जनता के बजाय कुछ लोगों का हित साधना है।
पुलिस और कानून-व्यवस्था को लेकर भी घेरा
पूर्व मुख्यमंत्री ने प्रदेश की कानून-व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए कहा कि जनता भ्रष्टाचार और कथित उत्पीड़न से परेशान है। उन्होंने पुलिस व्यवस्था पर तंज कसते हुए सरकार पर कार्रवाई में भेदभाव के आरोप लगाए।
अखिलेश ने दावा किया कि दूसरे राज्यों के अपराधियों के प्रदेश में आकर वारदात करने की घटनाएं चिंता का विषय हैं। उन्होंने कहा कि जनता अब सरकार के कामकाज को लेकर अपना मन बना चुकी है।
रक्षाबंधन पर मुफ्त बस सेवा का भी मुद्दा उठाया
अखिलेश यादव ने रक्षाबंधन के दौरान महिलाओं के लिए घोषित मुफ्त बस यात्रा को लेकर भी सरकार को घेरा। उन्होंने आरोप लगाया कि कई महिलाओं को इस सुविधा का लाभ नहीं मिल पाया और उन्हें बसों के लिए परेशान होना पड़ा।
उन्होंने कहा कि सरकार को अपने वादों और उनके जमीनी क्रियान्वयन के बीच के अंतर का जवाब देना चाहिए।
सत्ता में आए तो कई योजनाएं फिर शुरू करने का वादा
सपा अध्यक्ष ने आगामी राजनीतिक एजेंडे को लेकर भी कई घोषणाएं कीं। उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी की सरकार बनने पर बंद किए गए 26 हजार स्कूलों को दोबारा शुरू किया जाएगा।
इसके अलावा उन्होंने पीडब्ल्यूडी के कामकाज का ऑडिट कराने, महिलाओं को सालाना 40 हजार रुपये देने, समाजवादी पेंशन योजना को फिर शुरू करने और कन्या विद्याधन योजना बहाल करने की बात कही।
अखिलेश यादव ने पीडीए यानी पिछड़ा, दलित और अल्पसंख्यक वर्ग को लेकर भी अपनी पार्टी की राजनीति को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि पीडीए से जुड़े लोग प्रगतिशील सोच रखते हैं और विकास के पक्षधर हैं।







