Newshaat_Logo

अखिलेश यादव की बड़ी पहल, सांसद निधि से 19 मंदिरों में लगेंगी सोलर लाइटें, श्रद्धालुओं को मिलेगी राहत

 
Akhilesh Yadav

UP News: उत्तर प्रदेश के कन्नौज में धार्मिक स्थलों को आधुनिक सुविधाओं से जोड़ने की दिशा में समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और कन्नौज सांसद अखिलेश यादव ने बड़ा कदम उठाया है। सांसद निधि से जिले के 19 मंदिरों और अन्य धार्मिक स्थलों पर सोलर लाइटें लगाने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी गई है। इसके अलावा सरायमीरा में हाईमास्ट लाइट और ग्राम मानपुर में 500 मीटर लंबी सीसी सड़क निर्माण की भी स्वीकृति प्रदान की गई है।

मंजूरी मिलने के बाद सभी प्रस्ताव आगे की कार्रवाई के लिए जिलाधिकारी को भेज दिए गए हैं। संबंधित विभागों से जल्द कार्य शुरू कराने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है।

इन धार्मिक स्थलों पर लगेगी सोलर लाइट

स्वीकृत प्रस्तावों में जलालाबाद, गुगरापुर और कन्नौज विकासखंड के कई प्रमुख धार्मिक स्थल शामिल हैं। इनमें मठिया शिव मंदिर, मिरगांवा बजरंगबली मंदिर, गमा देवी मंदिर, बालाजी मंदिर, फूलनदास समाधि स्थल, हनुमान मंदिर, ब्रह्मदेव मंदिर, चिंतामणि मंदिर, स्वामी हरिश्चंद्र आश्रम, शिव मंदिर, मांडवी देवी मंदिर, हजारा महादेवी मंदिर, सिद्धनाथ बाबा मंदिर और बाबा पंचमुखी महादेव मंदिर समेत कुल 19 धार्मिक स्थलों पर सोलर लाइटें लगाई जाएंगी।

श्रद्धालुओं को मिलेगी बड़ी सुविधा

कन्नौज संसदीय क्षेत्र के कई धार्मिक स्थलों पर अब तक पर्याप्त रोशनी की व्यवस्था नहीं होने के कारण शाम और रात के समय श्रद्धालुओं को पूजा-अर्चना और आवागमन में दिक्कतों का सामना करना पड़ता था। सोलर लाइट लगने के बाद मंदिर परिसर रोशनी से जगमग होंगे, जिससे श्रद्धालुओं को सुरक्षित और सुविधाजनक वातावरण मिलेगा।

हाईमास्ट लाइट और सड़क निर्माण को भी मंजूरी

धार्मिक स्थलों के अलावा सरायमीरा में हाईमास्ट लाइट लगाने और मानपुर गांव में 500 मीटर सीसी सड़क निर्माण की भी स्वीकृति दी गई है। इससे स्थानीय लोगों को बेहतर बुनियादी सुविधाएं मिलने की उम्मीद है।

डीएम को भेजा गया प्रस्ताव

अखिलेश यादव ने सभी प्रस्तावों को मंजूरी देने के बाद जिलाधिकारी आशुतोष मोहन अग्निहोत्री को पत्र भेजकर उन्हें पोर्टल पर अपलोड कराने और जल्द से जल्द आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।

इस पहल से क्षेत्र के लोगों और श्रद्धालुओं में खुशी का माहौल है। स्थानीय लोगों का मानना है कि धार्मिक स्थलों पर बेहतर रोशनी की व्यवस्था होने से रात के समय दर्शन और पूजा-पाठ करना पहले की तुलना में कहीं अधिक आसान और सुरक्षित हो जाएगा।