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Akhilesh Yadav का 3 से 403 वाला दांव! क्रॉस वोटिंग के डर से छोड़ी तीसरी राज्यसभा सीट?

UP Rajya Sabha Election:  उत्तर प्रदेश में राज्यसभा की तीसरी सीट को लेकर समाजवादी पार्टी ने आखिरकार प्रत्याशी नहीं उतारने का फैसला किया है. पार्टी का विधायकों का गणित तीसरी सीट के लिए पर्याप्त नहीं बैठ पाया. इसी बीच पिछले राज्यसभा चुनाव में क्रॉस वोटिंग को लेकर चर्चा में रहे सपा विधायक विनोद चतुर्वेदी ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात की. इसके बाद सियासी हलचल और तेज हो गई.
 
UTTAR PRADESH

Uttar Pradesh Election:  उत्तर प्रदेश में राज्यसभा की तीसरी सीट को लेकर समाजवादी पार्टी ने आखिरकार अपना कदम पीछे खींच लिया है। पार्टी ने तीसरी सीट पर प्रत्याशी उतारने की तैयारी की थी, लेकिन विधायकों का जरूरी गणित पूरा नहीं होने के बाद सपा ने चुनावी मैदान में उतरने का फैसला टाल दिया। इसके साथ ही पार्टी ने अब अपना फोकस आगामी विधानसभा चुनाव की तैयारियों पर केंद्रित करने का संकेत दिया है।

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सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने 30 सितंबर को कहा था कि विधायकों का गणित पूरा होने पर पार्टी राज्यसभा की तीसरी सीट के लिए प्रत्याशी उतार सकती है। पार्टी की ओर से दूसरे खेमे के कुछ विधायकों के संपर्क में होने के दावे भी किए जा रहे थे। साथ ही पुराने बागी विधायकों को भी पार्टी में वापसी का संकेत दिया गया था। हालांकि, अंतिम समय तक सपा तीसरी सीट के लिए पर्याप्त समर्थन जुटाने में सफल नहीं हो सकी।

विनोद चतुर्वेदी की योगी आदित्यनाथ से मुलाकात

राज्यसभा चुनाव के लिए नामांकन की अंतिम प्रक्रिया से ठीक पहले सोमवार रात सपा विधायक विनोद चतुर्वेदी ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात की। चतुर्वेदी पिछले राज्यसभा चुनाव में क्रॉस वोटिंग को लेकर चर्चा में रहे थे। इस मुलाकात के दौरान असंबद्ध विधायक राकेश प्रताप सिंह और अभय सिंह भी मौजूद रहे।

मुख्यमंत्री कार्यालय की ओर से इस मुलाकात की तस्वीर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर साझा की गई और इसे शिष्टाचार भेंट बताया गया। हालांकि, राजनीतिक गलियारों में इस मुलाकात के अलग-अलग मायने निकाले जाने लगे।

तीसरी सीट के लिए क्यों मुश्किल था सपा का गणित?

उत्तर प्रदेश विधानसभा में सपा की मौजूदा संख्या के आधार पर पार्टी दो राज्यसभा सीटों पर अपने प्रत्याशियों की जीत सुनिश्चित करने की स्थिति में थी। लेकिन तीसरी सीट जीतने के लिए उसे दूसरे खेमे के विधायकों के अतिरिक्त समर्थन की जरूरत पड़ती।

इसके अलावा पार्टी के सामने अपने सभी विधायकों को एकजुट रखने की भी चुनौती थी। पिछले राज्यसभा चुनाव में सपा के कुछ विधायकों पर क्रॉस वोटिंग के आरोप लगे थे। ऐसे में तीसरा प्रत्याशी उतारने की स्थिति में भाजपा के लिए भी सपा के भीतर सेंधमारी का मौका बन सकता था।

अखिलेश ने 403 सीटों पर फोकस का दिया संदेश

तीसरी राज्यसभा सीट पर प्रत्याशी नहीं उतारने के फैसले के बाद अखिलेश यादव ने मंगलवार सुबह एक्स पर एक पोस्ट के जरिए पार्टी की रणनीति का संकेत दिया। उन्होंने लिखा, “अब हमारी निगाह तीन पर नहीं, 403 पर है।”

अखिलेश यादव के इस बयान को आगामी विधानसभा चुनाव की तैयारियों से जोड़कर देखा जा रहा है। माना जा रहा है कि सपा ने राज्यसभा की तीसरी सीट के लिए जरूरी समर्थन जुटाने की कोशिश से पीछे हटकर संभावित क्रॉस वोटिंग और राजनीतिक नुकसान के जोखिम को भी टाल दिया है।

अब पार्टी का फोकस उत्तर प्रदेश की सभी 403 विधानसभा सीटों पर संगठन को मजबूत करने और आगामी चुनाव की तैयारियों पर रहने की संभावना है।