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बरेली में BJP के पिछड़ा वर्ग सम्मेलन में खाली कुर्सियों पर अखिलेश का तंज, बोले- जनता ने दिखा दिया हकीकत का आईना; भाजपा सांसद ने दी सफाई

 
बरेली में BJP के पिछड़ा वर्ग सम्मेलन में खाली कुर्सियों पर अखिलेश का तंज, बोले- जनता ने दिखा दिया हकीकत का आईना; भाजपा सांसद ने दी सफाई

UP News: उत्तर प्रदेश के बरेली में आयोजित भाजपा के पिछड़ा वर्ग सम्मेलन में अपेक्षा के मुताबिक भीड़ नहीं जुटने को लेकर सियासत गरमा गई है। सम्मेलन की तस्वीरों और कार्यक्रम में कम उपस्थिति को लेकर समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने भाजपा पर निशाना साधा। उन्होंने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए सम्मेलन में खाली पड़ी कुर्सियों को लेकर तंज कसा और भाजपा की राजनीति पर सवाल उठाए।

अखिलेश यादव ने अपने पोस्ट में दावा किया कि सम्मेलन में बड़ी संख्या में कुर्सियां खाली रह गईं और मंच पर मौजूद भाजपा नेताओं को काफी देर तक लोगों के पहुंचने का इंतजार करना पड़ा। उन्होंने इसे पिछड़ा वर्ग के बीच भाजपा की स्थिति से जोड़ते हुए कई राजनीतिक आरोप भी लगाए। ये टिप्पणियां अखिलेश यादव की राजनीतिक प्रतिक्रिया हैं।

तय समय से देर से शुरू हुआ सम्मेलन

बरेली के जीआईसी ऑडिटोरियम में आयोजित इस सम्मेलन के लिए सभागार के बाहर तक कुर्सियों की व्यवस्था की गई थी। कार्यक्रम का निर्धारित समय शाम 5 बजे रखा गया था, लेकिन करीब डेढ़ घंटे बाद लगभग 6:30 बजे सम्मेलन शुरू हुआ। उस समय कार्यक्रम स्थल पर अपेक्षाकृत कम संख्या में लोग मौजूद थे।

सम्मेलन का आयोजन पिछड़ा वर्ग समाज कल्याण समिति की ओर से किया गया था। इसका उद्देश्य पिछड़ा वर्ग समाज को संगठित करना और समाज से जुड़े मुद्दों पर चर्चा करना बताया गया था।

मंच पर नजर आए ये नेता

कार्यक्रम के दौरान भाजपा सांसद छत्रपाल सिंह गंगवार, यूपी सहकारी ग्राम विकास बैंक के उपसभापति रविंद्र सिंह राठौर और सम्मेलन के संयोजक वीरेंद्र कुमार अटल मंच पर मौजूद रहे।

वहीं, कार्यक्रम के आमंत्रण में भाजपा के क्षेत्रीय अध्यक्ष पूरन लाल लोधी, एमएलसी बहोरन लाल मौर्य, जिला पंचायत अध्यक्ष रश्मि पटेल और अर्बन कोऑपरेटिव बैंक की चेयरमैन डॉ. श्रुति गंगवार समेत कई नाम शामिल थे। हालांकि, इनमें से कुछ प्रमुख नेता कार्यक्रम में दिखाई नहीं दिए।

कम भीड़ पर भाजपा सांसद ने क्या कहा?

सम्मेलन में कम संख्या में लोगों के पहुंचने को लेकर जब भाजपा सांसद छत्रपाल सिंह गंगवार से सवाल किया गया तो उन्होंने कहा कि भीड़ जुटाने और कार्यक्रम की व्यवस्था की जिम्मेदारी आयोजकों की थी। उनके मुताबिक, उन्हें सम्मेलन में शामिल होने का निमंत्रण मिला था और इसी वजह से वह कार्यक्रम में पहुंचे।

2027 के विधानसभा चुनाव को लेकर सांसद ने कहा कि भाजपा सरकार के कामकाज के आधार पर जनता पार्टी का समर्थन करेगी।

अखिलेश के बयान से बढ़ी सियासी हलचल

सम्मेलन में अपेक्षित भीड़ नहीं जुटने के बाद अखिलेश यादव की प्रतिक्रिया ने मामले को राजनीतिक रंग दे दिया। समाजवादी पार्टी की ओर से इसे भाजपा के खिलाफ हमला करने के लिए इस्तेमाल किया गया, जबकि भाजपा सांसद ने कार्यक्रम की भीड़ की जिम्मेदारी आयोजकों पर रखी।

बरेली का यह घटनाक्रम ऐसे समय सामने आया है, जब उत्तर प्रदेश में 2027 विधानसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक दल पिछड़ा वर्ग समेत अलग-अलग सामाजिक समूहों के बीच अपना जनाधार मजबूत करने की कोशिश कर रहे हैं। इसी बीच अखिलेश यादव ने 24 सितंबर को रायबरेली से PDA रथ यात्रा की शुरुआत भी की है, जिसके जरिए सपा पिछड़ा, दलित और अल्पसंख्यक वर्ग के बीच अपनी राजनीतिक पहुंच मजबूत करने का अभियान चला रही है।