यूपी में स्वाइन फ्लू को लेकर अलर्ट, सीएम योगी ने दिए सख्त निर्देश; लखनऊ में महिला की मौत
UP News: उत्तर प्रदेश में स्वाइन फ्लू के बढ़ते मामलों को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने निगरानी बढ़ा दी है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सभी जिलों के जिलाधिकारियों और स्वास्थ्य अधिकारियों को संक्रमण की स्थिति पर लगातार नजर रखने तथा अस्पतालों में जरूरी चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध रखने के निर्देश दिए हैं।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा है कि स्वाइन फ्लू के मामलों की नियमित समीक्षा की जाए और किसी भी स्तर पर लापरवाही न हो। अस्पतालों में मरीजों के इलाज के लिए पर्याप्त दवाएं, जांच किट, आइसोलेशन वार्ड और अन्य आवश्यक संसाधन पहले से उपलब्ध रखने को कहा गया है। इसके साथ ही किसी भी तरह की स्थिति बिगड़ने पर उसकी जानकारी तत्काल शासन स्तर तक पहुंचाने के निर्देश दिए गए हैं।
लखनऊ में स्वाइन फ्लू से महिला की मौत
इसी बीच लखनऊ के इंदिरानगर निवासी 50 वर्षीय महिला की बलरामपुर अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई। बताया गया कि महिला को कुछ दिनों से सर्दी-जुकाम, बुखार और सांस लेने में परेशानी थी। शुरुआत में परिजनों ने उनका निजी अस्पताल में इलाज कराया, लेकिन तबीयत में सुधार नहीं हुआ।
इसके बाद 25 अगस्त को महिला को बलरामपुर अस्पताल में भर्ती कराया गया। लक्षणों को देखते हुए डॉक्टरों ने स्वाइन फ्लू की जांच कराई, जिसकी रिपोर्ट पॉजिटिव आई। अस्पताल में इलाज के दौरान उनकी सांस संबंधी परेशानी बढ़ती गई और गुरुवार को उनकी मौत हो गई।
मुरादाबाद में भी सामने आया मामला
मुरादाबाद में स्वाइन फ्लू का पहला मामला सामने आने के बाद स्वास्थ्य विभाग ने एहतियाती कदम तेज कर दिए हैं। गाजियाबाद से लौटीं 42 वर्षीय पूजा शर्मा में स्वाइन फ्लू संक्रमण की पुष्टि हुई है। स्वास्थ्य अधिकारियों के अनुसार उन्हें तेज बुखार, गले में खराश और शरीर में दर्द की शिकायत थी।
मरीज को इलाज के लिए एशियन विवेकानंद अस्पताल में भर्ती कराया गया है। फिलहाल उनकी हालत स्थिर बताई जा रही है। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. कुलदीप सिंह के मुताबिक जिला अस्पताल में स्वाइन फ्लू मरीजों के लिए 10 बेड का विशेष वार्ड आरक्षित किया गया है। वहीं सभी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों को भी कम से कम पांच-पांच बेड सुरक्षित रखने के निर्देश दिए गए हैं।
लक्षण दिखें तो लापरवाही न करें
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेशवासियों से अपील की है कि स्वाइन फ्लू के संभावित लक्षणों को नजरअंदाज न करें। उन्होंने कहा कि घबराने की जरूरत नहीं है, लेकिन लक्षण सामने आने पर समय रहते डॉक्टर से सलाह लेना और जरूरी जांच कराना महत्वपूर्ण है।
सरकार ने जिलों में स्वास्थ्य व्यवस्थाओं की निगरानी बढ़ाने के साथ अस्पतालों को किसी भी संभावित दबाव से निपटने के लिए तैयार रहने को कहा है। अधिकारियों को यह भी सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी दी गई है कि जरूरत पड़ने पर मरीजों को तत्काल जांच और उपचार उपलब्ध कराया जा सके।







