AIIMS गोरखपुर बनेगा हाईटेक हेल्थ हब, कैथ लैब के साथ रोबोटिक सर्जरी और IVF सेंटर की तैयारी
Uttar Pradesh: एम्स गोरखपुर में स्वास्थ्य सेवाओं का दायरा जल्द और व्यापक होने जा रहा है. संस्थान में कैथ लैब (Cardiac Catheterization Lab) की स्थापना को मंजूरी मिल गई है. इसके साथ ही आने वाले समय में रोबोटिक सर्जरी और आईवीएफ (IVF) जैसी अत्याधुनिक सुविधाएं भी शुरू करने की तैयारी की जा रही है. इन सुविधाओं के शुरू होने से पूर्वी उत्तर प्रदेश, बिहार और नेपाल के सीमावर्ती क्षेत्रों के मरीजों को बड़े शहरों का रुख नहीं करना पड़ेगा.
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स्वास्थ्य मंत्रालय की मंजूरी के बाद एम्स गोरखपुर में करीब 13 करोड़ रुपये की लागत से कैथ लैब स्थापित की जाएगी. इस सुविधा के शुरू होने के बाद हृदय रोगियों की एंजियोग्राफी, एंजियोप्लास्टी और अन्य जटिल कार्डियक प्रक्रियाएं संस्थान में ही हो सकेंगी. इससे आपातकालीन मरीजों को समय पर उपचार मिलेगा और रेफरल की जरूरत भी कम होगी.
सितंबर तक शुरू होंगी नई चिकित्सा सुविधाएं
प्रेस वार्ता के दौरान संस्थान की ओर से बताया गया कि एम्स गोरखपुर में सितंबर तक कैथ लैब, रोबोटिक सर्जरी और आईवीएफ सेंटर की सुविधाएं शुरू करने की योजना है. इन सेवाओं के शुरू होने के बाद पूर्वांचल सहित आसपास के क्षेत्रों के मरीजों को उन्नत चिकित्सा सुविधाओं का लाभ स्थानीय स्तर पर ही मिल सकेगा.
पूर्वांचल, बिहार और नेपाल के मरीजों को मिल रहा लाभ
संस्थान के अध्यक्ष पद्मश्री प्रो. (डॉ.) हेमंत कुमार ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की परिकल्पना के अनुरूप नए एम्स संस्थानों की स्थापना का उद्देश्य देश में उच्चस्तरीय स्वास्थ्य सेवाओं का विकेंद्रीकरण करना है. उन्होंने कहा कि एम्स गोरखपुर इसी उद्देश्य के साथ पूर्वांचल, बिहार के सीमावर्ती क्षेत्रों और नेपाल से आने वाले मरीजों को गुणवत्तापूर्ण तृतीयक चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध करा रहा है.







