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सिलीगुड़ी में अमित शाह का हाई सिक्योरिटी दौरा, BSF चौकी पर सीमा सुरक्षा को लेकर अहम बैठक

Siliguri: दौरे का सबसे अहम केंद्र 'चिकन नेक' (सिलीगुड़ी कॉरिडोर) रहेगा. यह करीब 22 से 25 किलोमीटर चौड़ा रणनीतिक गलियारा है, जो पूर्वोत्तर भारत के आठ राज्यों को देश के बाकी हिस्सों से जोड़ता है. राष्ट्रीय सुरक्षा के लिहाज से इसे भारत के सबसे संवेदनशील इलाकों में गिना जाता है. 
 
AMIT SHAH

Siliguri: केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह आज पश्चिम बंगाल के सिलीगुड़ी के पास स्थित BSF (सीमा सुरक्षा बल) की चौकी का दौरा करेंगे. इस दौरान वे भारत-बांग्लादेश सीमा की सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लेंगे और वरिष्ठ BSF अधिकारियों के साथ उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक करेंगे.

गृह मंत्री शाह आज सिलीगुड़ी में बीएसएफ की 18वीं बटालियन की सीमा चौकी का दौरा  करेंगे।

दौरे का सबसे अहम केंद्र 'चिकन नेक' (सिलीगुड़ी कॉरिडोर) रहेगा. यह करीब 22 से 25 किलोमीटर चौड़ा रणनीतिक गलियारा है, जो पूर्वोत्तर भारत के आठ राज्यों को देश के बाकी हिस्सों से जोड़ता है. राष्ट्रीय सुरक्षा के लिहाज से इसे भारत के सबसे संवेदनशील इलाकों में गिना जाता है. 

इस दौरान उन्होंने क्षेत्र में भारत-बांग्लादेश सीमा पर सुरक्षा व्यवस्था और सीमा प्रबंधन की व्यापक समीक्षा की. गृह मंत्री शुक्रवार रात को ही पश्चिम बंगाल के दौरे पर पहुंचे थे. वह कई कार्यक्रमों में भाग लेंगे. इसके साथ ही वे बीएसएफ से जुड़ी कई महत्वपूर्ण विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास भी करेंगे.

अमित शाह के 3 प्रमुख कार्यक्रम

  1. ‘प्रहरी सम्मेलन’ को संबोधित करेंगे.
  2. बीएसएफ कर्मियों से सीधा संवाद करेंगे.
  3. पौधरोपण कार्यक्रम में भाग लेंगे.

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बीएसएफ परिसर में गृह मंत्री अमित शाह एक उच्चस्तरीय बैठक करने जा रहे हैं. बैठक में राज्य के मुख्य सचिव मनोज कुमार अग्रवाल, गृह सचिव संघमित्रा घोष, बीएसएफ के महानिदेशक प्रवीण कुमार, एनआईए (NIA) के महानिदेशक राकेश अग्रवाल, राज्य के पुलिस महानिदेशक (DGP) सिद्धनाथ गुप्ता, उत्तर बंगाल के आईजी सुकेश जैन और खुफिया ब्यूरो (IB) के संयुक्त निदेशक शामिल हो सकते हैं.

बैठक का मुख्य एजेंडा ‘चिकन नेक’ के नाम से प्रसिद्ध सामरिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण सिलीगुड़ी गलियारे (Siliguri Corridor) की सुरक्षा व्यवस्था है. 17 से 22 किलोमीटर लंबा यह संकरा क्षेत्र भारत के लिए बेहद संवेदनशील है, क्योंकि यह पूर्वोत्तर के 8 राज्यों को शेष भारत से जोड़ने वाला एकमात्र जमीनी मार्ग है. यह गलियारा 3 अंतरराष्ट्रीय सीमाओं- उत्तर में नेपाल, दक्षिण में बांग्लादेश और उत्तर-पूर्व में भूटान के बीच स्थित है.

सीमा सुरक्षा को मजबूत करने की दिशा में पश्चिम बंगाल की राज्य सरकार ने एक बड़ा कदम उठाया है. राज्य सरकार ने इस संवेदनशील क्षेत्र में अंतरराष्ट्रीय सीमा पर बाड़ लगाने के लिए 120 एकड़ भूमि बीएसएफ को हस्तांतरित की है. इसके अलावा, सुरक्षा और बेहतर कनेक्टिविटी के मद्देनजर इस इलाके के 7 महत्वपूर्ण राजमार्गों का प्रबंधन भी केंद्र सरकार को सौंप दिया गया है. यह प्रबंधन पहले राज्य के लोक निर्माण विभाग (PWD) के राष्ट्रीय राजमार्ग प्रकोष्ठ के अधीन था.

‘उत्तर कन्या’ में प्रशासनिक बैठकें, शाम को पहुंचेंगे कोलकाता

गृह मंत्री अमित शाह का उत्तर बंगाल स्थित राज्य सचिवालय की शाखा ‘उत्तर कन्या’ में भी कई बैठकों की अध्यक्षता करने का कार्यक्रम है. इन बैठकों में सीमा प्रबंधन के अलावा राज्य में नये आपराधिक कानूनों (New Criminal Laws) के क्रियान्वयन तथा जन्म और मृत्यु पंजीकरण से जुड़े प्रशासनिक मुद्दों की समीक्षा की जायेगी.

19 जुलाई को कोलकाता में शाह के कई कार्यक्रम

शनिवार शाम को अमित शाह कोलकाता पहुंचेंगे. रविवार को कोलकाता में कई सार्वजनिक कार्यक्रमों में भाग लेने के अलावा, वे राज्य की कानून-व्यवस्था की स्थिति को लेकर एक और उच्चस्तरीय बैठक की अध्यक्षता करेंगे.