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बरुईपुर पहुंचे नेताओं के खिलाफ फूटा लोगों का गुस्सा, 'गो बैक सायनी' के नारों के बीच विरोध प्रदर्शन तेज

Baruipur:मंगलवार की सुबह करीब 10 बजे बारुईपुर की ओर दो कारें जाती हुई देखी गईं. एक कार में राज्य विधानसभा में विपक्ष के नेता रीतब्रत बनर्जी, पूर्व मंत्री चंद्रिमा भट्टाचार्य (जो हाल ही में उनके खेमे में शामिल हुई थीं) और कोलकाता से तृणमूल की पूर्व पार्षद शिउली साहा सवार थीं...
 
WEST BENGAL

Baruipur: पश्चिम बंगाल के दक्षिण 24 परगना जिले के बरुईपुर में उस समय तनावपूर्ण स्थिति बन गई, जब एक राजनीतिक कार्यक्रम में पहुंचे नेताओं का स्थानीय लोगों ने विरोध किया. मौके पर मौजूद लोगों ने 'गो बैक सायनी' के नारे लगाए और नेताओं के काफिले को आगे बढ़ने से रोकने की कोशिश की.

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, विरोध के दौरान कुछ देर के लिए अफरा-तफरी का माहौल बन गया. हालांकि, मौके पर तैनात पुलिस और सुरक्षा बलों ने स्थिति को नियंत्रित किया और नेताओं को सुरक्षित बाहर निकाला. घटना के बाद इलाके में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई.  लगभग 48 घंटे बीत जाने के बाद भी घटना की जांच जारी है. इस बीच बंगाल के तमाम राजनीतिक दलों के नेताओं का बरुईपुर पहुंचना जारी है.

मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी मंगलवार को बरुईपुर में पीड़ित परिवार से मिलने जा रहे हैं. इससे पहले नगर मंत्री अग्निमित्रा पाल, लॉकेट चटर्जी और अन्य सांसद और विधायक सुबह वहां पहुंचे. अग्निमित्रा ने बताया कि वे मुख्यमंत्री के प्रतिनिधि के रूप में गयीं हैं. बाद में, मुख्यमंत्री के निर्देश पर दो एनपीआई सांसद भी वहां पहुंचे.

दो कारों में पहुंचे रीतब्रत और काकली

मंगलवार की सुबह करीब 10 बजे बारुईपुर की ओर दो कारें जाती हुई देखी गईं. एक कार में राज्य विधानसभा में विपक्ष के नेता रीतब्रत बनर्जी, पूर्व मंत्री चंद्रिमा भट्टाचार्य (जो हाल ही में उनके खेमे में शामिल हुई थीं) और कोलकाता से तृणमूल की पूर्व पार्षद शिउली साहा सवार थीं. दूसरी कार में दो सांसद, काकली घोष दस्तीदार और सयानी घोष थीं. तृणमूल के टिकट पर चुनाव जीतने वाले इन दोनों सांसदों ने अब एनसीपीआई के साथ हाथ मिला लिया है और लोकसभा में एनडीए का समर्थन कर रहे हैं. कार देखकर लोग जमा होने लगे.

लोगों ने किया नेताओं का विरोध

लगभग एक ही समय पर, पांचों लोग बरुइपुर स्थित पीड़ित के घर पहुंचे. लोगों ने सबसे पहले, जादवपुर के सांसद सैनी घोष को घेरा. स्थानीय निवासियों ने विरोध प्रदर्शन किया. लोगों का कहना था कि सैनी दो दिन बाद क्यों आये हैं, जबकि यह उनका संसदीय क्षेत्र है. भीड़ ने कहा- तुम दो दिन बाद मुझसे मिलने आए, इतने समय से कहाँ थे. पहले क्यों नहीं आए.

भीड़ का गुस्सा सयानी घोष को लेकर भी दिखा. लोगों ने 'सयानी वापस जाओ' के नारे लगाये. काकली को किसी तरह घर के अंदर जाने की अनुमति मिल गई. उसके साथ सायनी भी अंदर जा रही थी, लेकिन उसको रोक दिया गया. उन पर भी वही आरोप लगाए गए. बाद में उन्हें भी प्रवेश की अनुमति दे दी गई.

पत्रकारों से बात करते हुए सैनी ने कहा-बातचीत से मुझे जो समझ आया है, उससे लगता है कि इस घटना के पीछे एक बड़ा गिरोह है. इसे जड़ से खत्म करना होगा. मैं चाहता हूं कि इसके लिए कड़ी से कड़ी सजा दी जाए. मुख्यमंत्री काफी संवेदनशील हैं, मैं उनसे इस बारे में बात करूंगा.

काकली ने पत्रकारों से कहा- मुख्यमंत्री ने हमें परिवार के साथ रहने के लिए भेजा है. हम यह सुनिश्चित करने के लिए संघर्ष करेंगे कि ऐसी घटनाएं दोबारा न हों. उन्होंने आरोपियों के लिए कड़ी सजा की मांग की. चंद्रिमा भट्टाचार्य ने भी मौत की सजा की मांग की. मुख्यमंत्री सुभेंदु अधिकारी ने आश्वासन दिया है कि सोमवार को अधिकतम सजा दी जाएगी.