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मतदाता सूची से नाम कटा तो सेना भर्ती अटकी! डोमिसाइल के लिए कैंडिडेट पहुंचा हाईकोर्ट

West Bengal Army Recruitment News: मतदाता सूची से नाम हटने के कारण सेना भर्ती में डोमिसाइल प्रमाण पत्र को लेकर एक अभ्यर्थी के सामने परेशानी खड़ी हो गई. डोमिसाइल नहीं बनने से सेना भर्ती की प्रक्रिया प्रभावित होने पर अभ्यर्थी ने हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया है. अब मामले में कोर्ट के रुख पर अभ्यर्थी की भर्ती प्रक्रिया का रास्ता साफ होने की उम्मीद है.
 
KOLKATA

West Bengal Army Recruitment News: भारतीय सेना में भर्ती होकर देश की सेवा करने का सपना देख रहे पश्चिम बंगाल के एक युवक के सामने दस्तावेज से जुड़ी बड़ी परेशानी खड़ी हो गई है। भर्ती प्रक्रिया के शुरुआती चरण में सफलता हासिल करने के बाद अब डोमिसाइल प्रमाणपत्र नहीं मिल पाने के कारण उसकी आगे की नियुक्ति प्रक्रिया अटक गई है। मामले को लेकर अभ्यर्थी ने अब कलकत्ता हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया है।

The High Court, Kolkata, by Walter L. B. Granville (1819-1874)

भर्ती के शुरुआती चरण में हासिल की सफलता

जानकारी के अनुसार, पश्चिम बंगाल के इस अभ्यर्थी ने भारतीय सशस्त्र बलों में भर्ती के लिए आवेदन किया था। उसने चयन प्रक्रिया के पहले चरण को सफलतापूर्वक पूरा किया और भर्ती के अगले चरण के लिए पात्रता हासिल कर ली।

हालांकि, आगे की प्रक्रिया के दौरान दस्तावेजों के सत्यापन में उसके सामने डोमिसाइल प्रमाणपत्र से जुड़ी समस्या सामने आ गई। प्रमाणपत्र उपलब्ध नहीं होने के कारण भर्ती प्रक्रिया में आगे बढ़ने में परेशानी हो रही है।

डोमिसाइल प्रमाणपत्र जारी करने से प्रशासन ने किया इनकार

अभ्यर्थी ने डोमिसाइल प्रमाणपत्र प्राप्त करने के लिए संबंधित प्रशासनिक अधिकारियों के समक्ष आवेदन किया था। लेकिन प्रशासन की ओर से प्रमाणपत्र जारी करने से इनकार कर दिया गया।

बताया गया कि अभ्यर्थी का नाम मतदाता सूची से हट चुका है। इसी आधार पर उसके पक्ष में डोमिसाइल प्रमाणपत्र जारी करने में प्रशासन ने असमर्थता जताई।

यही मामला अब अभ्यर्थी के लिए सेना भर्ती की प्रक्रिया में सबसे बड़ी बाधा बन गया है।

दस्तावेज की समस्या से भविष्य पर असर पड़ने की चिंता

अभ्यर्थी का कहना है कि वह सेना भर्ती प्रक्रिया के महत्वपूर्ण चरण तक पहुंच चुका है। शुरुआती चयन में सफलता के बावजूद सिर्फ डोमिसाइल प्रमाणपत्र नहीं मिलने के कारण यदि वह आगे की प्रक्रिया में शामिल नहीं हो पाता है, तो उसके सेना में भर्ती होने के अवसर पर असर पड़ सकता है।

इसी को लेकर उसने अदालत से हस्तक्षेप की मांग की है। अभ्यर्थी चाहता है कि संबंधित प्रशासन को डोमिसाइल प्रमाणपत्र के मामले में उचित निर्णय लेने का निर्देश दिया जाए, ताकि वह भर्ती प्रक्रिया के अगले चरण में शामिल हो सके।

कलकत्ता हाईकोर्ट में दायर की याचिका

डोमिसाइल प्रमाणपत्र से जुड़ी समस्या का समाधान नहीं होने के बाद अभ्यर्थी ने कलकत्ता हाईकोर्ट में याचिका दायर की है। याचिका में दस्तावेज संबंधी परेशानी के कारण भर्ती प्रक्रिया प्रभावित होने का मुद्दा उठाया गया है।

अब मामले पर अदालत की सुनवाई के बाद ही स्थिति स्पष्ट होगी कि अभ्यर्थी को डोमिसाइल प्रमाणपत्र जारी करने और सेना भर्ती की आगे की प्रक्रिया में शामिल होने के संबंध में क्या राहत मिलती है।

हाईकोर्ट के फैसले पर टिकी नजर

मामला फिलहाल कलकत्ता हाईकोर्ट के समक्ष है और याचिका पर जल्द सुनवाई होने की संभावना जताई जा रही है। अदालत के समक्ष मामले की सुनवाई के बाद यह स्पष्ट होगा कि मतदाता सूची में नाम नहीं होने के आधार पर डोमिसाइल प्रमाणपत्र जारी नहीं किए जाने के मामले में क्या निर्देश दिए जाते हैं।

फिलहाल अभ्यर्थी की उम्मीद अदालत के हस्तक्षेप पर टिकी है। सेना में भर्ती का सपना देख रहे इस युवक के लिए दस्तावेज से जुड़ा यह विवाद अब उसके करियर के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण बन गया है।