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यूपी में कारीगरों को मिलेगा बड़ा बाजार, आगरा-वाराणसी-लखनऊ में बन रहे PM यूनिटी मॉल

 
यूपी में कारीगरों को मिलेगा बड़ा बाजार, आगरा-वाराणसी-लखनऊ में बन रहे PM यूनिटी मॉल

UP News: उत्तर प्रदेश के स्थानीय उत्पादों, हस्तशिल्प और पारंपरिक कारीगरी को देश-दुनिया के बाजार तक पहुंचाने की तैयारी तेज हो गई है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मार्गदर्शन में आगरा, वाराणसी और लखनऊ में पीएम यूनिटी मॉल का निर्माण तेजी से चल रहा है। इन मॉल में प्रदेश के अलग-अलग जिलों के स्थानीय, ओडीओपी और जीआई टैग वाले उत्पादों को एक ही जगह पर प्रदर्शित और बेचने की सुविधा मिलेगी।

सरकार का उद्देश्य पारंपरिक कारीगरों, महिलाओं और युवाओं को बड़े बाजार से जोड़ना है। माना जा रहा है कि यूनिटी मॉल के जरिए स्थानीय उत्पादों की ब्रांडिंग मजबूत होगी और उन्हें राष्ट्रीय के साथ अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी नई पहचान मिल सकेगी।

आगरा में 128 करोड़ से ज्यादा की लागत, 135 दुकानें

आगरा के शिल्पग्राम क्षेत्र में करीब 11.53 एकड़ जमीन पर 128.85 करोड़ रुपये की लागत से पीएम यूनिटी मॉल तैयार किया जा रहा है। यहां बेसमेंट की खुदाई, फाउंडेशन की पीसीसी, आरसीसी, बेसमेंट फ्लोर के कॉलम और रिटेनिंग वॉल का आरसीसी काम पूरा हो चुका है।

छह मंजिला इस मॉल में 135 दुकानें होंगी। यहां ब्रज क्षेत्र, आगरा, फिरोजाबाद और आसपास के जिलों के हस्तशिल्प व पारंपरिक उत्पादों को बाजार उपलब्ध कराया जाएगा। परियोजना के नवंबर 2026 तक पूरा होने की संभावना है।

वाराणसी में बनारसी साड़ी से लेकर लकड़ी के खिलौनों तक को मिलेगा मंच

वाराणसी के गंगानगर कॉलोनी में करीब 1.46 एकड़ क्षेत्र में 154.71 करोड़ रुपये की लागत से यूनिटी मॉल का निर्माण हो रहा है। यहां डी-वॉल और छत की स्लैब की ढलाई पूरी हो चुकी है, जबकि बेसमेंट-3 में फाउंडेशन का काम जारी है।

इस छह मंजिला मॉल में 111 दुकानें होंगी। यहां बनारसी साड़ी, जरी-जरदोजी, लकड़ी के खिलौने, रुद्राक्ष समेत काशी और आसपास के पारंपरिक उत्पादों को बिक्री और प्रदर्शन के लिए जगह मिलेगी। इसके दिसंबर 2026 तक पूरा होने की संभावना है।

लखनऊ में 139 दुकानों वाला यूनिटी मॉल

लखनऊ के अवध शिल्पग्राम में करीब 4.86 एकड़ क्षेत्र में 64 करोड़ रुपये की लागत से यूनिटी मॉल विकसित किया जा रहा है। छह मंजिला इस मॉल में कुल 139 दुकानें होंगी।

यहां दुकानों की फिनिशिंग और एडमिन ब्लॉक का स्ट्रक्चर पूरा हो चुका है, जबकि ब्रिक वर्क और लिफ्ट का काम चल रहा है। मॉल में चिकनकारी, जरी-जरदोजी और अवध क्षेत्र के दूसरे प्रसिद्ध उत्पादों को बाजार मिलेगा। परियोजना के अक्टूबर 2026 तक पूरा होने की संभावना जताई गई है।

75 जिलों के उत्पादों को एक मंच पर लाने की तैयारी

पीएम यूनिटी मॉल के जरिए प्रदेश के 75 जिलों के स्थानीय उत्पादों को एक बड़े मंच पर प्रदर्शित करने की योजना है। इससे छोटे कारीगरों और स्थानीय उद्योगों को अपने उत्पाद सीधे बड़े बाजार तक पहुंचाने का अवसर मिलेगा।

सरकार को उम्मीद है कि इससे कारीगरों की आय बढ़ने के साथ ही रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे। साथ ही ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलने, स्वदेशी उत्पादों को बढ़ावा देने और उत्तर प्रदेश में पर्यटन को गति मिलने की संभावना है।

यूनिटी मॉल को स्थानीय उत्पादों की बिक्री, ब्रांडिंग और प्रदर्शन के बड़े केंद्र के रूप में विकसित किया जा रहा है, जिससे यूपी की पारंपरिक कला और कारीगरी को नई पहचान मिल सके।