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पश्चिम बंगाल सरकार का बड़ा कदम, चुनाव से पहले आसनसोल नगर निगम भंग, प्रशासन की कमान संभालेंगी अदिति चौधरी

Asansol: नगर निगम के भंग होने के बाद सरकार ने वरिष्ठ अधिकारी अदिति चौधरीको नगर निगम का एडमिनिस्ट्रेटरनियुक्त किया है. इस फैसले के बाद राज्य की राजनीतिक हलचल तेज हो गई है.
 
West Bengal

Asansol: पश्चिम बंगाल में नगर निकाय चुनाव से करीब सात महीने पहले राज्य सरकार ने बड़ा प्रशासनिक फैसला लेते हुए आसनसोल नगर निगम को भंग कर दिया है. नगर निगम के भंग होने के बाद सरकार ने वरिष्ठ अधिकारी अदिति चौधरी को नगर निगम का एडमिनिस्ट्रेटर नियुक्त किया है. इस फैसले के बाद राज्य की राजनीतिक हलचल तेज हो गई है.

सरकार ने जारी किया आदेश

राज्य सरकार की ओर से जारी अधिसूचना के अनुसार, आसनसोल नगर निगम का कार्यकाल और आगामी प्रशासनिक आवश्यकताओं को देखते हुए यह निर्णय लिया गया है. अब नगर निगम के सभी प्रशासनिक और वित्तीय कार्यों की जिम्मेदारी एडमिनिस्ट्रेटर के रूप में अदिति चौधरी संभालेंगी.

चुनाव से पहले बड़ा कदम

नगर निगम चुनाव से कुछ महीने पहले लिए गए इस फैसले को राजनीतिक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है. राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि चुनावी तैयारियों और प्रशासनिक व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने के उद्देश्य से यह कदम उठाया गया है.

विपक्ष ने उठाए सवाल

नगर निगम भंग किए जाने के फैसले पर विपक्षी दलों ने सवाल उठाने शुरू कर दिए हैं. उनका कहना है कि चुनाव से ठीक पहले नगर निगम को भंग करना लोकतांत्रिक व्यवस्था पर सवाल खड़े करता है. वहीं, सत्तारूढ़ पक्ष का कहना है कि यह पूरी तरह प्रशासनिक प्रक्रिया का हिस्सा है और इसका उद्देश्य नगर निगम के कामकाज को प्रभावी बनाना है.

एडमिनिस्ट्रेटर संभालेंगी सभी जिम्मेदारियां

अदिति चौधरी के एडमिनिस्ट्रेटर बनने के बाद नगर निगम के विकास कार्य, सफाई व्यवस्था, पेयजल, सड़क, स्ट्रीट लाइट, कर संग्रह और अन्य नागरिक सुविधाओं से जुड़े सभी निर्णय उनके नेतृत्व में लिए जाएंगे. चुनाव होने तक नगर निगम का संचालन प्रशासनिक स्तर पर ही किया जाएगा.

चुनावी सरगर्मी तेज

आसनसोल नगर निगम भंग होने के बाद अब राजनीतिक दलों ने भी चुनावी रणनीति पर काम तेज कर दिया है. माना जा रहा है कि आने वाले महीनों में नगर निकाय चुनाव को लेकर राजनीतिक गतिविधियां और तेज होंगी.

फिलहाल, राज्य सरकार के इस फैसले ने आसनसोल की राजनीति में नई चर्चा छेड़ दी है और अब सभी की नजर आगामी नगर निकाय चुनावों पर टिकी है.