बंगाल में सरकारी गाड़ियों की बदलेगी पहचान, 'विश्व बांग्ला' की जगह अब होगा अशोक चक्र
Kolkata: पश्चिम बंगाल सरकार ने अधिकारियों की सरकारी गाड़ियों पर लगाए जाने वाले आधिकारिक लोगो में बड़ा बदलाव करने का फैसला किया है. अब वाहनों पर 'विश्व बांग्ला' की जगह राष्ट्रीय प्रतीक अशोक चक्र (अशोक स्तंभ) का लोगो लगाया जाएगा. सरकारी आदेश के अनुसार, सभी विभागों के अधिकारी और प्रशासनिक वाहन अब नए आधिकारिक प्रतीक के साथ नजर आएंगे. इस बदलाव का उद्देश्य सरकारी वाहनों पर एक समान और अधिक आधिकारिक पहचान सुनिश्चित करना बताया जा रहा है.

अब पश्चिम बंगाल के वरिष्ठ आईएएस अधिकारियों की सरकारी गाड़ियों से पूर्व सरकार के दौरान इस्तेमाल होने वाला ‘विश्व बांग्ला’ का ‘बी’ लोगो हटाकर उसकी जगह अशोक चक्र अंकित गहरे नीले रंग की नयी आधिकारिक ध्वजा लगाई जायेगी. इस संबंध में राज्य सचिवालय नवान्न ने अधिसूचना जारी की है. पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी द्वारा तैयार की गई ‘बी’ लोगो वाली ध्वजा अब पूरी तरह से हटाई जा रही है.
नयी व्यवस्था के अनुसार अधिकारियों के पद और वरिष्ठता के आधार पर अलग-अलग आकार की ध्वजाएं निर्धारित की गयी हैं. मुख्य सचिव, अतिरिक्त मुख्य सचिव, प्रधान सचिव और समकक्ष अधिकारियों की गाड़ियों पर गहरे नीले रंग की आयताकार ध्वजा लगेगी. सुपर टाइम स्केल (न्यायपालिका और प्रशासनिक सेवाओं से जुड़े अधिकारी) के अधिकारियों के लिए पूंछनुमा (टेल) ध्वजा तय की गयी है. जबकि, आयुक्त तथा जूनियर एडमिनिस्ट्रेटिव ग्रेड एवं चयन ग्रेड के अधिकारियों के लिए त्रिकोणीय गहरे नीले रंग के ध्वजा निर्धारित की गई है. डिविजनल कमिश्नर के लिए आयताकार झंडे तय किये गये हैं, जबकि डिस्ट्रिक्ट मजिस्ट्रेट (डीएम) त्रिकोणीय झंडे इस्तेमाल करेंगे.
नवान्न की अधिसूचना में स्पष्ट किया गया है कि यह ध्वजा केवल सरकारी कार्यों के दौरान ही इस्तेमाल की जायेगी, ताकि राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर की बैठकों एवं सरकारी कार्यक्रमों में अधिकारियों की पहचान और पद की गरिमा स्पष्ट हो सके. ध्वजा को वाहन के बोनट के मध्य भाग या आगे की ग्रिल पर निर्धारित स्टैंड में लगाया जायेगा और इसे हमेशा साफ एवं अच्छी स्थिति में रखना अनिवार्य होगा.
ध्वजा दिखाकर नहीं मिलेगी कोई छूट
सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि किसी भी स्थिति में ट्रैफिक नियमों के उल्लंघन पर ध्वजा दिखाकर विशेष छूट या सुविधा नहीं ली जा सकेगी. किस अधिकारी के नाम पर कौन-सी ध्वजा जारी हुई है और वह किस वाहन में उपयोग हो रही है, इसका पूरा रिकॉर्ड सचिवालय के पास रहेगा. यह जानकारी राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण, कोलकाता नगर निगम और कोलकाता पुलिस के साथ भी साझा की जायेगी. नयी डिजाइन के झंडे विभागों को उपलब्ध करा दी गई हैं और उन्हें सरकारी वाहनों पर लगाने का काम भी शुरू हो गया है.







