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Assam Election Result 2026: 126 सीटों पर मतगणना जारी, बीजेपी की हैट्रिक या कांग्रेस की वापसी- आज तय होगा सत्ता का फैसला

Assam Election Result 2026: असम चुनाव 2026 को न सिर्फ राज्य बल्कि राष्ट्रीय राजनीति के लिहाज से भी अहम माना जा रहा है. यह चुनाव यह तय करेगा कि Assam में जनता एक बार फिर हिमंता बिस्वा सरमा के नेतृत्व पर भरोसा जताती है या कांग्रेस के नेतृत्व में नया राजनीतिक अध्याय शुरू होता है. सुबह 8 बजे से शुरू होने वाली मतगणना के शुरुआती रुझानों पर पूरे देश की नजरें टिकी हैं. क्या भाजपा लगातार तीसरी बार सरकार बनाकर इतिहास रचेगी, या विपक्ष असम की सत्ता में वापसी करेगा?
 
ASSAM ELECTION RESULT DAY 2026

Assam Election Result 2026: असम विधानसभा चुनाव 2026 के नतीजों की गिनती शुरू हो चुकी है. राज्य की 126 विधानसभा सीटों पर आज सुबह 8 बजे से मतगणना जारी है. पूरे असम में सुरक्षा के कड़े इंतजामों के बीच EVM के जरिए डाले गए वोटों की गिनती की जा रही है.

असम विधानसभा चुनाव नतीजों में कौन मारेगा बाजी? हिमंता और गौरव गोगोई का  लिटमस टेस्ट | assam assembly election 2026 result himanta biswa sarma vs Gaurav  gogoi bjp vs congress assam chunav ...

इस चुनाव में सबसे बड़ा मुकाबला मौजूदा मुख्यमंत्री Himanta Biswa Sarma और कांग्रेस के प्रमुख चेहरे Gaurav Gogoi के बीच माना जा रहा है. जहां एक ओर Bharatiya Janata Party (बीजेपी) लगातार तीसरी बार सत्ता में वापसी की कोशिश में है, वहीं Indian National Congress सत्ता परिवर्तन की उम्मीद लगाए बैठी है.

126 विधानसभा सीटों वाली असम विधानसभा के लिए हुए मतदान के बाद, आज 4 मई 2026 को मतगणना का दिन है. इस चुनाव में मुख्य मुकाबला मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा के नेतृत्व वाले एनडीए (NDA) गठबंधन और गौरव गोगोई की अगुवाई वाले असोम सन्मिलितो मोर्चा (ASM) के बीच है. कुल 126 सीटों के लिए वोटों की गिनती 40 केंद्रों पर हो रही है. चुनाव आयोग ने इस पूरी प्रक्रिया को पारदर्शी और व्यवस्थित बनाने के लिए बड़े स्तर पर तैयारी की है.

कोकराझार, तिनसुकिया और जोरहाट जिलों में दो-दो काउंटिंग सेंटर बनाए गए हैं, जबकि नगांव जिले में तीन केंद्र स्थापित किए गए हैं. इसके अलावा बाकी जिलों में एक-एक काउंटिंग सेंटर रखा गया है. चुनाव आयोग ने हर विधानसभा सीट के लिए एक-एक काउंटिंग ऑब्जर्वर नियुक्त किया है, यानी कुल 126 ऑब्जर्वर पूरे राज्य में निगरानी कर रहे हैं. इसके साथ ही वोटों की गिनती में 5,981 अधिकारी और 2,348 माइक्रो ऑब्जर्वर तैनात किए गए हैं, जो हर राउंड की गिनती पर कड़ी नजर बनाए हुए हैं.

यह चुनाव न केवल राज्य की भावी राजनीति तय करेगा, बल्कि इसे मुख्यमंत्री सरमा के नेतृत्व पर एक जनमत संग्रह के रूप में भी देखा जा रहा है. परिसीमन के बाद यह पहला चुनाव है, जिसने कई सीटों के समीकरण बदल दिए हैं. भाजपा जहाँ ‘अरुणोदय’ जैसी कल्याणकारी योजनाओं और विकास के दम पर सत्ता बरकरार रखने की उम्मीद कर रही है, वहीं कांग्रेस के नेतृत्व वाला गठबंधन भ्रष्टाचार के आरोपों और नागरिकता जैसे मुद्दों को लेकर सरकार को घेर रहा है.