Newshaat_Logo

बलरामपुर में पकड़े गए संदिग्ध आतंकी शहरोज का नेटवर्क खंगाल रही ATS, नेपाल सीमा से सटे 5 जिलों तक कनेक्शन का शक

 
बलरामपुर में पकड़े गए संदिग्ध आतंकी शहरोज का नेटवर्क खंगाल रही ATS, नेपाल सीमा से सटे 5 जिलों तक कनेक्शन का शक

 

UP News: उत्तर प्रदेश के बलरामपुर से गिरफ्तार किए गए संदिग्ध आतंकी शहरोज को लेकर जांच एजेंसियों की पड़ताल लगातार आगे बढ़ रही है। शुरुआती जांच में उसके संपर्कों का दायरा भारत-नेपाल सीमा से लगे कई जिलों तक फैला होने की बात सामने आई है। एटीएस अब उसके मोबाइल फोन, सोशल मीडिया अकाउंट, कॉल डिटेल और बैंक खातों समेत डिजिटल गतिविधियों की गहन जांच कर रही है।

जांच एजेंसियों के अनुसार, गैसड़ी क्षेत्र के जमधरा गांव निवासी शहरोज लंबे समय से बहराइच, श्रावस्ती, बलरामपुर, सिद्धार्थनगर और लखीमपुर खीरी जैसे सीमावर्ती जिलों में सक्रिय था। आरोप है कि वह इन इलाकों के कुछ युवाओं के संपर्क में था और उन्हें कट्टरपंथी विचारधारा से प्रभावित करने की कोशिश कर रहा था।

युवाओं का नेटवर्क तैयार करने का आरोप

एटीएस की शुरुआती जांच में यह आशंका जताई जा रही है कि शहरोज का उद्देश्य ऐसे युवाओं को एकजुट करना था, जो कट्टरपंथी विचारों से प्रभावित हो सकें। एजेंसी अब यह पता लगाने में जुटी है कि उसके संपर्क में आए युवाओं में से कौन-कौन लोग उसके साथ सक्रिय रूप से जुड़े थे और उनकी भूमिका क्या थी।

जांच एजेंसियां शहरोज के डिजिटल उपकरणों से मिले संदिग्ध नंबरों और अन्य सुरागों की पड़ताल कर रही हैं। मोबाइल फोन की फोरेंसिक जांच के साथ ही डिलीट किए गए डेटा को भी रिकवर करने का प्रयास किया जा रहा है। अधिकारियों को उम्मीद है कि डिजिटल साक्ष्यों से पूरे नेटवर्क और उससे जुड़े अन्य लोगों तक पहुंचने में मदद मिल सकती है।

पाकिस्तानी एजेंट और गैंगस्टर से कनेक्शन की जांच

सूत्रों के मुताबिक, जांच में शहरोज के कथित तौर पर एक पाकिस्तानी एजेंट और पाकिस्तान में बैठे गैंगस्टर शहजाद भट्टी के नेटवर्क से जुड़े होने का एंगल भी सामने आया है। बताया जा रहा है कि शहरोज के संपर्क में रहे दो युवकों को भी जांच एजेंसियों ने चिन्हित किया है। इनमें से एक संदिग्ध से पूछताछ किए जाने की बात सामने आई है।

एटीएस अब शहरोज और उसके संपर्कों के बीच हुई बातचीत, चैट और सोशल मीडिया गतिविधियों की जांच कर रही है। एजेंसी यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि उसके संपर्क में आए युवाओं को किसी तरह का टास्क या निर्देश दिया गया था या नहीं।

हथियार और विस्फोटक हासिल करने की भी जांच

जांच से जुड़े सूत्रों के अनुसार, शहरोज के राजस्थान पहुंचने के बाद उसे एक ऐसे व्यक्ति से संपर्क कराया जाना था, जिससे कथित तौर पर हथियार और विस्फोटक हासिल किए जाने थे। हालांकि, इस पूरे मामले की पुष्टि और नेटवर्क की वास्तविक भूमिका का पता लगाने के लिए एजेंसियां विस्तृत जांच कर रही हैं।

एटीएस अब शहरोज को पुलिस कस्टडी रिमांड पर लेकर पूछताछ करने की तैयारी में है। इसके लिए कोर्ट में आवेदन दाखिल किए जाने की संभावना है। जांच एजेंसी का फोकस शहरोज के स्थानीय संपर्कों के साथ-साथ उसके कथित अंतरराष्ट्रीय कनेक्शन को खंगालने पर है।

सोशल मीडिया गतिविधियों पर भी नजर

पिछले कुछ समय में संदिग्ध आतंकी मॉड्यूल से जुड़े लोगों की गिरफ्तारी के बाद सुरक्षा एजेंसियां सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर भी विशेष निगरानी रख रही हैं। एटीएस संदिग्धों के बीच हुई चैट और संदेशों का विश्लेषण कर रही है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि उनके पीछे कोई संगठित नेटवर्क या विदेशी हैंडलर सक्रिय था या नहीं।

फिलहाल एटीएस शहरोज से जुड़े सभी संभावित संपर्कों की कड़ियां जोड़ने में जुटी है। जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि उसका नेटवर्क कितना बड़ा था और उसके संपर्क में रहे लोगों की वास्तविक भूमिका क्या थी।