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बंगाल में अब यूपी मॉडल पर कार्रवाई, आसनसोल हिंसा के प्रदर्शनकारियों से वसूला जाएगा नुकसान

Kolkata: मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने साफ कहा है कि पुलिस पर हमला किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं होगा. मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदर्शन के दौरान जिन लोगों ने तोड़फोड़, आगजनी या सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाया है, उनकी पहचान कर उनसे नुकसान की भरपाई की जाएगी. उन्होंने प्रशासन से ऐसे लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की मांग भी की.
 
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Kolkata: शुभेंदु अधिकारी ने आसनसोल में हुए प्रदर्शन और हिंसा के बाद सख्त रुख अपनाते हुए कहा है कि सरकारी और सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने वालों से भरपाई कराई जाएगी. इसे उत्तर प्रदेश की तर्ज पर हर्जाना वसूली की कार्रवाई माना जा रहा है.

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मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने साफ कहा है कि पुलिस पर हमला किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं होगा. मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदर्शन के दौरान जिन लोगों ने तोड़फोड़, आगजनी या सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाया है, उनकी पहचान कर उनसे नुकसान की भरपाई की जाएगी. उन्होंने प्रशासन से ऐसे लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की मांग भी की. उन्होंने घोषणा की कि हिंसा के सिलसिले में गिरफ्तार आरोपियों से ही क्षतिग्रस्त सार्वजनिक संपत्ति की कीमत वसूली जाएगी. मुख्यमंत्री ने पुलिस प्रशासन को अवैध बूचड़खानों, ध्वनि प्रदूषण, जबरन टोल वसूली और अवैध खनन के खिलाफ सरकारी आदेशों को सख्ती से लागू करने के निर्देश दिए हैं. उन्होंने कहा कि पहले 'शासकों का कानून' था, लेकिन अब 'कानून का शासन' है.

पुलिस चौकी पर लोगों ने किया हमला

दरअसल, शुक्रवार को आसनसोल में धार्मिक स्थलों पर लगे लाउड स्पीकर की आवाज को कम करने के सरकारी आदेश की पालना करवाने पहुंची पुलिस से स्थानीय लोगों के साथ विवाद हो गया. विवाद इतना बढ़ा कि गुस्साए लोगों ने पुलिस चौकी पर हमला बोल दिया. इस दौरान चौकी में जमकर तोड़फोड़ की गई. इसी घटना को लेकर मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने सख्त रुख अपनाते हुए कहा कि पुलिसकर्मियों पर हमले किसी भी परिस्थिति में बर्दाश्त नहीं किए जाएंगे और कानून-व्यवस्था सख्ती से लागू की जाएगी. 

'पहले शाशकों का कानून था, अब कानून का शासन है'

शुभेंदु ने पुलिसिंग और प्रशासन पर अपनी सरकार का रुख रेखांकित करते हुए कहा, ‘‘पहले शासकों का कानून था; अब कानून का शासन है.'' बंगाल के नए मुख्यमंत्री शुभेंदु ने आरोप लगाया कि हाल के वर्षों में पुलिस प्रशासन ‘‘भय के माहौल'' में काम कर रहा था और अनुशासन प्रभावित हुआ. उन्होंने आरोप लगाया, ‘‘कोई व्यवस्था नहीं थी. एक सांसद का पीए ओसी और आईसी को निर्देश देता था और कार्रवाई की जाती थी. एसपी को कुछ कार्रवाइयों के बारे में एक दिन बाद ही पता चलता था.''

मुख्यमंत्री ने पुलिस को अवैध बूचड़खानों, ध्वनि प्रदूषण, अनधिकृत टोल वसूली और अवैध रेत एवं कोयला खनन से संबंधित हालिया सरकारी आदेशों को सख्ती से लागू करने का निर्देश दिया, साथ ही यह सुनिश्चित करने को भी कहा कि प्रवर्तन उपाय शांतिपूर्ण ढंग से और उचित जनसंचार के बाद किए जाएं.

'सिर्फ मस्जिद की बात नहीं, सभी कानून के दायरे में'

वहीं, अब पश्चिम बंगाल सरकार में मंत्री दिलीप घोष ने आसनसोल में लाउडस्पीकर को लेकर हुए विवाद पर भी जवाब दिया. आसनसोल में बीते दिनों लाउडस्पीकर की आवाज कम कराने पर कुछ लोगों ने पुलिस चौकी पर हमला बोला था.  मंत्री दिलीप घोष ने अपने जवाब में कहा, "कोई भी कानून के दायरे से बाहर नहीं जा सकता है और यह सिर्फ मस्जिद की बात नहीं है. इसलिए किसी भी समुदाय या धर्म के लोग कानून के अंदर ही व्यवस्था करें, अन्यथा कानून का हाथ बहुत लंबा है और कहीं भी पहुंच सकता है. सरकार को कार्रवाई के लिए मजबूर न करें."

उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा, "जिसको पश्चिम बंगाल में कहीं भी कानून से ऊपर जाकर काम करने की आदत पड़ी है, वो या तो आदत बदल ले, वरना सरकार को सुधारना आता है." इस दौरान, दिलीप घोष ने हिंदुओं से भी अपील की कि माता पूजा के नाम पर शोर-शराबा नहीं होना चाहिए. माता की पूजा शांति और भक्ति के साथ करें, ऐसे कार्यक्रमों में सरकार का भी सहयोग मिलेगा.