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स्वतंत्रता दिवस से पहले बंगाल में रची गई बड़ी साजिश! पूर्व बर्द्धमान से बीरभूम तक मिला बमों का जखीरा

West Bengal Bomb Recovery: स्वतंत्रता दिवस से पहले पश्चिम बंगाल में सुरक्षा एजेंसियों को बड़ी कामयाबी मिली है. पूर्व बर्द्धमान से लेकर बीरभूम तक अलग-अलग जगहों से बड़ी संख्या में बम बरामद किए गए हैं. बरामदगी के बाद इलाके में सुरक्षा बढ़ा दी गई है और पूरे मामले की जांच शुरू कर दी गई है.
 
WEST BENGAL

West Bengal Bomb Recovery: स्वतंत्रता दिवस से ठीक एक दिन पहले पश्चिम बंगाल के दो जिलों में बड़ी संख्या में देसी बम बरामद होने से हड़कंप मच गया। पूर्व बर्द्धमान और बीरभूम जिले में अलग-अलग जगहों से कुल करीब 24 देसी बम मिलने के बाद पुलिस और बम निरोधक दस्ते ने तत्काल कार्रवाई की। दोनों स्थानों पर इलाके की घेराबंदी कर बमों को सुरक्षित तरीके से निष्क्रिय कर दिया गया।

बरामद बम और वह मकान, जहां से बम मिले. फोटो : प्रभात खबर

पूर्व बर्द्धमान में सुनसान जगह पर मिले 4 बम

पूर्व बर्द्धमान जिले के कलना थाना क्षेत्र के कुसुमदेवपुर पंचायत अंतर्गत नूतनचर गांव में स्थानीय लोगों ने एक सुनसान जगह पर चार लावारिस बम पड़े देखे। बम मिलने की सूचना पुलिस को दी गई, जिसके बाद कलना थाने की टीम मौके पर पहुंची और पूरे इलाके की घेराबंदी कर दी।

पुलिस ने एहतियात के तौर पर लोगों की आवाजाही रोक दी और बम निरोधक दस्ते को मौके पर बुलाया। विशेषज्ञों की मौजूदगी में चारों बमों को सुरक्षित तरीके से विस्फोट कर नष्ट कर दिया गया। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि इन बमों को वहां किसने रखा था और इन्हें रखने का उद्देश्य क्या था।

बीरभूम में छत पर घड़े से मिले करीब 20 देसी बम

इसी तरह बीरभूम जिले के मल्लारपुर थाना क्षेत्र के कोट गांव में भी बड़ी संख्या में देसी बम बरामद हुए। पुलिस के मुताबिक, एक मकान की छत पर रखे मिट्टी के घड़े से करीब 20 देसी बम मिले।

बम बरामद होने की सूचना मिलते ही पुलिस ने मकान और आसपास के इलाके को सील कर दिया। किसी भी संभावित खतरे को देखते हुए लोगों की आवाजाही पर रोक लगा दी गई। इसके बाद बमों को सुरक्षित तरीके से कब्जे में लेकर बम निरोधक दस्ते को बुलाया गया। दस्ते ने निर्धारित प्रक्रिया के तहत सभी बमों को विस्फोट कर नष्ट कर दिया।

स्वतंत्रता दिवस से पहले सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल

स्वतंत्रता दिवस से ठीक पहले दो अलग-अलग जिलों से बड़ी संख्या में देसी बम बरामद होने के बाद सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल उठने लगे हैं। खासतौर पर यह सवाल उठ रहा है कि पुलिस की गश्त और निगरानी के बावजूद इन विस्फोटकों को किस तरह छिपाकर रखा गया।

पुलिस अब दोनों मामलों की अलग-अलग जांच कर रही है। जांच एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि बरामद बम कहां बनाए गए थे, इन्हें किसने वहां छिपाया था और इनके पीछे किसी आपराधिक गतिविधि या अन्य साजिश का संबंध है या नहीं।

फिलहाल दोनों घटनाओं में किसी आरोपी की गिरफ्तारी की जानकारी सामने नहीं आई है। पुलिस आसपास के इलाकों में पूछताछ और अन्य सुरागों के आधार पर जांच को आगे बढ़ा रही है।