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नेपाल में टला बड़ा खतरा! सरकार का बड़ा अपडेट, फिर शुरू हुआ रेस्क्यू ऑपरेशन

Nepal Flood Tragedy: नेपाल में विनाशकारी बाढ़ के बीच सरकार ने शुक्रवार को राहत की जानकारी दी है. अधिकारियों के मुताबिक फिलहाल तत्काल किसी बड़े खतरे की आशंका नहीं है, जिसके बाद प्रभावित इलाकों में रेस्क्यू और राहत अभियान फिर शुरू कर दिया गया है. तिब्बत सीमा के पास बनी झील के पानी को लेकर खतरे के कारण कुछ समय के लिए बचाव अभियान प्रभावित हुआ था. हालात का लगातार आकलन किया जा रहा है और नदी के जलस्तर पर निगरानी रखी जा रही है.
 
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Nepal Flood Tragedy: नेपाल में आई विनाशकारी प्राकृतिक आपदा के बाद राहत और बचाव अभियान लगातार जारी है। बाढ़ और भूस्खलन की घटना में अब तक सैकड़ों लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि बड़ी संख्या में लोग घायल और लापता हैं। इस बीच नेपाल सरकार ने जानकारी दी है कि त्रिशूली इलाके में रेस्क्यू ऑपरेशन दोबारा शुरू कर दिया गया है।

नेपाल सरकार ने दी बड़ी जानकारी, तत्काल बड़े खतरे की आशंका नहीं, शुरू किया  रेस्क्यू ऑपरेशन - India TV Hindi

हालांकि, तिब्बत की ओर से पानी के बहाव और नई झील के ओवरफ्लो की आशंका के बीच प्रशासन पूरी तरह सतर्क है। नेपाल सरकार का कहना है कि फिलहाल तत्काल किसी बड़े खतरे की आशंका नहीं है, लेकिन एहतियात के तौर पर प्रभावित क्षेत्रों में निगरानी बढ़ा दी गई है।

त्रिशूली में फिर शुरू हुआ रेस्क्यू ऑपरेशन

नेपाल सेना के एक अधिकारी ने बताया कि त्रिशूली क्षेत्र में पानी का स्तर करीब दो फीट तक बढ़ा है। इसके बावजूद सुरक्षा एजेंसियां हालात पर लगातार नजर बनाए हुए हैं। उन्होंने कहा कि सेना और अन्य राहत दल पूरी तरह अलर्ट हैं।

नुवाकोट जिले के नदी किनारे और तटीय इलाकों में दोबारा बाढ़ आने की आशंका के बीच स्थानीय लोगों को सुरक्षित स्थानों की ओर जाते हुए देखा गया। प्रशासन ने नदी के आसपास रहने वाले लोगों से सावधानी बरतने और जरूरत पड़ने पर तत्काल सुरक्षित एवं ऊंचे स्थानों पर जाने की अपील की है।

नेपाल सरकार की ओर से राहत एवं बचाव कार्य में लगे सुरक्षाकर्मियों और अन्य लोगों से भी खतरे की स्थिति में सुरक्षित स्थान पर जाने का अनुरोध किया गया है।

489 शव बरामद, बड़ी संख्या में अब भी लापता

आपदा के बाद राहत एवं बचाव टीमों का अभियान लगातार जारी है। प्राप्त जानकारी के अनुसार अब तक 489 शव बरामद किए जा चुके हैं। इनमें बड़ी संख्या में शवों की पहचान अभी नहीं हो सकी है।

रिपोर्ट के मुताबिक, 449 शवों में से अब तक करीब 100 की पहचान हो पाई है, जबकि 393 शवों की पहचान अभी बाकी बताई जा रही है। मलबे और बाढ़ प्रभावित इलाकों में लापता लोगों की तलाश के लिए रेस्क्यू टीमें लगातार अभियान चला रही हैं।

290 भारतीयों से अब भी संपर्क नहीं

नेपाल में फंसे भारतीय नागरिकों को लेकर भी स्थिति चिंताजनक बनी हुई है। भारत के विदेश मंत्रालय के मुताबिक, 84 भारतीय नागरिकों को सुरक्षित बचा लिया गया है, जबकि करीब 290 भारतीय नागरिकों से अभी तक संपर्क नहीं हो पाया है।

भारतीय और नेपाली एजेंसियां लापता लोगों की जानकारी जुटाने और प्रभावित इलाकों में फंसे लोगों तक मदद पहुंचाने की कोशिश कर रही हैं।

नेपाल सरकार ने कहा- तत्काल बड़ा खतरा नहीं

तिब्बत में ग्लेशियर टूटने और पानी के ओवरफ्लो की खबरों के बीच नेपाल सरकार ने लोगों को राहत दी है। सरकार के प्रवक्ता एवं शिक्षा मंत्री सस्मित पोखरेल ने कहा कि फिलहाल तत्काल किसी बड़े खतरे की स्थिति नहीं है, लेकिन एहतियात के तौर पर पूरी सतर्कता जरूरी है।

सरकार के अनुसार, चीन में छोचेन खोला और पुरेपू त्सांग्पो नदी के संगम के आसपास ग्लेशियर टूटने के कारण कुछ स्थानों पर पानी के साथ गाद और मलबा बहकर ओवरफ्लो हुआ है। हालांकि, अभी ऐसी स्थिति नहीं है जिससे तत्काल बड़े खतरे की आशंका हो।

सरकार ने इसके बावजूद प्रभावित क्षेत्रों में निगरानी जारी रखने और लोगों से सावधानी बरतने की अपील की है।

नई झील ने बढ़ाई चिंता

विनाशकारी बाढ़ के बाद भी नेपाल में खतरा पूरी तरह टला नहीं है। पहाड़ों से आए बर्फ, चट्टानों और मलबे के कारण एक नई झील बनने की जानकारी सामने आई है। इसमें लगातार पानी जमा होने और ओवरफ्लो की आशंका ने प्रशासन की चिंता बढ़ा दी है।

विशेषज्ञों और अधिकारियों की चिंता इस बात को लेकर है कि यदि इस प्राकृतिक बांध या मलबे से बनी झील का अवरोध अचानक टूटता है तो नीचे की ओर बसे इलाकों में फिर से अचानक फ्लैश फ्लड आ सकती है।

इसी संभावित खतरे को देखते हुए नेपाल प्रशासन नदी किनारे के इलाकों में निगरानी बनाए हुए है। स्थानीय लोगों को भी सतर्क रहने और किसी भी आपात स्थिति में तुरंत सुरक्षित स्थानों पर जाने की सलाह दी गई है।

राहत-बचाव अभियान पर नजर

फिलहाल नेपाल में राहत और बचाव अभियान को दोबारा गति दी गई है। रेस्क्यू टीमें मलबे में दबे लोगों और लापता व्यक्तियों की तलाश कर रही हैं। वहीं, प्रशासन संभावित नए बाढ़ के खतरे को देखते हुए संवेदनशील इलाकों की लगातार निगरानी कर रहा है।

सरकार का कहना है कि तत्काल बड़े खतरे की आशंका नहीं है, लेकिन हालात को देखते हुए सावधानी और सतर्कता बनाए रखना बेहद जरूरी है।