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प्रवासी कामगारों के हित में बड़ा फैसला, 5 किलो LPG सिलेंडर का कोटा दोगुना, एड्रेस प्रूफ की बाध्यता खत्म...

National: केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्रालय के निर्देश पर प्रवासी मजदूरों के लिए उपलब्ध 5 किलो LPG सिलेंडर की संख्या बढ़ा दी गई है. पहले जहां सीमित संख्या में सिलेंडर मिलते थे, अब उसी अवधि में दोगुना सिलेंडर उपलब्ध कराए जाएंगे. सबसे अहम बदलाव यह है कि अब गैस लेने के लिए स्थायी पते का प्रमाण जरूरी नहीं होगा. इससे वे मजदूर भी गैस ले सकेंगे, जो काम के सिलसिले में एक राज्य से दूसरे राज्य में रहते हैं.
 
 
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National: महंगाई और रोजमर्रा की जरूरतों के बीच जूझ रहे प्रवासी मजदूरों के लिए केंद्र सरकार ने बड़ी राहत देने वाला फैसला लिया है. अब प्रवासी कामगारों को 5 किलो एलपीजी सिलेंडर आसानी से मिलेगा. सरकार ने न सिर्फ इस सिलेंडर का कोटा दोगुना कर दिया है, बल्कि एड्रेस प्रूफ (पते के प्रमाण) की अनिवार्यता भी खत्म कर दी है. इस फैसले से लाखों प्रवासी मजदूरों को सीधा लाभ मिलने की उम्मीद है.

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देश के करोड़ों प्रवासी श्रमिकों को बड़ी राहत देते हुए केंद्र सरकार ने एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया है. पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय द्वारा जारी ताजा अधिसूचना के अनुसार, राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में प्रवासी मजदूरों के लिए 'फ्री ट्रेड एलपीजी' (FTL) के 5 किलोग्राम वाले सिलेंडरों का दैनिक आवंटन अब दोगुना कर दिया गया है.

क्या है नया फैसला?

केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्रालय के निर्देश पर प्रवासी मजदूरों के लिए उपलब्ध 5 किलो LPG सिलेंडर की संख्या बढ़ा दी गई है. पहले जहां सीमित संख्या में सिलेंडर मिलते थे, अब उसी अवधि में दोगुना सिलेंडर उपलब्ध कराए जाएंगे. सबसे अहम बदलाव यह है कि अब गैस लेने के लिए स्थायी पते का प्रमाण जरूरी नहीं होगा. इससे वे मजदूर भी गैस ले सकेंगे, जो काम के सिलसिले में एक राज्य से दूसरे राज्य में रहते हैं.

देश के करोड़ों प्रवासी श्रमिकों को बड़ी राहत देते हुए केंद्र सरकार ने एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया है. पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय द्वारा जारी ताजा अधिसूचना के अनुसार, राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में प्रवासी मजदूरों के लिए 'फ्री ट्रेड एलपीजी' (FTL) के 5 किलोग्राम वाले सिलेंडरों का दैनिक आवंटन अब दोगुना कर दिया गया है.

सरकार का यह फैसला मार्च 2026 में लागू किए गए उस नियम में बदलाव है, जिसमें आपूर्ति पर 20 प्रतिशत की सीमा (कैप) लगाई गई थी. मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि अब सिलेंडरों का बढ़ा हुआ आवंटन मार्च के शुरुआती हफ्तों में दर्ज की गई औसत दैनिक आपूर्ति के आधार पर तय किया जाएगा. यह कदम उन रिपोर्टों के बाद उठाया गया है जिनमें संकेत मिला था कि कई राज्यों में प्रवासी श्रमिकों की मांग मौजूदा कोटे से कहीं अधिक है.

अधिसूचना के अनुसार, इन अतिरिक्त 5-किलो के सिलेंडरों को सीधे राज्य सरकारों और उनके 'खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभागों' के नियंत्रण में रखा जाएगा. तेल विपणन कंपनियां (OMCs) इन विभागों के साथ मिलकर यह सुनिश्चित करेंगी कि आपूर्ति केवल वास्तविक प्रवासी श्रमिकों तक ही पहुंचे. सरकार ने यह भी दोहराया है कि इन सिलेंडरों को खरीदने के लिए किसी स्थायी निवास प्रमाण (Address Proof) की आवश्यकता नहीं होगी; श्रमिक केवल एक वैध पहचान पत्र दिखाकर इन्हें प्राप्त कर सकते हैं.

यह निर्णय ऐसे समय में आया है जब पश्चिम एशिया में जारी भू-राजनीतिक तनाव के कारण वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति श्रृंखला पर दबाव बना हुआ है. सरकार ने नागरिकों से 'पैनिक बाइंग' (घबराहट में खरीदारी) न करने की अपील की है. घरेलू एलपीजी की उपलब्धता बनाए रखने के लिए शहरी क्षेत्रों में बुकिंग अंतराल को 25 दिन और ग्रामीण क्षेत्रों में 45 दिन कर दिया गया है.

आंकड़ों के अनुसार, हाल ही में लगभग 51 लाख घरेलू सिलेंडरों की सफल डिलीवरी हुई है. सरकार ने पारदर्शिता बढ़ाने के लिए डिजिटल बुकिंग को बढ़ावा दिया है, जिसके परिणामस्वरूप अब 95% बुकिंग ऑनलाइन हो रही है. वितरण में धांधली रोकने के लिए 'ऑथेंटिकेशन-आधारित डिलीवरी' को भी अनिवार्य किया गया है.

सरकार ने राज्यों को सलाह दी है कि वे एलपीजी पर निर्भरता कम करने के लिए पाइप्ड नेचुरल गैस (PNG) कनेक्शन का विस्तार करें और वैकल्पिक ईंधन के रूप में केरोसिन और कोयले की उपलब्धता भी सुनिश्चित करें.