बंगाल कैबिनेट का बड़ा फैसला, 1 लाख से अधिक कर्मचारियों की बढ़ेगी कमाई; वन रक्षकों और पारा-टीचर्स को ₹5,000 का फायदा
कोलकाता: पश्चिम बंगाल में सरकारी कर्मचारियों और संविदाकर्मियों के लिए बड़ी खुशखबरी सामने आई है। राज्य कैबिनेट ने विभिन्न विभागों में काम करने वाले एक लाख से अधिक कर्मचारियों और संविदाकर्मियों के पारिश्रमिक में बढ़ोतरी को मंजूरी दी है। मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने सोमवार को कैबिनेट बैठक के बाद इसकी जानकारी दी। सरकार के इस फैसले से 14 अलग-अलग श्रेणियों के कर्मचारियों को लाभ मिलेगा।
इस फैसले से राज्य सरकार पर हर साल करीब 390 करोड़ रुपये का अतिरिक्त वित्तीय बोझ पड़ेगा। सरकार के मुताबिक, इन कर्मचारियों की लंबे समय से चली आ रही पारिश्रमिक बढ़ोतरी की मांगों को उचित मानते हुए यह फैसला लिया गया है।
वन रक्षकों का बढ़ेगा ₹5,000 पारिश्रमिक
कैबिनेट के फैसले के तहत वन विभाग के कई कर्मचारियों को बड़ी राहत दी गई है। डिप्टी रेंजर, फॉरेस्टर, हेड फॉरेस्ट गार्ड और फॉरेस्ट गार्ड के मासिक पारिश्रमिक में ₹5,000 की बढ़ोतरी की गई है।
यह बढ़ोतरी 1 अक्टूबर 2026 से प्रभावी होगी। वहीं करीब 1,500 वन सहायकों/फॉरेस्ट वॉलंटियर्स के मानदेय में भी ₹2,000 प्रति माह की बढ़ोतरी की गई है।
पारा-टीचर्स को भी ₹5,000 का फायदा
शिक्षा विभाग से जुड़े कर्मचारियों के लिए भी कैबिनेट का फैसला महत्वपूर्ण है। प्राथमिक और उच्च प्राथमिक स्तर के पारा-टीचर्स के मासिक पारिश्रमिक में ₹5,000 की बढ़ोतरी की गई है।
इसके अलावा शिक्षा बंधुओं (Shiksha Bandhus) के पारिश्रमिक में भी ₹5,000 की वृद्धि की गई है। यह बढ़ा हुआ पारिश्रमिक 1 नवंबर 2026 से लागू होगा।
कितनी बढ़ेगी पारा-टीचर्स की राशि?
उपलब्ध जानकारी के अनुसार:
| श्रेणी | पहले मासिक पारिश्रमिक | बढ़ोतरी | नया पारिश्रमिक |
|---|---|---|---|
| प्राथमिक पारा-टीचर | ₹11,941 | ₹5,000 | ₹16,941 |
| उच्च प्राथमिक पारा-टीचर | ₹15,523 | ₹5,000 | ₹20,523 |
| शिक्षा बंधु | ₹9,954 | ₹5,000 | ₹14,954 |
इसके अलावा 21 विशेष शिक्षकों के पारिश्रमिक में भी ₹5,000 की बढ़ोतरी की गई है।
1 लाख से अधिक लोगों को मिलेगा लाभ
राज्य सरकार के अनुसार, कैबिनेट के इस फैसले से एक लाख से अधिक कर्मचारी और संविदाकर्मी लाभान्वित होंगे। इनमें शिक्षा, वन विभाग और अन्य विभागों से जुड़े कर्मचारी शामिल हैं।
सरकार ने बताया कि 2026-27 के बजट में इन 14 कर्मचारी समूहों के पारिश्रमिक बढ़ोतरी को शामिल नहीं किया गया था। अब कैबिनेट की मंजूरी के बाद इन वर्गों को आर्थिक राहत मिलेगी।
पूर्व विधायकों का मेडिकल भत्ता भी बढ़ा
कैबिनेट ने पूर्व विधायकों के मेडिकल भत्ते में भी बढ़ोतरी की है। इसे ₹6,000 से बढ़ाकर ₹10,000 प्रति माह कर दिया गया है। यह बढ़ोतरी 1 अगस्त 2026 से प्रभावी मानी गई है।
इसके अलावा विधानसभा के वे विधायक जिन्होंने अपने क्षेत्र में नेताजी सेवा केंद्र शुरू किए हैं, उन्हें इन केंद्रों के संचालन के लिए ₹30,000 प्रति माह देने का फैसला किया गया है।
सरकार पर बढ़ेगा 390 करोड़ रुपये का सालाना बोझ
विभिन्न श्रेणियों के कर्मचारियों के पारिश्रमिक और भत्ते बढ़ाने के फैसले से पश्चिम बंगाल सरकार पर हर साल करीब ₹390 करोड़ का अतिरिक्त खर्च आएगा। सरकार का कहना है कि कर्मचारियों की मांगों को उचित मानते हुए यह फैसला लिया गया है।
कुल मिलाकर, पश्चिम बंगाल कैबिनेट का यह फैसला वन विभाग, शिक्षा विभाग और अन्य संविदा श्रेणियों में काम करने वाले हजारों कर्मचारियों के लिए बड़ी राहत लेकर आया है। खास तौर पर फॉरेस्ट गार्ड और पारा-टीचर्स के लिए ₹5,000 की मासिक बढ़ोतरी को महत्वपूर्ण माना जा रहा है।







