लव कुश रामलीला कमेटी का बड़ा फैसला: पूनम पांडे मंदोदरी की भूमिका से हटाई गई, भाजपा प्रवक्ता ने निर्णय का किया स्वागत
New Delhi: दिल्ली के लालकिला मैदान में आयोजित होने वाली मशहूर लव कुश रामलीला इस बार भी सुर्खियों में है। बीते दिनों अभिनेत्री पूनम पांडे को मंदोदरी की भूमिका दिए जाने की घोषणा के बाद धार्मिक जगत और समाज के एक बड़े वर्ग में नाराज़गी देखने को मिली थी। विरोध के सुर तेज़ होने के बाद आखिरकार कमेटी ने निर्णय बदलते हुए उन्हें इस किरदार से हटा दिया है।
भाजपा प्रवक्ता का विरोध और कमेटी का कदम
दिल्ली भाजपा प्रवक्ता एवं लव कुश रामलीला कमेटी के वरिष्ठ उपाध्यक्ष प्रवीण शंकर कपूर ने बीते सप्ताह अध्यक्ष अर्जुन कुमार और महामंत्री सुभाष गोयल को पत्र लिखकर समाज की भावनाओं की ओर से कड़ा विरोध दर्ज कराया था। उन्होंने साफ कहा था कि पूनम पांडे को मंदोदरी जैसे पवित्र चरित्र की भूमिका देना समाज और धार्मिक परंपराओं का अपमान है।
आज हुई प्रेस कॉन्फ्रेंस में कमेटी ने औपचारिक रूप से घोषणा की कि पूनम पांडे अब मंदोदरी की भूमिका नहीं निभाएंगी।
“धार्मिक भावनाओं का सम्मान हुआ” – प्रवीण शंकर कपूर
निर्णय पर प्रतिक्रिया देते हुए प्रवीण शंकर कपूर ने कहा, “लव कुश रामलीला कमेटी ने पूनम पांडे को मंदोदरी की भूमिका से हटाकर न केवल धार्मिक जगत बल्कि पूरे समाज की भावनाओं का सम्मान किया है।”
रामलीला और युवाओं का जुड़ाव
भाजपा प्रवक्ता ने आगे कहा कि लव कुश रामलीला दिल्ली की अग्रणी रामलीलाओं में से एक है। मंचन में तकनीक और आधुनिक साधनों को जोड़ने से युवाओं का जुड़ाव बढ़ा है। यही कारण है कि यह रामलीला राजधानी में अलग पहचान बनाए हुए है।
समाज में संतोष की लहर
कमेटी के इस फैसले से न केवल धार्मिक और सामाजिक संगठनों की आपत्तियाँ शांत हुई हैं, बल्कि राजधानी की सियासी हलचलों में भी इसे लेकर सकारात्मक प्रतिक्रिया देखने को मिल रही है। अब लालकिला मैदान की रामलीला एक बार फिर अपनी भव्यता और परंपरा के लिए चर्चा का विषय बनने जा रही है।







