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रेल सेक्टर में बड़ा कदम, टेक्समैको रेल का ₹2,000 करोड़ का दांव; भारत का पहला ग्लोबल रेल लीजिंग प्लेटफॉर्म होगा तैयार

Kolkata: कंपनी ने फ्रांस के तुआक्स ग्रुप और अमेरिका के ट्रिनिटीरेल ग्लोबल के साथ रणनीतिक साझेदारी (Joint Venture) कर देश के पहले वैश्विक रेल-कार लीजिंग प्लेटफॉर्म की शुरुआत करने का फैसला किया है. इस साझेदारी से भारतीय रेल क्षेत्र को उन्नत वैगन तकनीक और वैश्विक पूंजी की सुविधा मिलेगी.
 
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Kolkata: कोलकाता स्थित टेक्समैको रेल एंड इंजीनियरिंग लिमिटेड ने भारत का पहला ग्लोबल रेल लीजिंग प्लेटफॉर्म विकसित करने की घोषणा की है. इस परियोजना के लिए कंपनी फ्रांस की Touax Group और अमेरिका की TrinityRail Global के साथ साझेदारी कर रही है. अगले तीन वर्षों में इस संयुक्त उपक्रम के तहत करीब ₹2,000 करोड़ का निवेश किया जाएगा.

Texmaco Rail & Engineering Forms Strategic Joint Venture with Rail Vikas  Nigam

इस निवेश का उपयोग लगभग 100 नई मालगाड़ी रेक (करीब 6,500 वैगन) खरीदने और देश में निजी रेल वैगन लीजिंग कारोबार को मजबूत करने में किया जाएगा. यह प्लेटफॉर्म आधुनिक तकनीक, वैश्विक वित्तीय विशेषज्ञता और उन्नत वैगन डिज़ाइन के साथ भारत के माल परिवहन क्षेत्र को नई गति देने का लक्ष्य रखता है. कोलकाता के बाहरी इलाके में 170 एकड़ से अधिक क्षेत्र में 5 विनिर्माण इकाइयां संचालित करने वाली प्रमुख कंपनी टेक्समैको रेल (Texmaco Rail) भारत के फ्रेट और लॉजिस्टिक्स विस्तार के नये चरण का मुख्य केंद्र बनने जा रही है.

कंपनी ने फ्रांस के तुआक्स ग्रुप और अमेरिका के ट्रिनिटीरेल ग्लोबल के साथ रणनीतिक साझेदारी (Joint Venture) कर देश के पहले वैश्विक रेल-कार लीजिंग प्लेटफॉर्म की शुरुआत करने का फैसला किया है. इस साझेदारी से भारतीय रेल क्षेत्र को उन्नत वैगन तकनीक और वैश्विक पूंजी की सुविधा मिलेगी.

मालगाड़ी के 100 रेक और 6500 वैगनों का होगा निर्माण

इस संयुक्त उद्यम के तहत तीनों कंपनियां मिलकर अगले तीन वर्षों में 2,000 करोड़ रुपए का निवेश करेंगी. इस पूंजी से 100 मालगाड़ी रेक (लगभग 6,500 वैगन) खरीदे जायेंगे.

भारत और फ्रांस की बराबर हिस्सेदारी

संयुक्त उद्यम में कंपनियों की हिस्सेदारी भी तय हो चुकी है. भारत और फ्रांस की कंपनियों यानी टेक्समैको रेल और तुआक्स ग्रुप की हिस्सेदारी 34-34 प्रतिशत होगी. अमेरिकी कंपनी ट्रिनिटीरेल ग्लोबल की भागीदारी 32 फीसदी होगी.

  • टेक्समैको रेल : 34 प्रतिशत हिस्सेदारी
  • तुआक्स ग्रुप (फ्रांस) : 34 प्रतिशत हिस्सेदारी
  • ट्रिनिटीरेल ग्लोबल (अमेरिका) : 32 प्रतिशत हिस्सेदारी

3 लाख करोड़ का बड़ा अवसर

तीनों साझेदार कंपनियों का अनुमान है कि भारत के माल ढुलाई रेल पारिस्थितिकी तंत्र (Freight Rail Ecosystem) में 3 लाख करोड़ रुपए का विशाल अवसर है. वर्तमान में भारत में कुल माल ढुलाई में रेलवे की हिस्सेदारी केवल 27 फीसदी है, जिसे सरकार बढ़ाकर 45 प्रतिशत करने का महत्वाकांक्षी लक्ष्य लेकर चल रही है.

यह नया प्लेटफॉर्म वैगन निर्माण से लेकर लीजिंग, वित्तीय सहायता और उनके रख-रखाव तक की पूरी शृंखला को एक साथ जोड़ेगा, जिससे निजी कंपनियों और भारतीय रेलवे दोनों को बिना भारी शुरुआती पूंजी लगाये आधुनिक वैगन लीज पर लेने का एक पारदर्शी विकल्प मिलेगा.