आधी रात रीतब्रत का बड़ा पोस्ट! EC के फैसले के बीच बोले- ‘राजनीति एक शाश्वत युद्ध है’
Kolkata: पश्चिम बंगाल में आगामी उपचुनावों से पहले तृणमूल कांग्रेस के चुनाव चिन्ह को लेकर चुनाव आयोग ने बड़ा फैसला लिया है। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद आयोग ने फिलहाल तृणमूल कांग्रेस के ‘जोराफुल’ चुनाव चिन्ह पर रोक लगा दी है। इसके साथ ही आगामी उपचुनाव में कोई भी पक्ष ममता बनर्जी द्वारा बनाए गए इस चुनाव चिन्ह का इस्तेमाल नहीं कर सकेगा।

चुनाव आयोग के इस फैसले के कुछ घंटे बाद राज्य विधानसभा में विपक्ष के नेता रीतब्रत बनर्जी ने सोशल मीडिया के जरिए अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने आयोग के निर्णय का स्वागत करते हुए इसे लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिहाज से महत्वपूर्ण बताया।
चुनाव आयोग के सामने दस्तावेज लेकर पहुंचे थे रीतब्रत
रीतब्रत बनर्जी गुरुवार को चुनाव आयोग की सुनवाई में शामिल हुए थे। वह अपने दावे के समर्थन में जरूरी दस्तावेज लेकर आयोग के समक्ष पहुंचे। हालांकि उन्होंने सुनवाई के दौरान हुई चर्चा का विस्तृत ब्योरा सार्वजनिक नहीं किया।
सुनवाई के बाद पत्रकारों से बातचीत में रीतब्रत ने कहा था कि उन्हें चुनाव चिन्ह मिलने की उम्मीद है। उन्होंने दावा किया कि आयोग के सामने पूछे गए सवालों के जवाब दिए गए और आवश्यक दस्तावेज भी उपलब्ध कराए गए।
हालांकि, आयोग ने किसी भी पक्ष को संबंधित चुनाव चिन्ह आवंटित नहीं करने का फैसला किया। इसके बाद रीतब्रत ने इस निर्णय को अपने पक्ष में महत्वपूर्ण बताया।
‘राजनीतिक पार्टी प्राइवेट लिमिटेड कंपनी नहीं हो सकती’
रीतब्रत बनर्जी ने कहा कि चुनाव आयोग के फैसले से यह स्पष्ट होता है कि लोकतांत्रिक देश में किसी राजनीतिक दल का स्वामित्व किसी एक व्यक्ति के हाथ में नहीं हो सकता।
Politics is a permanent war; a war at every hour; a war at every minute; a war at every second - a war that changes interests, needs and priorities. Long Live the eternal ideas & values of Democracy enshrined in India’s Constitution.
— Ritabrata Banerjee (@RitabrataBanerj) September 17, 2026
Politics is a permanent war; a war at every hour; a war at every minute; a war at every second - a war that changes interests, needs and priorities. Long Live the eternal ideas & values of Democracy enshrined in India’s Constitution.
— Ritabrata Banerjee (@RitabrataBanerj) September 17, 2026
उन्होंने कहा, “आयोग के फैसले से यह सिद्ध हो गया है कि कोई भी राजनीतिक पार्टी कभी भी प्राइवेट लिमिटेड कंपनी नहीं हो सकती। यह मुगलों का देश नहीं है। यह उत्तर कोरिया नहीं है। यहां निजी स्वामित्व जैसी कोई चीज नहीं है।”
उन्होंने यह भी संकेत दिया कि चुनाव चिन्ह से जुड़े मामले में आगे आयोग के समक्ष फिर सुनवाई का अवसर मिलेगा।
आधी रात को X पर लिखा- ‘राजनीति एक शाश्वत युद्ध है’
आयोग के फैसले के बाद शुक्रवार की आधी रात रीतब्रत बनर्जी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक पोस्ट भी किया। उन्होंने लिखा कि राजनीति एक ऐसा संघर्ष है, जो हर घंटे, हर मिनट और हर सेकंड चलता रहता है और समय के साथ हितों व प्राथमिकताओं में बदलाव आता रहता है।
उन्होंने आगे संविधान में निहित लोकतंत्र के आदर्शों और मूल्यों को अमर बताते हुए अपनी बात रखी।
शुक्रवार को नए नाम और चुनाव चिन्ह की जानकारी देंगे
रीतब्रत बनर्जी के अनुसार, शुक्रवार को वह चुनाव आयोग से मुलाकात करेंगे और अपने चुने गए राजनीतिक नाम तथा चुनाव चिन्ह के बारे में आयोग को जानकारी देंगे। उन्होंने आयोग के मौजूदा निर्णय को सकारात्मक संकेत के तौर पर देखा है।
इस पूरे घटनाक्रम के बीच आगामी उपचुनावों में चुनाव चिन्ह को लेकर स्थिति महत्वपूर्ण हो गई है। आयोग के अगले कदम और संबंधित पक्षों की ओर से प्रस्तावित नए नाम व चुनाव चिन्ह पर अब नजर रहेगी।







