भारत-बांग्लादेश सीमा को और सुरक्षित बनाने की दिशा में बड़ी प्रगति, असम में 228.54 किमी तक लगी बाड़; मंत्री अतुल बोरा का बड़ा बयान
Assam: असम सरकार ने विधानसभा में जानकारी दी है कि राज्य से लगने वाली भारत-बांग्लादेश अंतरराष्ट्रीय सीमा पर कंटीले तार की बाड़ लगाने का लगभग 85 प्रतिशत कार्य पूरा हो चुका है. सीमा सुरक्षा एवं विकास मंत्री अतुल बोरा ने बताया कि कुल 267.5 किलोमीटर लंबी सीमा में से 228.541 किलोमीटर हिस्से में फेंसिंग पूरी कर ली गई है, जबकि केवल 4.35 किलोमीटर क्षेत्र में बांग्लादेश सीमा रक्षक बल (BGB) की आपत्तियों के कारण बाड़ नहीं लगाई जा सकी है.

मंत्री ने बताया कि इसके अलावा 34.609 किलोमीटर सीमा नदी वाले (रिवराइन) क्षेत्र में पड़ती है, जहां सामान्य कंटीले तार की बाड़ लगाना तकनीकी रूप से संभव नहीं है. ऐसे इलाकों में सीमा की निगरानी के लिए वैकल्पिक सुरक्षा उपाय अपनाए जा रहे हैं.
मंत्री ने बताया कि जस्टिस बिप्लब शर्मा की रिपोर्ट की 40 सिफारिशें, जो मूल निवासियों के अधिकारों की सुरक्षा का वादा करती हैं, उन्हें लागू करने का काम चल रहा है. प्रश्नकाल के दौरान भारत-बांग्लादेश सीमा पर बाड़ लगाने के काम की ताजा जानकारी के बारे में एजीपी विधायक प्रकाश चंद्र दास के सवाल का जवाब देते हुए मंत्री अतुल बोरा ने कहा कि राज्य की 267 किलोमीटर सीमा बांग्लादेश से लगती है. इसके ज़्यादातर हिस्से में बाड़ लगाने का काम पूरा हो चुका है. उन्होंने आगे कहा, 'सीमा सुरक्षा बल से मिली जानकारी के मुताबिक तीन जिले यानी श्रीभूमि (98.30 KM), कछार (27 KM) और धुबरी (141 KM) बांग्लादेश के साथ सीमा साझा करते हैं.'

इनमें से बांग्लादेश से सटे जिलों में फेंसिंग का काम पूरा हो चुका है. श्रीभूमि में 93.95 किलोमीटर, कछार में 27 किलोमीटर और धुबरी-दक्षिण सालमारा में 107 किलोमीटर काम पूरा हो चुका है. असम समझौते के लिए जिम्मेदार मंत्री ने बांग्लादेश से अवैध घुसपैठ रोकने को लेकर एनडीए सरकार की गंभीरता पर जोर देते हुए विधानसभा में कहा, 'सरकार सीमाओं से बांग्लादेशी नागरिकों के अवैध प्रवेश को रोकने के लिए गंभीर है.'
सरकार ने भारत-बांग्लादेश सीमा पर कई संवेदनशील जगहों पर सीसीटीवी कैमरे भी लगाए हैं, जहाँ नदी वाले इलाकों की वजह से सीमा पर फेंसिंग करना संभव नहीं है. साथ ही, लगातार निगरानी के लिए बीएसएफ की 14 बॉर्डर चेक पोस्ट भी मौजूद हैं.
राइजर दल के विधायक अखिल गोगोई ने असम-बांग्लादेश सीमा पर बाड़ लगाने के अधूरे काम और बांग्लादेशी नागरिकों को वापस भेजने के लिए प्रत्यर्पण या स्वदेश वापसी समझौते की स्थिति के बारे में सवाल पूछा. इसके जवाब में राज्य मंत्री ने बताया कि कुल 267 किलोमीटर में से 38.959 किलोमीटर हिस्से में सीमा पर बाड़ लगाने का काम अभी बाकी है और बाकी काम पूरा हो चुका है. राज्य मंत्री ने यह भी बताया कि अब तक दोनों देशों के बीच कोई प्रत्यर्पण समझौता नहीं हुआ है.







