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कलकत्ता HC से अभिषेक बनर्जी को बड़ी राहत, विदेश यात्रा को लेकर भी अहम फैसला

Kolkata: तृणमूल कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी को कलकत्ता हाईकोर्ट से कई मामलों में राहत मिली है. कोर्ट ने उनके खिलाफ चल रहे मामलों में राहत देते हुए विदेश यात्रा पर लगी रोक को भी हटाने का रास्ता साफ किया है. फैसले के बाद अभिषेक बनर्जी की विदेश यात्रा को लेकर जारी कानूनी अड़चन कम हो गई है.
 
ABHISHEK BANERJEE

Kolkata: कलकत्ता हाईकोर्ट ने तृणमूल कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव और सांसद अभिषेक बनर्जी को उनके खिलाफ दर्ज कई एफआईआर से जुड़े मामले में अंतरिम राहत दी है। मंगलवार को मामले की सुनवाई करते हुए जस्टिस सौगत भट्टाचार्य ने निर्देश दिया कि 30 नवंबर तक अभिषेक बनर्जी के खिलाफ कोई कठोर कार्रवाई नहीं की जाए।

ये सब FIR राजनीति से प्रेरित, कलकत्ता हाई कोर्ट ने अभिषेक बनर्जी को दी बड़ी  राहत, National Hindi News - Hindustan

अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि भवानीपुर, कालीतला-असुति और बिष्णुपुर पुलिस थानों में दर्ज मामलों में पूछताछ के लिए अभिषेक बनर्जी को हिरासत में लेने की आवश्यकता नहीं है। हालांकि, उन्हें जांच में सहयोग करने का निर्देश दिया गया है।

पूछताछ से पहले 48 घंटे का नोटिस जरूरी

हाईकोर्ट ने पुलिस को जांच जारी रखने की अनुमति दी है। हालांकि, यदि अभिषेक बनर्जी से पूछताछ करनी है तो पुलिस को कम से कम 48 घंटे पहले नोटिस देना होगा। मामले की अगली सुनवाई 23 नवंबर को निर्धारित की गई है।

अदालत ने अब तक अभिषेक बनर्जी के खिलाफ दर्ज सभी एफआईआर की प्रतियां उनके वकील को उपलब्ध कराने का भी निर्देश दिया है।

विदेश यात्रा को लेकर क्या कहा कोर्ट ने?

अभिषेक बनर्जी को मिली राहत के बावजूद विदेश यात्रा को लेकर स्थिति पूरी तरह अलग है। हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया कि वह कोर्ट की अनुमति के बिना विदेश यात्रा नहीं कर सकते। हालांकि, सुप्रीम कोर्ट पहले ही उन्हें आंखों के इलाज के लिए विदेश जाने की अनुमति दे चुका है। ऐसे में हाईकोर्ट का मौजूदा आदेश उनके इलाज के लिए विदेश यात्रा में बाधा नहीं बनेगा।

सुनवाई के दौरान अभिषेक बनर्जी के वकील ने अदालत को बताया कि बिधाननगर साइबर पुलिस स्टेशन में दर्ज मामले के संबंध में सुप्रीम कोर्ट पहले ही विदेश यात्रा की अनुमति दे चुका है।

अभिषेक बनर्जी ने FIR को लेकर क्या आरोप लगाया?

अभिषेक बनर्जी ने आरोप लगाया है कि 4 मई को विधानसभा चुनाव के नतीजे घोषित होने के बाद राज्य के अलग-अलग पुलिस थानों में उनके खिलाफ कई शिकायतें दर्ज की गईं, जिन्हें बाद में एफआईआर में तब्दील कर दिया गया।

इसी आधार पर उन्होंने कलकत्ता हाईकोर्ट में याचिका दायर कर इन एफआईआर को रद्द करने और व्यापक कानूनी सुरक्षा प्रदान करने की मांग की है।

राज्य सरकार ने किया विरोध

सुनवाई के दौरान राज्य की ओर से एडिशनल सॉलिसिटर जनरल एसवी राजू ने याचिका की सुनवाई योग्यता पर सवाल उठाया। उन्होंने दलील दी कि याचिका में अभिषेक बनर्जी के लिए व्यापक या 'ब्लैंकेट प्रोटेक्शन' की मांग की गई है, जबकि अलग-अलग आरोपों और मामलों में इस तरह की सुरक्षा नहीं दी जा सकती।

हालांकि, जस्टिस सौगत भट्टाचार्य ने मामले में लगाए गए आरोपों की प्रकृति को देखते हुए कहा कि फिलहाल कस्टोडियल पूछताछ की आवश्यकता नहीं लगती। इसके बाद अदालत ने अभिषेक बनर्जी को अंतरिम सुरक्षा प्रदान करते हुए 30 नवंबर तक कठोर कार्रवाई पर रोक लगा दी।