बंगाल की राजनीति में बड़ा फेरबदल, शुभेंदु अधिकारी सरकार में 35 मंत्रियों का विभाग बंटवारा
Kolkata: पश्चिम बंगाल की राजनीति में बड़ा प्रशासनिक घटनाक्रम सामने आया है. राज्य में नेतृत्व कर रहे शुभेंदु अधिकारी ने मंत्रिमंडल के 35 मंत्रियों को विभागों का आवंटन कर दिया है. इस फेरबदल में सबसे अहम फैसला वित्त विभाग को लेकर हुआ है, जहां वरिष्ठ नेता स्वपन दासगुप्ता को वित्त मंत्री की जिम्मेदारी सौंपी गई है.
सूत्रों के मुताबिक, विभागों के इस बंटवारे का उद्देश्य प्रशासनिक कामकाज में तेजी लाना और सरकार के एजेंडे को जमीन पर उतारना है. नए वित्त मंत्री स्वपन दासगुप्ता को आर्थिक सुधार, बजट प्रबंधन और विकास परियोजनाओं की निगरानी की अहम जिम्मेदारी दी गई है.
35 कैबिनेट मंत्रियों के बीच विभागों का बंटवारा (West Bengal Cabinet Portfolios) कर दिया गया है.
मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने कानून-व्यवस्था और पुलिस प्रशासन पर अपनी सीधी और मजबूत पकड़ बनाये रखने के लिए सबसे रसूखदार विभाग गृह मंत्रालय (Home Department) अपने पास रखा है. बंगाल की कमान संभालते ही राज्य के विकास और आर्थिक पहिये को रफ्तार देने के लिए 2 सबसे बड़े दिग्गजों- स्वपन दासगुप्ता को वित्त मंत्री (Finance Minister) और टीएमसी से आये वरिष्ठ नेता तपस रॉय को उद्योग मंत्री (Industries Minister) बनाया है.
पूर्व राज्यसभा सांसद और रासबिहारी सीट से नवनिर्वाचित विधायक स्वपन दासगुप्ता को राज्य का नया वित्त मंत्री बनाया गया है. कर्ज के भारी बोझ तले दबे बंगाल को वित्तीय संकट से बाहर निकालना, राजस्व बढ़ाना और केंद्र सरकार के साथ मिलकर ‘डबल इंजन’ की वित्तीय नीतियों को जमीन पर उतारना उनकी सबसे बड़ी चुनौती होगी.
तृणमूल कांग्रेस छोड़कर भाजपा में शामिल हुए कद्दावर नेता तपस रॉय को सूबे का नया उद्योग मंत्री नियुक्त किया गया है. टाटा नैनो के सिंगूर से जाने के बाद से बंगाल पर जो ‘उद्योग विरोधी’ ठप्पा लगा था, उसे मिटाना और संकराइल में अमूल के 650 करोड़ रुपए के मेगा प्लांट जैसी नयी निवेश परियोजनाओं को राज्य में आकर्षित करना अब पूरी तरह तपस रॉय के जिम्मे होगा.
दिलीप घोष और अग्निमित्रा पॉल को मिली अहम जिम्मेदारी
मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने दिल्ली और कोलकाता के बीच कई दौर की बैठकों के बाद तैयार की गयी इस लिस्ट में संगठन और प्रशासनिक संतुलन का खास ख्याल रखा है. जानें किस कद्दावर नेता को कौन सी जिम्मेदारी दी गयी है.
- दिलीप घोष (पंचायती राज व ग्रामीण विकास): भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष और बंगाल में पार्टी को खड़ा करने वाले जुझारू नेता दिलीप घोष को पंचायतीराज मंत्रालय की कमान दी गयी है. ग्रामीण बंगाल में टीएमसी के पुराने सिंडिकेट राज की रीढ़ तोड़ना और ग्रामीण बुनियादी ढांचे को मजबूत करना उनका मुख्य मिशन होगा.
- अग्निमित्रा पॉल (महिला एवं बाल विकास और समाज कल्याण): फायरब्रांड महिला नेता अग्निमित्रा पॉल को महिला एवं बाल विकास विभाग के साथ-साथ समाज कल्याण मंत्रालय का महत्वपूर्ण जिम्मा सौंपा गया है. राज्य में महिला सुरक्षा और केंद्रीय महिला कल्याणकारी योजनाओं (जैसे बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ) को लागू करना उनकी प्राथमिकता होगी.
- नीशीथ प्रमाणिक (उत्तर बंगाल विकास और खेल मामले): केंद्रीय राजनीति से राज्य की सत्ता में लौटे नीशीथ प्रमाणिक को उत्तर बंगाल विकास (North Bengal Development) और युवा व खेल मंत्रालय की जिम्मेदारी सौंपी गयी है.
- शिक्षा और स्वास्थ्य में मेकओवर : जगन्नाथ चट्टोपाध्याय और दीपक बर्मन : इन दोनों नेताओं पर शिक्षा और स्वास्थ्य विभाग के मेकओवर की जिम्मेदारी होगी. इन्हें शिक्षा विभाग के अलग-अलग विंग्स सौंपे गये हैं, ताकि प्राथमिक से लेकर उच्च शिक्षा तक व्यवस्था को भ्रष्टाचार मुक्त बनाया जा सके.
- शारद्वत मुखर्जी : बिधाननगर के विधायक शारद्वत मुखर्जी को राज्य का नया स्वास्थ्य मंत्री (Health Minister) बनाया गया है, जिन्हें सरकारी अस्पतालों की सूरत और स्वास्थ्य व्यवस्था को बदलने का टास्क मिला है.
- शंकर घोष और अर्जुन सिंह : सिलीगुड़ी के तेज-तर्रार नेता शंकर घोष को पर्यटन व संसदीय कार्य मंत्री और बैरकपुर के अर्जुन सिंह को परिवहन व श्रम मंत्रालय जैसी अहम कुर्सियां दी गयी हैं.
West Bengal Suvendu Adhikari Cabinet Portfolios: 35 मंत्रियों को मिले विभाग
गत 1 जून को हुए भव्य कैबिनेट विस्तार में शपथ लेने वाले 35 मंत्रियों (13 कैबिनेट, 3 स्वतंत्र प्रभार और 19 राज्य मंत्री) के साथ शुभेंदु सरकार मंत्रिपरिषद में 41 मंत्री हैं. मंत्रियों के विभागों के बंटवारे के बाद सरकार के कामकाज की रफ्तार में तेजी आने की उम्मीद है.







