सत्य निकेतन हादसे के बाद बड़ा कदम, अब छात्रों से सीधे बात करेगा प्रशासन
Satya Niketan Delhi: सत्य निकेतन में PG इमारत गिरने की घटना के बाद दिल्ली में निजी PG, किराए के मकानों और छात्र आवासों की सुरक्षा को लेकर प्रशासन ने कदम तेज कर दिए हैं। दिल्ली पुलिस अब कॉलेज-विश्वविद्यालय के छात्रों, खासकर PG और किराए के मकानों में रहने वाले छात्रों से सीधे संवाद करेगी। पुलिस अधिकारियों को उनकी सुरक्षा संबंधी समस्याएं सुनने और जरूरत के अनुसार संबंधित विभागों के साथ मिलकर समाधान कराने के निर्देश दिए गए हैं।

LG के निर्देश पर चलेगा छात्र सुरक्षा अभियान
उपराज्यपाल तरनजीत सिंह संधू के निर्देश के बाद दिल्ली पुलिस ने सभी थानों के SHO और सब-डिविजन में तैनात ACP को छात्रों से नियमित बातचीत करने को कहा है। खासतौर पर उन इलाकों पर ध्यान दिया जाएगा, जहां बड़ी संख्या में छात्र PG, किराए के मकान और दूसरे निजी आवासों में रहते हैं।
पुलिस छात्रों से स्थानीय अपराध, उत्पीड़न, महिला सुरक्षा, आवास से जुड़े विवाद और दूसरी सुरक्षा चिंताओं की जानकारी लेगी। जिन मामलों पर पुलिस स्तर से कार्रवाई संभव होगी, उन पर तुरंत कदम उठाया जाएगा। वहीं MCD या किसी अन्य नागरिक एजेंसी की जरूरत वाले मामलों को संबंधित विभाग के साथ समन्वय कर आगे बढ़ाया जाएगा। अधिकारियों को इस अभियान की एक्शन टेकन रिपोर्ट 20 सितंबर तक जमा करने को कहा गया है।

सत्य निकेतन के आसपास छात्र आवास पर भी सवाल
सत्य निकेतन हादसे के बाद आसपास के छात्र आवासों की सुरक्षा पर भी गंभीर सवाल उठे हैं। इलाके से सटे मोची गांव में कई PG और गेस्ट हाउस संचालित होने की बात सामने आई है। स्थानीय छात्रों ने कुछ पुरानी और जर्जर इमारतों तथा बेहद संकरी गलियों को लेकर चिंता जताई है।
छात्रों का कहना है कि किसी आपात स्थिति में संकरी गलियों के कारण राहत और बचाव दलों को मौके तक पहुंचने में मुश्किल हो सकती है। हादसे के बाद कई छात्र आसपास के PG खाली कर दूसरे सुरक्षित स्थानों पर जा रहे हैं।
हॉस्टल की कमी का मुद्दा हाईकोर्ट पहुंचा
सत्य निकेतन हादसे ने दिल्ली में सुरक्षित और किफायती छात्र आवास की कमी की समस्या को भी सामने ला दिया है। दिल्ली हाईकोर्ट ने 9 सितंबर को DU के सभी कॉलेजों में हॉस्टल सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग वाली PIL पर केंद्र सरकार, दिल्ली सरकार और दिल्ली विश्वविद्यालय से जवाब मांगा।
यह याचिका NSUI अध्यक्ष विनोद जाखड़ की ओर से दायर की गई है। इसमें छात्रों की आवास जरूरतों के लिए समयबद्ध नीति बनाने और जहां संभव हो, कॉलेजों में हॉस्टल बनाने या विस्तार करने की मांग की गई है। कोर्ट ने मामले की अगली सुनवाई 25 सितंबर को तय की है।
DU में करीब 1.32 लाख नियमित छात्र, हॉस्टल को लेकर चिंता
याचिका में कहा गया है कि दिल्ली विश्वविद्यालय में नियमित पाठ्यक्रमों में करीब 1,32,435 छात्र पढ़ रहे हैं, जबकि संस्थागत आवास की उपलब्धता उनकी संख्या के अनुपात में पर्याप्त नहीं है। याचिका में जरूरत के मुताबिक नए हॉस्टल, कॉमन या क्लस्टर हॉस्टल विकसित करने का सुझाव भी दिया गया है।
DUSU चुनाव के बीच छात्र संगठनों की सक्रियता
इसी बीच दिल्ली विश्वविद्यालय छात्रसंघ (DUSU) चुनाव की गतिविधियां भी तेज हैं। 10 सितंबर नामांकन की अंतिम तारीख है, जबकि मतदान 18 सितंबर और मतगणना 19 सितंबर को होगी। छात्र आवास और PG की सुरक्षा भी इस बार छात्र राजनीति में प्रमुख मुद्दों में शामिल हो गई है।
सत्य निकेतन हादसे के बाद NSUI और ABVP समेत छात्र संगठन छात्रों के बीच सक्रिय हैं और सुरक्षित आवास का मुद्दा उठा रहे हैं। ऐसे में पुलिस की नई पहल, PG सुरक्षा को लेकर संभावित नियमन और हाईकोर्ट में चल रही सुनवाई पर अब छात्रों की नजर रहेगी।
सत्य निकेतन हादसे के बाद अब फोकस केवल दोषियों पर कार्रवाई तक सीमित नहीं है, बल्कि दिल्ली में हजारों छात्रों के लिए सुरक्षित आवास और स्थानीय स्तर पर सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने पर भी है।







