जादवपुर हिंसा केस में बड़ा मोड़! जांच समिति के प्रमुख ने क्यों दिया इस्तीफा?
Kolkata: जादवपुर विश्वविद्यालय में हुई हिंसक झड़प की जांच के लिए गठित पांच सदस्यीय समिति को बड़ा झटका लगा है। समिति के प्रमुख और नेताजी सुभाष मुक्त विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति प्रो. शुभ शंकर सरकार ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने जादवपुर विश्वविद्यालय के कार्यवाहक कुलपति प्रो. चिरंजीब भट्टाचार्य को ई-मेल भेजकर जांच का नेतृत्व करने में असमर्थता जताई है।
प्रो. सरकार ने अपने इस्तीफे में कहा है कि वह फिलहाल दिल्ली में हैं और विश्वविद्यालय प्रशासन ने उन्हें ऑनलाइन माध्यम से बयान दर्ज करने तथा सुनवाई करने का सुझाव दिया था। उनका मानना है कि जादवपुर विश्वविद्यालय परिसर में हुई इतनी गंभीर और संवेदनशील घटना की जांच केवल ऑनलाइन बातचीत के माध्यम से निष्पक्ष और प्रभावी तरीके से नहीं की जा सकती।
20 अगस्त को ABVP और वामपंथी संगठनों के बीच हुई थी हिंसा
जादवपुर विश्वविद्यालय परिसर में 20 अगस्त को ABVP और वामपंथी छात्र संगठनों SFI तथा FETSU के बीच तीखी झड़प हुई थी। इस दौरान मारपीट और तोड़फोड़ के आरोप लगे थे।
दोनों पक्षों ने एक-दूसरे पर हिंसा भड़काने, बाहरी लोगों को परिसर में लाने और विश्वविद्यालय की संपत्ति को नुकसान पहुंचाने के आरोप लगाए थे। घटना के बाद छात्रों और शिक्षकों की ओर से विरोध प्रदर्शन भी किया गया था।
इसके बाद विश्वविद्यालय प्रशासन ने मामले की जांच के लिए 21 अगस्त को पांच सदस्यीय जांच समिति का गठन किया था।
ऑनलाइन जांच को लेकर प्रो. सरकार ने जताई आपत्ति
प्रो. शुभ शंकर सरकार ने प्रशासन को भेजे ई-मेल में ऑनलाइन माध्यम से जांच करने की प्रक्रिया को लेकर अपनी असहमति जताई। उनका कहना है कि मामले की गंभीरता को देखते हुए प्रत्यक्ष रूप से बयान और सुनवाई करना जरूरी है।
उनके इस्तीफे के बाद जांच समिति के कामकाज पर भी सवाल खड़े हो गए हैं। हालांकि विश्वविद्यालय प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि जांच प्रक्रिया को प्रभावित नहीं होने दिया जाएगा।
शिक्षकों के संगठन ने नियुक्ति पर उठाए थे सवाल
प्रो. सरकार की नियुक्ति को लेकर एक शिक्षक संगठन ने पहले ही सवाल उठाए थे। आरएसएस से संबद्ध अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ ने विश्वविद्यालय के कुलपति को पत्र लिखकर उनकी नियुक्ति पर आपत्ति जताई थी।
संगठन ने पश्चिम बंगाल स्कूल सेवा आयोग (WBSSC) से जुड़े अदालती मामलों का हवाला देते हुए कहा था कि जनवरी 2022 में उन्हें आयोग के अध्यक्ष पद से हटाया गया था। संगठन का दावा था कि ऐसे व्यक्ति को इस संवेदनशील मामले की जांच की जिम्मेदारी नहीं दी जानी चाहिए।
जल्द चुना जाएगा नया अध्यक्ष
जादवपुर विश्वविद्यालय के कार्यवाहक कुलसचिव सलीम बॉक्स मंडल ने प्रो. सरकार के इस्तीफे की पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि जांच समिति के लिए जल्द ही नए अध्यक्ष के नाम की घोषणा की जाएगी, ताकि हिंसा की जांच प्रक्रिया जारी रहे और रिपोर्ट निर्धारित समय पर सौंपी जा सके।
आखिर क्यों हुआ था जादवपुर विश्वविद्यालय में बवाल?
20 अगस्त को इंजीनियरिंग एवं प्रौद्योगिकी संकाय छात्र संघ (FETSU) की बैठक के दौरान ABVP और वामपंथी छात्र कार्यकर्ताओं के बीच विवाद हिंसक झड़प में बदल गया था। दोनों पक्षों ने एक-दूसरे पर परिसर में बाहरी लोगों को बुलाने, मारपीट करने और तोड़फोड़ करने के आरोप लगाए।
घटना के बाद छात्रों और शिक्षकों की ओर से नागरिक प्रदर्शन किया गया। इसके बाद विश्वविद्यालय प्रशासन ने मामले की तह तक जाने और जिम्मेदार लोगों की पहचान करने के लिए जांच समिति गठित की थी। अब समिति के प्रमुख के इस्तीफे से जांच प्रक्रिया में नया मोड़ आ गया है।







