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Ola-Uber चलाने वालों के लिए बड़ा अपडेट, UP में लागू होंगे नए नियम

Uttar Pradesh: उत्तर प्रदेश में Ola-Uber और दूसरी ऐप आधारित टैक्सी सेवाओं के नियमों में बदलाव की तैयारी है. प्रस्तावित व्यवस्था में ड्राइवरों की ट्रेनिंग, कैब संचालन, परमिट और किराये से जुड़े नियमों में बदलाव किया जा सकता है.
 
UP

Uttar Pradesh:  उत्तर प्रदेश में Ola-Uber समेत ऐप के जरिए संचालित टैक्सी और डिलीवरी सेवाओं के लिए नियमों में बड़ा बदलाव किया गया है। राज्य सरकार ने उत्तर प्रदेश मोटर यान (तैंतीसवां संशोधन) समूहक और वितरण सेवा प्रदाता नियमावली-2026 के तहत नई व्यवस्था लागू की है। इसके तहत ऐप आधारित परिवहन और डिलीवरी सेवाएं संचालित करने वाली कंपनियों के लिए लाइसेंस लेना अनिवार्य होगा।

नई व्यवस्था में कंपनियों के लाइसेंस, ड्राइवरों की जांच और ट्रेनिंग, यात्रियों व ड्राइवरों के बीमा, ऐप में लाइव ट्रैकिंग, शिकायत व्यवस्था और किराये की सीमा से जुड़े प्रावधान किए गए हैं।

90 दिन के भीतर लेना होगा लाइसेंस

नए नियमों के तहत ऐप आधारित टैक्सी और डिलीवरी सेवा संचालित करने वाली कंपनियों को लाइसेंस लेना होगा। जो कंपनियां पहले से इस तरह की सेवाएं चला रही हैं, उन्हें अधिसूचना जारी होने के 90 दिनों के भीतर लाइसेंस हासिल करना होगा।

यह लाइसेंस पांच साल तक वैध रहेगा। यानी लाइसेंस की अवधि पूरी होने के बाद संबंधित कंपनी को निर्धारित प्रक्रिया के तहत इसे आगे बढ़ाना होगा।

ड्राइवर को जोड़ने से पहले होगी पूरी जांच

नई व्यवस्था में ड्राइवरों की जांच को भी अनिवार्य किया गया है। किसी ड्राइवर को ऐप आधारित सेवा से जोड़ने से पहले कंपनी को उसकी पहचान और दस्तावेजों का सत्यापन करना होगा।

इसके तहत ड्राइवर के:

  • आधार की जांच
  • ड्राइविंग लाइसेंस का सत्यापन
  • बैंक खाते की जांच
  • आपराधिक रिकॉर्ड की जांच

की जाएगी।

इसके अलावा ड्राइवर के पास कम से कम दो साल का ड्राइविंग अनुभव होना जरूरी होगा।

ड्राइवरों को 40 घंटे की ट्रेनिंग

ऐप आधारित टैक्सी सेवा शुरू करने से पहले ड्राइवर को कम से कम 40 घंटे का प्रशिक्षण देना अनिवार्य होगा।

ट्रेनिंग में मुख्य रूप से:

  • ट्रैफिक नियम
  • सुरक्षित ड्राइविंग
  • आपात स्थिति में सहायता
  • यात्रियों के साथ व्यवहार
  • सड़क सुरक्षा

जैसे विषय शामिल होंगे।

इस प्रावधान का उद्देश्य ड्राइवरों को सुरक्षित और जिम्मेदार तरीके से सेवा देने के लिए तैयार करना है।

यात्रियों और ड्राइवरों के लिए बीमा अनिवार्य

नए नियमों में यात्रियों और ड्राइवरों के बीमा को भी शामिल किया गया है। यात्रा के दौरान यात्रियों को कम से कम 5 लाख रुपये का बीमा कवरउपलब्ध कराना होगा।

वहीं, प्रत्येक ड्राइवर के लिए:

  • 5 लाख रुपये का स्वास्थ्य बीमा
  • 10 लाख रुपये का दुर्घटना बीमा

अनिवार्य किया गया है।

इससे दुर्घटना या अन्य अप्रत्याशित स्थिति में यात्रियों और ड्राइवरों को वित्तीय सुरक्षा मिलने की व्यवस्था की गई है।

ऐप में लाइव लोकेशन और ट्रैकिंग जरूरी

नई व्यवस्था के तहत ऐप में वाहन की लाइव लोकेशन और ट्रैकिंग की सुविधा रखना जरूरी होगा। इससे यात्रा के दौरान वाहन की स्थिति पर नजर रखी जा सकेगी।

इसके अलावा ऐप आधारित सेवा में:

  • ड्राइवर की पहचान की पुष्टि
  • शिकायत दर्ज करने की सुविधा
  • 24 घंटे चलने वाला कंट्रोल रूम

जैसी सुविधाएं भी उपलब्ध करानी होंगी।

किराये में भी लगाई गई सीमा

नई नियमावली में ऐप आधारित टैक्सी के किराये को लेकर भी प्रावधान किया गया है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार बेस किराये के मुकाबले किराया अधिकतम डेढ़ गुना तक ही बढ़ाया जा सकेगा।

इसका मतलब है कि कंपनियां निर्धारित बेस फेयर से तय सीमा से अधिक किराया नहीं वसूल सकेंगी।

ड्राइवर को मिलेगा किराये का तय हिस्सा

नई व्यवस्था में ड्राइवरों के लिए किराये में हिस्सेदारी भी निर्धारित की गई है।

अपने वाहन से सेवा देने वाले ड्राइवर को लागू किराये का कम से कम 80 प्रतिशत हिस्सा मिलेगा।

वहीं, कंपनी के वाहन से सेवा देने वाले ड्राइवर को लागू किराये का कम से कम 60 प्रतिशत हिस्सा दिया जाएगा।

इससे ऐप आधारित कैब सेवाओं में ड्राइवर और कंपनी के बीच किराये के बंटवारे को लेकर एक निर्धारित व्यवस्था लागू होगी।

क्या बदलेगा यात्रियों और ड्राइवरों के लिए?

नई नियमावली के लागू होने के बाद ऐप आधारित टैक्सी सेवा में यात्रियों को वाहन और ड्राइवर की जानकारी, लाइव ट्रैकिंग और शिकायत व्यवस्था जैसी सुविधाएं मिलेंगी। वहीं ड्राइवरों के लिए दस्तावेज सत्यापन, प्रशिक्षण, बीमा और किराये में निर्धारित हिस्सेदारी जैसे प्रावधान लागू होंगे।

कुल मिलाकर UP Taxi Rules 2026 में ऐप आधारित टैक्सी और डिलीवरी सेवाओं को लाइसेंस व्यवस्था के दायरे में लाने के साथ-साथ ड्राइवर सत्यापन, ट्रेनिंग, बीमा, ट्रैकिंग और किराये से जुड़े नियमों को अधिक स्पष्ट किया गया है।