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बिहार कांग्रेस अध्यक्ष राजेश राम और प्रभारी के समर्थन में उतरे कार्यकर्ता, दलित मिशन संगठन ने भी दिया समर्थन; विरोधी गुट पर पार्टी को कमजोर करने और छात्रों की आवाज दबाने के आरोप

 
बिहार कांग्रेस अध्यक्ष राजेश राम और प्रभारी के समर्थन में उतरे कार्यकर्ता, दलित मिशन संगठन ने भी दिया समर्थन; विरोधी गुट पर पार्टी को कमजोर करने और छात्रों की आवाज दबाने के आरोप

New Delhi: बिहार कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष राजेश राम और बिहार प्रभारी के खिलाफ कथित विरोध को लेकर मंगलवार को दिल्ली स्थित अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के इंदिरा भवन के बाहर पार्टी के भीतर का विवाद खुलकर सामने आ गया। एक गुट जहां प्रदेश अध्यक्ष और प्रभारी को हटाने की मांग को लेकर जुटा, वहीं दूसरी ओर उनके समर्थन में कांग्रेस कार्यकर्ताओं के साथ दलित मिशन संगठन भी मैदान में उतर आया।

समर्थकों का कहना है कि प्रदेश कांग्रेस नेतृत्व को कमजोर करने की कोशिश के पीछे राजनीतिक और व्यक्तिगत स्वार्थ काम कर रहे हैं। उनका आरोप है कि नेतृत्व के खिलाफ माहौल बनाने वाले कुछ लोगों ने पहले छात्रों की आवाज दबाने और उनके दमन का काम किया और अब पार्टी संगठन में अस्थिरता पैदा करने की कोशिश की जा रही है।

राजेश राम के समर्थन में दलित मिशन संगठन

दलित मिशन संगठन ने प्रदेश अध्यक्ष राजेश राम के समर्थन में अपनी आवाज बुलंद करते हुए कहा कि किसी भी दलित नेता को उसकी सामाजिक पहचान के कारण निशाना बनाया जाना स्वीकार नहीं किया जाएगा। संगठन से जुड़े लोगों ने कहा कि यदि राजेश राम के कामकाज या संगठनात्मक फैसलों से किसी को असहमति है तो लोकतांत्रिक तरीके से सवाल उठाए जाएं, लेकिन दलित नेतृत्व को कमजोर करने या अपमानित करने की किसी भी कोशिश का विरोध किया जाएगा।

समर्थकों ने सवाल उठाया कि आखिर राजेश राम के नेतृत्व का इतना विरोध क्यों किया जा रहा है? उनका कहना है कि कांग्रेस हमेशा सामाजिक न्याय, समानता और वंचित वर्गों की भागीदारी की बात करती रही है, इसलिए पार्टी के भीतर दलित नेतृत्व को सम्मान और मजबूती मिलनी चाहिए।

आलाकमान के सामने ताकत दिखाने पहुंचे समर्थक

इंदिरा भवन के बाहर जुटे समर्थकों ने संदेश देने की कोशिश की कि बिहार कांग्रेस का एक वर्ग प्रदेश अध्यक्ष राजेश राम और बिहार प्रभारी के साथ मजबूती से खड़ा है। समर्थकों ने विरोधी गुट के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि संगठन को मजबूत करने के बजाय व्यक्तिगत विरोध को पार्टी का मुद्दा नहीं बनाया जाना चाहिए।

“दलित नेतृत्व का अपमान नहीं सहेंगे” और “राजेश राम के सम्मान में, दलित मिशन मैदान में” जैसे नारों के साथ समर्थकों ने अपनी बात कांग्रेस आलाकमान तक पहुंचाने की कोशिश की।

बिहार की गुटबाजी पहुंची दिल्ली

प्रदेश अध्यक्ष और प्रभारी को लेकर शुरू हुआ विवाद अब कांग्रेस के केंद्रीय नेतृत्व के सामने पहुंच गया है। एक ओर उन्हें हटाने की मांग उठ रही है, वहीं दूसरी ओर कांग्रेस कार्यकर्ताओं और दलित मिशन संगठन के समर्थन ने यह संकेत दिया है कि बिहार कांग्रेस में नेतृत्व को लेकर चल रहा विवाद और तेज हो सकता है।

अब निगाहें कांग्रेस आलाकमान पर हैं कि वह इस पूरे विवाद पर क्या रुख अपनाता है और बिहार कांग्रेस में बढ़ती अंदरूनी खींचतान को किस तरह शांत करता है।