पेपर लीक रैकेट का बड़ा चेहरा, मास्टरमाइंड बिजेंद्र गुप्ता को बिहार से दबोचा गया
National: महाराष्ट्र शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET) पेपर लीक मामले में जांच एजेंसियों को बड़ी सफलता मिली है. लंबे समय से फरार चल रहे कथित मास्टरमाइंड बिजेंद्र गुप्ता को बिहार से गिरफ्तार कर लिया गया है. पुलिस ने इस मामले के मास्टर माइंड बिजेंद्र कुमार गुप्ता को बिहार के समस्तीपुर से गिरफ्तार किया. आरोपी को पुलिस ठाणे ले आई है. बिजेंद्र कुमार गुप्ता लंबे समय से फरार चल रहा था. गिरफ्तारी महाराष्ट्र पुलिस की विशेष टीम ने स्थानीय पुलिस के सहयोग से की.

जांच एजेंसियों के अनुसार, बिजेंद्र गुप्ता पर पूरे पेपर लीक नेटवर्क को संचालित करने का आरोप है. वह पिछले कई सप्ताह से फरार था और उसकी तलाश में महाराष्ट्र पुलिस लगातार बिहार समेत कई राज्यों में छापेमारी कर रही थी. अब उसकी गिरफ्तारी के बाद जांच एजेंसियों को रैकेट से जुड़े अन्य आरोपियों और आर्थिक लेन-देन के बारे में अहम सुराग मिलने की उम्मीद है.
25 साल से चला रहा नेटवर्क
मालूम हो कि जून महीने में आरोपी बिजेंद्र कुमार गुप्ता की पत्नी सुमन कुमारी को भी गिरफ्तार किया गया था. पुलिस के मुताबिक समस्तीपुर का रहने वाला बिजेंद्र कुमार गुप्ता इस पूरे नेटवर्क का कथित मास्टरमाइंड है. पुलिस का दावा है कि बिजेंद्र लंबे समय से पेपर लीक गिरोह से जुड़ा है. उसका नाम पहले भी कई भर्ती परीक्षाओं के पेपर लीक मामलों में सामने आ चुका है. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, वर्ष 2011 के एक बड़े पेपर लीक मामले में भी वह आरोपी रहा है. जांच एजेंसियों का मानना है कि वह करीब 25 वर्षों से इस नेटवर्क से जुड़ा हुआ है.
पेपर लीक के बाद कैंसिल हुआ था एग्जाम
पेपर लीक के बाद एग्जाम कैंसिल महाराष्ट्र सरकार ने पेपर लीक के आरोपों के बाद 28 जून को होने वाली TET-2026 परीक्षा स्थगित कर दी थी. इस परीक्षा में करीब छह लाख अभ्यर्थियों को शामिल होना था. राज्यभर में 1,728 परीक्षा केंद्र बनाए गए थे. सरकार ने कहा कि परीक्षा की पारदर्शिता बनाए रखने के लिए यह फैसला लिया गया.
इस मामले में इससे पहले पुलिस ने बिजेंद्र गुप्ता की पत्नी सुमन गुप्ता को भी बिहार से गिरफ्तार किया था. जांच में दावा किया गया था कि पेपर लीक नेटवर्क से जुड़े वित्तीय लेन-देन और अन्य गतिविधियों की जानकारी उसके पास भी थी.
महाराष्ट्र TET परीक्षा का प्रश्नपत्र लीक होने के बाद राज्य सरकार ने परीक्षा स्थगित कर दी थी और मामले की जांच तेज कर दी गई थी. पुलिस अब गिरफ्तार आरोपी से पूछताछ कर यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि पेपर लीक नेटवर्क में और कौन-कौन शामिल थे तथा इसकी पहुंच किन राज्यों तक थी.







