यूपी फतह के मिशन पर BJP! 60 कमजोर सीटों पर फोकस, सपा के गढ़ में सेंध लगाने की बड़ी तैयारी
सूत्रों के मुताबिक भाजपा नेतृत्व जल्द ही यूपी चुनाव को लेकर बड़ी बैठक कर सकता है। पार्टी ने करीब 50 से 60 ऐसी सीटों की पहचान की है, जहां 2012 से 2022 तक लगातार हार का सामना करना पड़ा। अब इन्हीं सीटों को जीतने के लिए खास रणनीति तैयार की जा रही है।
सपा के गढ़ में BJP की बड़ी घेराबंदी
भाजपा का सबसे बड़ा फोकस पूर्वांचल और पश्चिम यूपी की उन सीटों पर है, जहां समाजवादी पार्टी और विपक्ष मजबूत स्थिति में रहे हैं। आजमगढ़, मऊ, जौनपुर, गाजीपुर और मिर्जापुर जैसी सीटों पर भाजपा विशेष अभियान चलाने की तैयारी में है। वहीं पश्चिम उत्तर प्रदेश के सहारनपुर, बिजनौर और मुरादाबाद जैसे जिलों की मुस्लिम बहुल सीटों पर भी पार्टी रणनीतिक तरीके से काम करेगी।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि भाजपा इस बार सिर्फ अपने पारंपरिक वोट बैंक पर निर्भर नहीं रहना चाहती, बल्कि विपक्ष के मजबूत इलाकों में भी सीधी चुनौती देने की रणनीति बना रही है।
बूथ लेवल पर फिर एक्टिव होगी BJP
भाजपा एक बार फिर बूथ मैनेजमेंट मॉडल को मजबूत करने में जुट गई है। पार्टी का मानना है कि बूथ स्तर पर कार्यकर्ताओं की सक्रियता ही चुनावी जीत की सबसे बड़ी कुंजी है। इसी रणनीति के तहत गांव-गांव और मोहल्लों तक संगठन को सक्रिय किया जाएगा।
सूत्रों के मुताबिक पार्टी ने कार्यकर्ताओं को अभी से मैदान में उतरने और स्थानीय स्तर पर जनसंपर्क बढ़ाने के निर्देश दिए हैं। भाजपा का मानना है कि कमजोर सीटों में से अगर आधी सीटों पर भी जीत दर्ज हो जाती है तो चुनावी तस्वीर पूरी तरह बदल सकती है।
बंगाल मॉडल के बाद अब यूपी पर फुल फोकस
भाजपा की रणनीति को पश्चिम बंगाल चुनाव से भी जोड़कर देखा जा रहा है, जहां पार्टी ने लंबे समय तक लगातार कैंपेन चलाकर अपनी ताकत बढ़ाई थी। अब उसी तर्ज पर यूपी में भी महीनों पहले से चुनावी माहौल बनाने की तैयारी शुरू हो चुकी है।
राजनीतिक हलकों में चर्चा है कि भाजपा इस बार “गढ़ बचाने” के साथ-साथ “नए किले जीतने” की रणनीति पर काम कर रही है। ऐसे में आने वाले महीनों में यूपी की सियासत और ज्यादा गर्म होने के संकेत मिल रहे हैं।







