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BRICS Summit 2026: मायावती की दो टूक- साझा घोषणा अच्छी, चीन से विवाद भी सुलझे!

Uttar Pradesh: BRICS Summit 2026 की साझा घोषणा को लेकर बसपा प्रमुख मायावती ने सकारात्मक प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने कहा कि BRICS की साझा घोषणा अच्छी है, लेकिन भारत और चीन के बीच चल रहे विवादों को भी बातचीत के जरिए सुलझाया जाना चाहिए. मायावती ने आपसी मतभेद दूर कर संबंधों को बेहतर बनाने पर जोर दिया.
 
MAYAWATI

Uttar Pradesh: बहुजन समाज पार्टी (बसपा) सुप्रीमो मायावती ने BRICS Summit 2026 को लेकर रविवार को प्रेस वार्ता की। उन्होंने BRICS देशों की ओर से जारी साझा घोषणा पत्र का स्वागत करते हुए इसे अच्छी पहल बताया। साथ ही भारत और चीन के बीच सीमा विवाद को जल्द सुलझाने और दोनों देशों के बीच सौहार्दपूर्ण संबंध बनाए रखने पर जोर दिया।

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मायावती ने चीन के साथ सीमा विवाद पर दिया जोर

मायावती ने कहा कि BRICS का साझा घोषणा पत्र जारी होना अच्छी बात है। वहीं, उन्होंने भारत-चीन संबंधों को लेकर कहा कि चीन के साथ सीमा का मुद्दा हल होना चाहिए। दोनों देशों के बीच सौहार्द जरूरी है और सीमा विवाद का समाधान बातचीत के जरिए किया जाना चाहिए।

सर्वसम्मति से मंजूर हुई नई दिल्ली घोषणा

शनिवार को BRICS Summit 2026 के समापन सत्र में सदस्य देशों ने नई दिल्ली घोषणा (New Delhi Declaration) को सर्वसम्मति से मंजूरी दी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने घोषणा का मसौदा सदस्य देशों के सामने रखा और उस पर आपत्तियां मांगीं। किसी भी सदस्य देश की ओर से विरोध नहीं होने के बाद घोषणा को सर्वसम्मति से स्वीकार कर लिया गया।

युद्ध और टकराव रोकने पर जोर

नई दिल्ली घोषणा में युद्ध और टकराव को रोकने के प्रयास तेज करने की बात कही गई है। BRICS देशों ने विवादों की मूल वजहों को दूर करने और अंतरराष्ट्रीय विवादों का समाधान बातचीत, आपसी सलाह और कूटनीति के माध्यम से करने की प्रतिबद्धता दोहराई।

घोषणा में अलग-अलग देशों के राष्ट्रीय हितों और दृष्टिकोण का सम्मान करते हुए बहुपक्षीय व्यवस्था को मजबूत करने पर भी जोर दिया गया।

एकतरफा टैरिफ पर जताई चिंता

BRICS देशों ने एकतरफा टैरिफ और गैर-टैरिफ उपायों के बढ़ते इस्तेमाल पर गंभीर चिंता जताई। सदस्य देशों का कहना है कि इस तरह के कदम वैश्विक व्यापार को प्रभावित करते हैं और विश्व व्यापार संगठन (WTO) के नियमों के अनुरूप नहीं हैं।

इसके अलावा, घोषणा में बढ़ते परमाणु खतरे और परमाणु टकराव के जोखिम पर भी चिंता व्यक्त की गई। अंतरराष्ट्रीय कानून के खिलाफ एकतरफा दबाव वाले आर्थिक उपायों की भी निंदा की गई।

सीमा पार भुगतान और सप्लाई चेन पर सहयोग

BRICS देशों ने सीमा पार भुगतान प्रणाली को आसान बनाने के लिए बातचीत जारी रखने और व्यावहारिक समाधान तलाशने पर सहमति जताई। वैश्विक व्यापार, सप्लाई चेन और ऊर्जा की सुचारू आवाजाही बनाए रखने के लिए सहयोग बढ़ाने पर भी जोर दिया गया।

ग्लोबल साउथ को तकनीकी विकास में बराबर भागीदारी की जरूरत: मोदी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि ग्लोबल साउथ को नई तकनीकों के विकास के साथ-साथ उनके लिए नियम तय करने की प्रक्रिया में भी बराबर भागीदारी मिलनी चाहिए। BRICS घोषणा में बहुपक्षीय सहयोग और विकासशील देशों की भूमिका को मजबूत करने पर भी जोर दिया गया।

BRICS Summit 2026 की नई दिल्ली घोषणा में शांति, कूटनीति, वैश्विक व्यापार और आर्थिक सहयोग जैसे मुद्दों पर जोर दिया गया है। इसी बीच मायावती ने घोषणा का स्वागत करते हुए भारत-चीन सीमा विवाद के समाधान और दोनों देशों के बीच सौहार्दपूर्ण संबंधों की जरूरत बताई है।