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कूचबिहार में BSF और भीड़ आमने-सामने! पथराव के बाद साउंड ग्रेनेड का इस्तेमाल

पश्चिम बंगाल के कूचबिहार बॉर्डर पर BSF जवानों और लोगों के बीच विवाद के दौरान तनाव की स्थिति पैदा हो गई. खबर के मुताबिक, BSF जवानों पर लाठी-पत्थरों से हमला किया गया, जिसके बाद भीड़ को नियंत्रित करने के लिए साउंड ग्रेनेड का इस्तेमाल किया गया. घटना के कारण सीमा क्षेत्र में हलचल बढ़ गई.
 
WB

Cooch Behar Border Clash:  पश्चिम बंगाल के कूचबिहार जिले के मेखलीगंज क्षेत्र में भारत-बांग्लादेश सीमा के पास सनियाजन नदी में रेत और पत्थरों के कथित अवैध उत्खनन को लेकर विवाद सामने आया है। 24 अक्टूबर को हुई इस घटना में सीमा सुरक्षा बल (BSF) के जवानों और कुछ लोगों के बीच टकराव होने की खबर है। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, स्थिति को नियंत्रित करने के लिए जवानों ने साउंड ग्रेनेड का इस्तेमाल किया। हालांकि, घटना से जुड़े सभी तथ्यों की आधिकारिक पुष्टि अभी स्पष्ट नहीं है।


सनियाजन नदी में उत्खनन को लेकर शुरू हुआ विवाद

जानकारी के मुताबिक, सनियाजन नदी मेखलीगंज के चेंगराबांधा क्षेत्र और बांग्लादेश के लालमोनिरहाट जिले के पाटग्राम इलाके के बीच बहती है। इसी नदी में रेत और पत्थर निकालने की गतिविधियों को लेकर विवाद होने की बात सामने आई है।

बताया जा रहा है कि नियमित गश्त के दौरान BSF जवानों ने नदी के पास कथित अवैध उत्खनन देखा। जवानों ने संबंधित लोगों को रोकने की कोशिश की, जिसके बाद मौके पर स्थिति तनावपूर्ण हो गई।

रोकने पर BSF जवानों से भिड़े लोग

मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, उत्खनन रोकने की कोशिश के दौरान मौके पर मौजूद कुछ लोगों ने कथित तौर पर लाठियों और पत्थरों से BSF जवानों पर हमला किया। इसके बाद दोनों पक्षों के बीच टकराव की स्थिति बन गई।

हालांकि, घटना के दौरान क्या-क्या हुआ, हमले में कितने लोग शामिल थे और किसी को चोट आई या नहीं, इसकी स्पष्ट जानकारी सामने नहीं आई है। मामले की पूरी तस्वीर संबंधित अधिकारियों की पुष्टि के बाद ही साफ हो सकेगी।

हालात संभालने के लिए साउंड ग्रेनेड का इस्तेमाल

रिपोर्टों के मुताबिक, तनाव बढ़ने पर BSF जवानों ने स्थिति को नियंत्रित करने के लिए साउंड ग्रेनेड का इस्तेमाल किया। इसके बाद मौके पर मौजूद लोग वहां से हट गए।

साउंड ग्रेनेड का इस्तेमाल आम तौर पर तेज आवाज के जरिए लोगों को चेतावनी देने या भीड़ को तितर-बितर करने के लिए किया जाता है। इस घटना में इसके इस्तेमाल की परिस्थितियों और कार्रवाई के आधिकारिक विवरण की पुष्टि होना बाकी है।

सीमावर्ती क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था पर नजर

घटना के बाद मेखलीगंज के सीमावर्ती इलाके में सुरक्षा और नदी से रेत-पत्थर निकालने की गतिविधियों को लेकर सवाल उठे हैं। सीमा के पास ऐसी गतिविधियों पर निगरानी सुरक्षा बलों के लिए महत्वपूर्ण होती है।

फिलहाल, घटना में किसी के घायल होने की पुष्टि नहीं हुई है और न ही विवाद से जुड़े सभी पहलुओं की आधिकारिक जानकारी स्पष्ट है। अब संबंधित अधिकारियों के बयान और जांच से ही पता चल सकेगा कि टकराव किन परिस्थितियों में हुआ और आगे क्या कार्रवाई की जाती है।