अब बिना नोटिस नहीं चलेगा बुलडोजर, अवैध निर्माण गिराने से 14 दिन पहले देना होगा नोटिस
Kolkata: पश्चिम बंगाल सरकार ने अवैध निर्माणों के खिलाफ कार्रवाई को लेकर नई गाइडलाइन जारी की है. राज्य सरकार ने कोलकाता नगर निगम (KMC) को निर्देश दिया है कि किसी भी अवैध निर्माण को ध्वस्त करने से पहले संबंधित व्यक्ति या संस्थान को कम से कम दो सप्ताह (14 दिन) का नोटिस दिया जाए.

सरकार के इस निर्देश का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि किसी भी कार्रवाई से पहले संबंधित पक्ष को अपना पक्ष रखने और कानूनी प्रक्रिया का पालन करने का पर्याप्त अवसर मिल सके. अधिकारियों का कहना है कि नोटिस अवधि के दौरान संपत्ति मालिक आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत कर सकते हैं या निर्माण की वैधता से जुड़े अपने दावे रख सकते हैं. इस संबंध में राज्य सरकार द्वारा दिशा निर्देश जारी किया है, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि अवैध निर्माणों के खिलाफ कोई भी सख्त कार्रवाई करने से पहले संबंधित परिवारों और निवासियों को पर्याप्त समय दिया जाये. निगम का यह निर्णय उन्हीं निर्देशों के अनुरूप है.
सूत्रों के अनुसार, हाल के दिनों में अवैध निर्माणों के खिलाफ चलाए गए अभियानों और उनसे जुड़े विवादों के बाद राज्य सरकार ने प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी और कानूनी रूप से मजबूत बनाने के लिए यह कदम उठाया है. नई व्यवस्था के तहत नगर निगम को कार्रवाई से पहले नोटिस जारी करने, उसका रिकॉर्ड रखने और निर्धारित समय सीमा पूरी होने के बाद ही ध्वस्तीकरण अभियान चलाने को कहा गया है.

कोर्ट की टिप्पणी के बाद प्रशासन सक्रिय
बता दे कि हाल ही में तिलजला क्षेत्र में एक अवैध निर्माण को गिराने के संबंध में कलकत्ता उच्च न्यायालय द्वारा की गयी टिप्पणी के बाद प्रशासनिक हलकों में एक नयी तत्परता देखने को मिली है. बताया गया है कि शनिवार को मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने अलीपुर के बोरो 9 क्षेत्र के अधिकारियों के साथ एक बैठक की. इस बैठक के तुरंत बाद ही इस निर्णय की घोषणा की गयी.
नगर आयुक्त स्मिता पांडे के अनुसार, अवैध निर्माण को गिराया जाने से पहले सुनवाई में शामिल होने के लिए लोग अतिरिक्त समय दिये जाने का अनुरोध करते हैं, तो उन्हें वह समय दिया जायेगा. उन्होंने कहा कि भले ही कोई इमारत अवैध हो, उसके निवासियों को उचित कानूनी प्रक्रिया का पालन किये बिना यूं ही बेदखल नहीं किया जा सकता. उन्हें उनकी आवश्यकताओं के अनुसार समय आवंटित किया जायेगा, जिसमें दो सप्ताह तक का विस्तार अनुमेय होगा.

निगम की ओर से आये नोटिस पर लोगों की आपत्ति
निगम सूत्रों के अनुसार, पहले तिलजला-तपसिया क्षेत्र में अवैध निर्माणों के संबंध में गिराने के नोटिस जारी किये थे, जिससे स्थापित नियमों के अनुसार कानूनी प्रक्रिया शुरू हो गयी थी. इन अवैध निर्माणों में रहने वाले निवासियों को तुरंत अपने घर खाली करने का निर्देश दिया गया था. एक ऐसा निर्देश, जिसने उन्हें एक कठिन दुविधा में डाल दिया था.
आरोप है कि परिसर खाली करने के लिए जारी किये गये नोटिसों में बहुत कम समय दिया गया था, जिसके बाद निगम ने गिराने का काम शुरू कर दिया था. परिणामस्वरूप, निवासियों ने राहत के लिए अदालत का रुख किया. इस बीच, कलकत्ता उच्च न्यायालय ने उक्त अवैध निर्माण को गिराने के नोटिसों पर रोक लगा दी है.







