PM मोदी से कैप्टन स्मित की भावुक बातचीत! ‘हनुमान चालीसा’ ने दी ताकत, सुनाई पूरी कहानी
Captain Smit Machchhar: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार, 2 अक्टूबर 2026 को फ्लाईदुबई के भारतीय पायलट कैप्टन स्मित मच्छार से फोन पर बातचीत की। दुबई से तेल अवीव जा रही फ्लाइट में को-पायलट के कथित हमले के दौरान गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद कैप्टन मच्छार ने कॉकपिट का दरवाजा खोलने में अहम भूमिका निभाई। इसके बाद यात्रियों और अन्य क्रू सदस्यों ने हमलावर को काबू किया और विमान को सुरक्षित रूप से सऊदी अरब के तबुक में उतारा गया। इस घटना में विमान में सवार करीब 180 लोगों की जान बची।
प्रधानमंत्री मोदी ने कैप्टन मच्छार की बहादुरी की सराहना की और उनके जल्द स्वस्थ होने की कामना की। बातचीत के दौरान कैप्टन ने उस भयावह घटना के बारे में प्रधानमंत्री को बताया और यह भी साझा किया कि मुश्किल घड़ी में उन्हें किस चीज से हिम्मत मिली।
‘मुश्किल वक्त में हनुमानजी को याद करता हूं’

पीएम मोदी से बातचीत के दौरान कैप्टन स्मित मच्छार ने बताया कि मुश्किल परिस्थितियों में वह हनुमानजी को याद करते हैं और हनुमान चालीसा का पाठ करते हैं। उनके मुताबिक, फ्लाइट के दौरान भी वह हनुमान चालीसा पढ़ रहे थे।
कैप्टन ने प्रधानमंत्री से कहा कि उस वक्त उनके मन में सिर्फ यही था कि किसी भी कीमत पर किसी यात्री को नुकसान नहीं होने देना है।
प्रधानमंत्री मोदी ने उनकी बहादुरी की तारीफ करते हुए कहा कि पूरा देश उनके साहस पर गर्व करता है। उन्होंने यह भी कहा कि भारतीयों की पहचान दूसरों की जान बचाने और मानवता की रक्षा करने से है।
पीएम मोदी ने कैप्टन की मां का भी किया जिक्र
बातचीत के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने कैप्टन स्मित की मां गीताबेन का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि माता-पिता द्वारा दिए गए संस्कार और भगवद्गीता की सीख ने उनके व्यक्तित्व को मजबूत बनाया है।
इससे पहले प्रधानमंत्री ने कैप्टन के परिवार से भी बात की थी और उनके स्वास्थ्य की जानकारी ली थी। पीएम मोदी ने कैप्टन के पिता भूपेंद्रभाई, मां गीताबेन और पत्नी सोनलबेन से बातचीत का भी उल्लेख किया।
यूएई में चल रहा इलाज, हालत स्थिर
संयुक्त अरब अमीरात में भारत के राजदूत दीपक मित्तल ने अस्पताल जाकर कैप्टन स्मित मच्छार और उनके परिवार से मुलाकात की। राजदूत के मुताबिक, कैप्टन की हालत स्थिर है और उनका इलाज अच्छी तरह चल रहा है।
उन्होंने बताया कि कैप्टन बातचीत कर रहे हैं और उनका मनोबल भी ऊंचा है। राजदूत के अनुसार, भारतीय दूतावास लगातार कैप्टन और उनके परिवार के संपर्क में है।
हवा में क्या हुआ था?

30 सितंबर को फ्लाईदुबई की फ्लाइट दुबई से तेल अवीव के लिए रवाना हुई थी। उड़ान के दौरान कॉकपिट में कैप्टन स्मित मच्छार और उनके को-पायलट के बीच हिंसक घटना हुई। रिपोर्टों के अनुसार, ओमानी को-पायलट ने कैप्टन पर हमला किया और विमान को खतरे में डालने की कोशिश की।
हमले में गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद कैप्टन मच्छार ने कॉकपिट का दरवाजा खोल दिया। इसके बाद यात्रियों और विमान में मौजूद अन्य लोगों ने हस्तक्षेप किया। दो ऑफ-ड्यूटी पायलटों ने भी विमान को संभालने में मदद की। विमान को बाद में सऊदी अरब के तबुक में आपातकालीन लैंडिंग कराई गई।
घटना की जांच सऊदी अरब, यूएई और इजराइल समेत संबंधित एजेंसियां कर रही हैं। हमले के मकसद और को-पायलट की मंशा को लेकर जांच जारी है।
सामने आया फ्लाइट के अंदर का नया वीडियो
इस बीच इजराइली मीडिया चैनल Channel 12 द्वारा प्रसारित नए वीडियो ने घटना के बाद विमान के अंदर के हालात की तस्वीर सामने रखी है। वीडियो में यात्रियों को घबराहट में चिल्लाते हुए सुना जा सकता है। कुछ लोग कॉकपिट की ओर इशारा करते हुए हमलावर को बाहर निकालने की बात कहते हैं, जबकि अन्य यात्रियों को अपनी सीटों पर बैठने के लिए कहा जा रहा है।
वीडियो में एक व्यक्ति डॉक्टर के बारे में पूछता हुआ दिखाई देता है। इसके बाद इजराइली डेंटिस्ट डॉ. शोता मुसायेव विमान के अगले हिस्से की ओर जाते हैं और घायल व्यक्ति की मदद करते हैं।
फुटेज के एक हिस्से में कैप्टन स्मित मच्छार कॉकपिट के बाहर घायल अवस्था में दिखाई देते हैं। वह बताते हैं कि को-पायलट ने उन्हें कई बार मारा। वह अपने घायल हाथ को हिला पा रहे थे, लेकिन उसे पूरी तरह बंद नहीं कर पा रहे थे।
‘पूरे देश को आप पर गर्व है’
इस घटना के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ-साथ इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने भी कैप्टन स्मित मच्छार के साहस की सार्वजनिक रूप से सराहना की है। नेतन्याहू ने उन्हें हीरो बताया था।
कैप्टन मच्छार की बहादुरी इसलिए भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है क्योंकि गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद उन्होंने कॉकपिट का दरवाजा खोलने में सफलता हासिल की, जिससे यात्रियों और अन्य लोगों को हस्तक्षेप करने का मौका मिला। विमान सुरक्षित रूप से सऊदी अरब में उतर गया और सभी यात्रियों को बाद में सुरक्षित निकाला गया।
कैप्टन स्मित मच्छार की कहानी अब सिर्फ एक विमान हादसे से बचने की कहानी नहीं रह गई है, बल्कि संकट की घड़ी में धैर्य, जिम्मेदारी और साहस की मिसाल के तौर पर सामने आई है।







