4 साल के लंबे समय के बाद दिशा सालियान मौत मामले में बड़ा मोड़, बॉम्बे HC ने CBI जांच का दिया आदेश
Disha Salian Death Case Hearing: बॉलीवुड से जुड़ी पूर्व सेलिब्रिटी मैनेजर दिशा सालियान की मौत के मामले में करीब छह साल बाद एक बार फिर जांच का रास्ता खुल गया है। बॉम्बे हाईकोर्ट ने मामले की जांच केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) को सौंपने का निर्देश दिया है। न्यायमूर्ति सारंग कोटवाल और न्यायमूर्ति रंजीतसिंह राजा भोसले की पीठ ने मामले की सुनवाई करते हुए CBI को औपचारिक रूप से FIR दर्ज कर जांच शुरू करने का आदेश दिया।
कोर्ट के इस आदेश के बाद 2020 में हुई दिशा सालियान की मौत से जुड़े घटनाक्रम की नए सिरे से जांच की जाएगी। हालांकि, FIR दर्ज करने या CBI जांच का आदेश अपने आप में किसी व्यक्ति के दोषी होने का निष्कर्ष नहीं है। किसी भी आरोप की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।
पिता सतीश सालियान की याचिका पर फैसला
बॉम्बे हाईकोर्ट का यह आदेश दिशा सालियान के पिता सतीश सालियान की ओर से दायर याचिका पर आया है। उन्होंने अपनी बेटी की मौत की परिस्थितियों और तत्कालीन जांच को लेकर सवाल उठाते हुए मामले की स्वतंत्र जांच की मांग की थी।
याचिका में सतीश सालियान ने दावा किया था कि उनकी बेटी की मौत आत्महत्या नहीं थी, बल्कि इसके पीछे आपराधिक साजिश हो सकती है। उन्होंने मामले की जांच CBI से कराने और कुछ लोगों के खिलाफ FIR दर्ज करने की मांग की थी।
अदालत ने CBI को सबसे पहले सतीश सालियान का बयान दर्ज करने का निर्देश दिया है। साथ ही याचिकाकर्ता को यह स्वतंत्रता दी गई है कि यदि वह जांच एजेंसी की अंतिम रिपोर्ट या निष्कर्ष से संतुष्ट नहीं होते हैं, तो उसे अदालत के समक्ष चुनौती दे सकते हैं।
8 जून 2020 को हुई थी दिशा सालियान की मौत
दिशा सालियान की मौत 8 जून 2020 को मुंबई के मालाड इलाके में स्थित एक बहुमंजिला इमारत से गिरने के बाद हुई थी। वह इमारत की 14वीं मंजिल से नीचे गिरी थीं। घटना के बाद स्थानीय पुलिस ने मामले में एक्सीडेंटल डेथ रिपोर्ट (ADR) दर्ज कर जांच शुरू की थी।
तत्कालीन पुलिस जांच में दिशा की मौत को आत्महत्या माना गया था। हालांकि, उनके पिता ने पुलिस की इस थ्योरी पर सवाल उठाते हुए दावा किया कि घटना के पीछे कुछ और कारण हो सकते हैं।
पिता ने लगाए गंभीर आरोप
सतीश सालियान ने अपनी याचिका में आरोप लगाया कि उनकी बेटी की मौत से पहले उसके साथ गंभीर अपराध हुआ था और बाद में उसकी हत्या कर दी गई। उन्होंने मामले में सामूहिक दुष्कर्म और हत्या की आशंका जताई थी।
हालांकि, ये आरोप याचिकाकर्ता की ओर से लगाए गए दावे हैं और इनकी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। अब CBI की जांच में इन आरोपों समेत मामले से जुड़े अन्य पहलुओं की पड़ताल की जाएगी।
आदित्य ठाकरे के खिलाफ भी FIR की मांग
सतीश सालियान ने अपनी याचिका में शिवसेना नेता आदित्य ठाकरे के खिलाफ भी FIR दर्ज करने की मांग की थी। याचिका में उन्होंने कुछ प्रभावशाली लोगों को बचाने और सबूतों को कथित तौर पर छिपाने का आरोप लगाया था।
इन आरोपों को भी फिलहाल आरोपों के रूप में ही देखा जा रहा है। CBI जांच के दौरान सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर ही आगे की कानूनी कार्रवाई की स्थिति स्पष्ट होगी।
पुरानी जांच पर उठते रहे हैं सवाल
दिशा सालियान की मौत के बाद पुलिस ने प्राथमिक जांच और पूछताछ के आधार पर इसे आत्महत्या माना था। हालांकि, समय-समय पर इस मामले को लेकर सवाल उठते रहे और उनके परिवार की ओर से भी स्वतंत्र जांच की मांग की गई।
पिता की याचिका में तत्कालीन जांच की निष्पक्षता पर सवाल उठाए गए थे। अब हाईकोर्ट के CBI जांच के आदेश के बाद एजेंसी को मामले से जुड़े उपलब्ध दस्तावेज, पूर्व जांच के रिकॉर्ड और अन्य साक्ष्यों की जांच करनी होगी।
CBI की जांच से क्या बदलेगा?
हाईकोर्ट के निर्देश के बाद CBI मामले में FIR दर्ज कर जांच आगे बढ़ाएगी। एजेंसी घटनास्थल, उपलब्ध साक्ष्यों, पुराने जांच रिकॉर्ड और संबंधित लोगों के बयानों की समीक्षा कर सकती है।
जांच के दौरान यदि नए तथ्य सामने आते हैं तो उनके आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा सकती है। वहीं, यदि आरोपों की पुष्टि नहीं होती है, तो जांच एजेंसी अपनी अंतिम रिपोर्ट में इसका उल्लेख करेगी।
दिशा सालियान की मौत का मामला लंबे समय से सार्वजनिक और राजनीतिक बहस का हिस्सा रहा है। अब CBI जांच के बाद यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि एजेंसी की पड़ताल में मौत की वास्तविक परिस्थितियों को लेकर क्या तथ्य सामने आते हैं।







