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ठगी के Eco-System को खत्म करने के लिए सरकार ने उठाया बड़ा कदम, अमित शाह ने नई साइबर क्राइम ब्रांच और I4C के S4C डैशबोर्ड का किया उद्घाटन...

Amit Shah Inaugurated: गृह मंत्री अमित शाह ब्यूरो की नई साइबर अपराध शाखा का उद्घाटन किया. साथ ही भारतीय साइबर अपराध समन्वय केंद्र के राज्य साइबर अपराध समन्वय केंद्र डैशबोर्ड का भी शुभारंभ किया.
 
Amit Shah

Cyber Scam: अब साइबर स्कैम करने वालों की खैर नहीं है. ठगी के ईकोसिस्टम को खत्म करने के लिए सरकार ने बड़ा कदम उठाया है. केंद्रीय केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने सीबीआई की नई साइबर क्राइम ब्रांच का उद्घाटन किया.

उन्होंने I4C (इंडियन साइबर क्राइम कोऑर्डिनेशन सेंटर) के S4C डैशबोर्ड को लॉन्च भी किया. इस मौके पर उन्होंने कहा, सबसे पहले में सीबीआई और I4C को बधाई देता हूं.

साइबर धोखाधड़ी से निपटने और उनके तंत्र को नष्ट करने पर दो दिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन का आयोजन सीबीआई द्वारा गृह मंत्रालय के भारतीय साइबर अपराध समन्वय केंद्र (आई4सी) के सहयोग से 10 और 11 फरवरी, 2026 को नई दिल्ली के भारत मंडपम में किया गया.

अमित शाह ने कहा, ये ऐसी यूनिट है जिसमें कई अलग-अलग विभाग और यूनिट एक प्लेटफॉर्म पर साइबर क्राइम को रोकने के लिए प्रयास कर रहे हैं. सभी के प्रयास एक ही दिशा में हैं.

तभी इच्छित परिणाम मिलते हैं. 11 साल में हमारी जो डिजिटल यात्रा है, उसमें साइबर सिक्योरिटी सबसे ज़्यादा जरूरी है. इसलिए ग्यारह साल की डिजिटल यात्रा को समझना पड़ेगा.

उन्होंने कहा कि पहले 25 हजार यूज़र्स थे, जो अब 100 करोड़ पार कर चुके हैं. 1 GB डेटा का रेट 97 प्रतिशत कम हुआ है. दुनिया में हर दूसरा डिजिटल ट्रांसजेक्शन भारत में हो रहा है. जिन्हें हमें सुरक्षित करना है, 97 करोड़ से अधिक जनधन खाते हैं.

साइबर सिक्योरिटी अब हमारे देश के संगठनों के डेटा से भी जुड़ी है, जिसे चुराकर हमारे देश के दुश्मनों को बेचने की कोशिश हो रही है. अमित शाह ने कहा, 20 हजार करोड़ रुपये के बैंक फ्रॉड में से 8 हज़ार करोड़ रुपये हमने फ्रीज़ किए हैं.

12 लाख सिम कार्ड रद्द करवाने का काम हमने किया है. 2025 तक 20 हजार 853 अपराधी पकड़े गए हैं. साइबर सिक्योरिटी अब देश की सुरक्षा के साथ जुड़ी है. हमारा डेटा देश के दुश्मनों को भी बेचने का काम हो रहा है. हमें इसे बचाना है.

गृह मंत्री ने कहा, 30 नवंबर 2025 तक 23 लाख 61 हजार साइबर शिकायतें आईं. एक मामला 20 हजार करोड़ के फ्रॉड का था, उसमें हमने 8 हजार करोड़ रुपए फ्रिज किए हैं. दिसंबर 2025 तक 12 लाख सिम कार्ड ब्लॉक किए गए हैं.

आज के दौर में म्यूल अकाउंट सर्विस की तरह खरीदे और बेचे जाते हैं. आरबीआई और गृह मंत्रालय ने मिलकर जो म्यूल अकाउंट हंटर ऐप बनाया है, उसे सभी प्राइवेट और सरकारी बैंको को अडॉप्ट करना चाहिए.

उन्होंने कहा, 1930 को इफेक्टिव बनाना, रिस्पांस टाइम बेहद कम करना, विदेशी के मौजूद कॉल सेंटर की पहचान करना अब प्राथमिकता होनी चाहिए. 1 घंटे में करीब 100 लोग साइबर अपराध के शिकार होते हैं. इसकी जांच करने की गति हमने बढ़ाई है.

डिजिटल ट्रांजेक्शन के साथ रिस्क भी बढ़ा है. शाह ने स्टेट पुलिस से कहा कि अगर 1930 पर कोई कॉल करता है और इमरजेंसी में कोई कॉल रिसीव नहीं करता है टाइम पर और पीड़ित का पैसा तब तक चला जाता है तो 1930 की इमेज खराब होती है.

अमित शाह ने कहा, अब तक I4C में 795 संस्थान जुड़ चुके हैं. सभी संस्थान मिलकर काम करेंगे तो अच्छा रहेगा. 5 साल के बाद देख रहा हूं. अगर पर्याप्त कदम नहीं उठाए तो साइबर क्राइम नहीं क्राइसेज बन जाएगा.

बैंको की दिलचस्पी एनपीए कम करने में रहती है, होनी भी चाहिए लेकिन कस्टमर सर्विस का भी ध्यान दें. 30 नवंबर 2025 तक 23 करोड़ से ज़्यादा साइबर शिकायतें रिसीव हुईं, जिसमें एक लाख पचासी हजार एफआईआर दर्ज हुई हैं.

उन्होंने कहा, साइबर फ्रॉड की आठ हजार करोड़ से ज़्यादा की रकम बरामद की जा चुकी है. बीस हजार से ज़्यादा साइबर अपराधी पकड़े गए हैं. हमें रिस्क कम करने के लिए साइबर अपराध का मुक़ाबला करने के लिए और तेज़ी लानी चाहिए.

म्यूल अकाउंट की ख़रीद फरोख्त लोन वुल्फ़ से आगे बढ़कर संगठित अपराध है. पीड़ित से सीबीआई, एनआईए को संवाद करना चाहिए और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर साझा तंत्र बनाना चाहिए.