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सरकार और CJP के बीच बातचीत का दावा, जेपी नड्डा से मुलाकात के बाद क्या बनी सहमति?

New Delhi: संगठन के प्रतिनिधियों का कहना है कि उनकी केंद्रीय मंत्री एवं भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा के साथ बैठक हुई, जिसमें छात्रों की मांगों और आंदोलन से जुड़े मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की गई.
 
cjp meets jp nadda

New Delhi: संसद मार्च और विरोध प्रदर्शनों के बीच CJP (छात्र संगठन) ने बड़ा दावा किया है कि सरकार ने उन्हें बातचीत के लिए आमंत्रित किया था. संगठन के प्रतिनिधियों का कहना है कि उनकी केंद्रीय मंत्री एवं भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा के साथ बैठक हुई, जिसमें छात्रों की मांगों और आंदोलन से जुड़े मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की गई.

सौरव दास और आशुतोष रांका

सीजेपी प्रवक्ता सौरव दास ने दावा किया है कि उनकी केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा से मुलाक़ात हुई है और उन्होंने आश्वासन दिलाया है कि वो इस पर बात करेंगे.

हालांकि, केंद्र सरकार की ओर से अभी तक इस पर कोई सार्वजनिक बयान सामने नहीं आया है.

सीजेपी बीते महीने से जंतर-मंतर पर शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफ़े को लेकर प्रदर्शन कर रही है. इस विरोध प्रदर्शन के दौरान लद्दाख़ के सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक भूख हड़ताल पर थे.

सोनम 23 दिनों से भूख हड़ताल पर हैं और शनिवार 18 जुलाई को दिल्ली पुलिस ने उन्हें जंतर-मंतर से उठाकर सफ़दरजंग अस्पताल में भर्ती करा दिया था.

सीजेपी के प्रवक्ता सौरव दास ने सोमवार दोपहर 12 बजे के क़रीब एक्स पर पोस्ट कर दावा किया कि उन्हें केंद्र सरकार ने बातचीत के लिए बुलाया है.

एक्स पोस्ट में सौरव दास ने लिखा, "11:52 बजे आशुतोष रांका और मैं कॉकरोच जनता पार्टी की ओर से जेपी नड्डा से मिलने जा रहे हैं. सुबह सरकार ने हमसे बातचीत के लिए संपर्क साधा था. हमारी मांगें साफ़ है. भारी संख्या में युवा जमा हुआ है. हमारी जीत होगी."

इसके बाद दोपहर ढाई बजे सौरव दास ने दोबारा एक्स पर पोस्ट किया.

वहीं, सरकार की ओर से इस बैठक को लेकर अब तक कोई विस्तृत आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है. सूत्रों के अनुसार, सरकार आंदोलन को शांतिपूर्ण ढंग से समाप्त करने और संवाद के जरिए समाधान निकालने की कोशिश कर रही है.

इस बीच, संसद मार्च को देखते हुए राजधानी दिल्ली में सुरक्षा व्यवस्था पहले से अधिक कड़ी कर दी गई है. संसद भवन और आसपास के संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त पुलिस बल और अर्धसैनिक बलों की तैनाती की गई है. कई मार्गों पर बैरिकेडिंग की गई है और यातायात को डायवर्ट किया गया है ताकि कानून-व्यवस्था बनी रहे.

CJP का कहना है कि यदि सरकार उनकी मांगों पर सकारात्मक और ठोस निर्णय लेती है तो आगे की रणनीति पर विचार किया जाएगा. फिलहाल आंदोलन जारी है और संगठन ने अपने समर्थकों से शांतिपूर्ण तरीके से विरोध प्रदर्शन करने की अपील की है.